सोलन-दिनांक 10.05.2026

त्रुटिरहित व निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण आवश्यक - मनमोहन शर्मा
नगर निगम सोलन के निर्वाचन के दृष्टिगत द्वितीय चरण का पूर्वाभ्यास सम्पन्न


ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि नगर निकाय निर्वाचन-2026 को शांतिपूर्ण, पारदर्शी व बिना किसी विवाद के पूर्ण करने में नियुक्त पीठासीन अधिकारी, सेक्टर अधिकारी व पोलिंग अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान है।
मनमोहन शर्मा आज यहां नगर निगम सोलन के सभी 17 वार्डों के चुनावों के लिए द्वितीय चरण के पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन को पूर्ण करने के लिए प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से आग्रह किया कि पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण में बताई गई जानकारी और उपायों को आत्मसात करें और कोई भी गलती करने से बचें ताकि त्रुटिरहित निर्वाचन सम्पन्न किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पीठासीन अधिकारी, सेक्टर ऑफिसर, पोलिंग ऑफिसर के रिश्तेदार निर्वाचन के लिए खड़े है तथा ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति उसी वार्ड में हो जाती है तो इसकी सूचना उच्च स्तर पर शीघ्र देना सुनिश्चित करें ताकि उनकी ड्यूटी को समय पर बदला जा सके।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के 17 वार्डों के लिए 54 निर्वाचन दलों के 216 अधिकारियों एवं कर्मचारयिों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान, मास्टर ट्रेनर व प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारी व कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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आदर्श आचार संहिता की अनुपालना सुनिश्चित बनाएं सभी उम्मीदवार - मनमोहन शर्मा

ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने शहरी एवं पंचायती राज निकाय-2026 के दृष्टिगत सभी उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि आदर्श आचार संहिता की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित बनाएं।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि पारदर्शी एवं त्रुटिरहित निर्वाचन स्वास्थ्य लोकतंत्र का महत्वपूर्ण अंग है और इस दिशा में उम्मीदवारों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता की अनुपालना के लिए प्रचार, पोस्टर, झण्डों, सूचना पत्रों, होर्डिंग इत्यादि के उपयोग, बैठकों और निर्वाचन व्यय के विषय में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इनकी अनुपालना आवश्यक है।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुसार किसी भी दल या उम्मीदवार या उनके समर्थकों अथवा अनुयायियों द्वारा किसी निजी या सार्वजनिक सम्पत्ति पर बिना अनुमति झण्डे, सूचना पत्र अथवा पोस्टर नहीं चिपकाए जाएंगे एवं नारे इत्यादि नहीं लिखे जाएंगे। अवहेलना पर हिमाचल प्रदेश खुले स्थान (विदरूपिता निवारण) अधिनियम 1985 के अन्तर्गत कार्रवाई की जा सकती है। निर्वाचन प्रचार के दौरान प्लास्टिक से बनी निर्वाचन सामग्री का प्रयोग करने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवारों के लिए आवश्यक है कि वह निर्वाचन परिणाम के एक सप्ताह के भीतर अपने पोस्टर एवं सूचना पत्र तथा झण्डे आदि हटाएं एवं उन्हें नष्ट करें।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि लाउड स्पीकर केवल प्रातः 9.00 बजे से सांय 7.00 बजे तक अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित इससे भी कम समय के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री नहीं दर्शायी अथवा सुनाई जा सकेगी। मुद्रक व प्रकाशक के नाम व पते के बिना कोई भी पोस्टर, पेंफलेट, पत्रक एवं परिपत्र अथवा विज्ञापन नहीं छापा जा सकेगा।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि नियमानुसार ज़िला परिषद सदस्य के लिए व्यय सीमा 01 लाख रुपए, नगर निगम पार्षद के लिए व्यय सीमा 01 लाख रुपए, नगर परिषद सदस्य के लिए 75 हजार रुपए तथा नगर पंचायत सदस्य के लिए 50 हजार रुपए निर्धारित की गई है। व्यय का पूर्ण लेखा-जोखा रखना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को निर्वाचन परिणाम की घोषणा के 30 दिनों के भीतर सम्बन्धित नियमों के अंतर्गत व्यय का सही लेखा निर्धारित प्रपत्र पर निर्धारित प्राधिकारी को प्रस्तुत करना होगा।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का पालन कर पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया को पूर्ण रूप से सफल बनाया जा सकता है।