चंडीगढ़, 16 अप्रैल - हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बंगाली समुदाय से आह्वान करते हुए कहा कि वे हरियाणा में सभी क्षेत्रों में हो रहे तीव्र एवं समग्र विकास के बारे समझे और उससे प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि बंगाली समुदाय, जो अपनी कड़ी मेहनत, बुद्धिमत्ता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, उसे हरियाणा प्रदेश की विकास यात्रा से सीख लेते हुए निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
माननीय राज्यपाल चंडीगढ़ स्थित बंगा भवन में बंगाली नववर्ष के अवसर पर ‘बांगीय सांस्कृतिक सम्मिलनी’ द्वारा आयोजित पोहेला बोइशाख समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष भी उपस्थित थीं।
बंगाली लोक कला एवं लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में ‘बांगीय सांस्कृतिक सम्मिलनी’ की भूमिका की सराहना करते हुए माननीय राज्यपाल ने हरियाणा की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाणा खेलों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और तेज़ी से शिक्षा तथा उद्योग के केंद्र के रूप में उभर रहा है। अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों और उद्योगों की उपस्थिति के साथ, राज्य जीएसटी संग्रह और प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी अग्रणी है। इस प्रगति के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने बंगाली समुदाय को प्रेरित किया कि वे अपनी आकांक्षाओं को राज्य के विकास की गति के साथ जोड़कर आगे बढ़ें।
पोहेला बोइशाख के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने डॉ. अमित भट्टाचर्जी के उन प्रयासों की सराहना की, जिनके माध्यम से उन्होंने विलुप्तप्राय लोक नाट्य कला ‘जात्रा - सोनाई दीघी’ का पुनर्जीवन किया है। उन्होंने इस पारंपरिक कला के संरक्षण एवं संवर्धन में ‘बांगीय सांस्कृतिक सम्मिलनी’ के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि यह संस्था बंगाली संस्कृति को जीवंत बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि यहाँ बंगाली त्योहारों और रीति-रिवाजों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर सम्मिलनी के सदस्यों द्वारा आकर्षक पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री विजय कुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के एडीसी स्क्वाड्रन लीडर पी. भरत, राज्यपाल के निजी सचिव श्री शंख चटर्जी, बंगा भवन के महासचिव कर्नल दीपक दे, डॉ. अमित भट्टाचर्जी और बांगीय सांस्कृतिक सम्मिलनी के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।