10 सितंबर तक बंद रहेगी झरेड़ी-सनाही-भारयाल हरमसंदा, जोल सप्पड़ सड़क
हमीरपुर 13 अगस्त। नादौन उपमंडल के अंतर्गत झरेड़ी-सनाही-तेलकड़, भारयाल, हरमसंदा, जोल सप्पड़ सड़क पर कंक्रीट पेवमेंट लगाने के कार्य के चलते इस सड़क पर यातायात 10 सितंबर तक बंद किया गया है।
इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि झरेड़ी-सनाही-तेलकड़, भारयाल, हरमसंदा, जोल सप्पड़ सड़क के कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने के लिए इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही 10 सितंबर तक बंद की गई है। इस दौरान क्षेत्र के वाहन चालक कांगू-रंगस सड़क या मटौर-शिमला नेशनल हाईवे को वैकल्पिक रूट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने सभी वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है।
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उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बच्चों के पोषण पर महिलाओं से लिया फीडबैकरागी पाउडर के उपयोग एवं बच्चों के पोषण को लेकर माताओं के साथ संवाद सत्र आयोजित भोरंज, 13 अगस्त। छोटे बच्चों में कुपोषण को रोकने और उनका सही पोषण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की विशेष पहल के अंतर्गत भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर आरंभ किए गए न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम की प्रगति एवं इसके बारे में फीडबैक प्राप्त करने के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने वीरवार को यहां मिनी सचिवालय में महिलाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में छोटे बच्चों की माताओं सहित कुल 55 महिलाओं ने भाग लिया।इस अवसर पर गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) अभियान के तहत भोरंज में छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी के पाउडर का वितरण आरंभ किया गया है।इन बच्चों की माताओं से रागी पाउडर के उपयोग, बच्चों की प्रतिक्रिया, प्राप्त अनुभवों एवं सुझावों के मद्देनजर ही यह संवाद सत्र आयोजित किया जा रहा है।इस दौरान कई माताओं ने रागी पाउडर के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बच्चों के पोषण में इसके उपयोग को जारी रखने पर सहमति जताई।उपायुक्त ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के अधिक से अधिक प्रयोग तथा अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। साथ में उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित होम विजिट करने तथा रागी पाउडर से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने रागी पाउडर के उपयोग, बच्चों की प्रतिक्रिया तथा माताओं से प्राप्त फीडबैक पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।एसडीएम भोरंज शशि पाल शर्मा ने उपायुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रागी पाउडर से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोरंज का चयन किया जाना बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इस पहल के लिए जिला प्रशासन का धन्यवाद किया।
संवाद सत्र में बाल विकास परियोजना अधिकारी सुजानपुर कुलदीप चौहान, बाल विकास परियोजना अधिकारी भोरंज सुनील कुमार, तहसीलदार भोरंज डॉ आशीष शर्मा,परियोजना भोरंज के सभी वृत्त पर्यवेक्षक, नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं भी उपस्थित रहीं