अंग्रेजों से भी ज्यादा अत्याचार कर रही भाजपा सरकार – दुष्यंत चौटाला
सीएम साहब, आपकी सरकार ने न्याय मांगने वालों पर अंग्रेजों से भी ज्यादा बर्बरता क्यों की ? - दुष्यंत चौटाला
यह कैसा आजादी दिवस ?, भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था संभालने वाला एसपी ही कर रहा पत्थरबाजी - दुष्यंत चौटाला
चंडीगढ़, 16 अगस्त। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने स्वतंत्रता दिवस के दिन हांसी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीजार्च को बर्बरता करार देते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साहब, आपकी सरकार ने न्याय मांगने वालों पर अंग्रेजों से भी ज्यादा बर्बरता क्यूं की ? उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत से आजादी का मतलब ये था कि पुलिस की बर्बरता से आजादी, सरकार के शोषण से आजादी, अन्याय, अत्याचार और असमानता से आजादी, लेकिन जिस तरीके से हांसी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों व किसानों को लाठियों से पीटा गया है, वे बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश पर जो बर्बरता हांसी में लोगों पर की गई, उसे देखकर तो यही लगता है कि इस आजादी, देशभक्ति के इस पर्व स्वतंत्रता दिवस का कोई महत्व नहीं रह जाता। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आज भाजपा सरकार में प्रदेश की कानून व्यवस्था देख रही पुलिस अपराधियों को पकड़ने की बजाय न्याय मांग रहे आम लोगों पर ही लाठियां और पत्थर बरसाने में लगी हुई है।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, अत्याचार के मामले में आपकी सरकार तो अंग्रेजों से भी बहुत आगे निगल गई है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार से एक व्यक्ति की हत्या हुई है, उस परिवार द्वारा सरकार से जांच की मांग करने पर लाठियां बरसाने के आदेश तो अंग्रेजी सरकार भी नहीं देती थी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जात-धर्म और लाठियां, जहां सरकार की बुनियाद हो, क्या भगत सिंह ये चाहते थे कि उनका देश ऐसा आजाद हो ?
दुष्यंत चौटाला ने पुलिस की बर्बरता का जिक्र करते हुए कहा कि हांसी में डेयरी संचालक जीवन हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग कर रहे पीड़ित परिवार, किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई, जिसमें कई लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि हांसी एसपी ग्रामीणों पर पत्थर फैंक रहा है, सादी वर्दी में पुलिस वाला एके-47 लहराकर लोगों को धमका रहा हैं। महिलाओं को दुकान में बंधक बनाने के भी दृश्य सामने आए है। बुजुर्गों के सिर फोड़ कर उन्हें लहूलुहान किया गया। दुष्यंत चौटाला ने हैरानी जताते हुए कहा कि सरकार लाठीचार्ज की घटना की जांच करवाकर दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई करने की बजाय उल्टा न्याय की मांग कर रहे लोगों पर ही मुकदमे दर्ज करके उनकी आवाज दबाने में जुटी हुई है। दुष्यंत चौटाला ने मांग करते हुए कहा कि सरकार को आम लोगों पर लाठियां और पत्थर बरसाने वाले पुलिसवालों पर कार्रवाई करनी चाहिए और पीड़ित परिवार की मांगों को पूरा करते हुए उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।