20 अगस्त 2026
सदभावना दिवस पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ

हमीरपुर 20 अगस्त। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्म दिवस वीरवार को जिला हमीरपुर में भी सदभावना दिवस के रूप में मनाया गया। इस उपलक्ष्य पर जिला हमीरपुर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय सदभावना की शपथ ली।
उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में एडीसी अभिषेक गर्ग ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जाति, संप्रदाय, क्षेत्र, धर्म और भाषा इत्यादि का भेदभाव किए बिना देश की भावनात्मक एकता और सदभावना के लिए कार्य करने तथा सभी प्रकार के मतभेदों को सदैव आपसी बातचीत एवं संवैधानिक माध्यमों से ही सुलझाने की शपथ दिलाई।
जिला के अन्य कार्यालयों एवं संस्थानों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सदभावना की शपथ ली।
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आईएचएम हमीरपुर में मनाया गया एंटी-रैगिंग सप्ताह
12 से 18 अगस्त तक आयोजित की गई जागरुकता गतिविधियां

हमीरपुर 20 अगस्त। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैंनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन यानि होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) हमीरपुर में 12 से 18 अगस्त तक एंटी-रैगिंग सप्ताह मनाया गया। इस सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा संस्थान में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं रैगिंग-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत 12 अगस्त को एंटी-रैगिंग ओरिएंटेशन कार्यक्रम से हुई। इसके बाद 13 अगस्त को रैगिंग विरोधी नारा लेखन प्रतियोगिता, 14 अगस्त को ह्यूमन नॉट टीम-बिल्डिंग गतिविधि करवाई गई। 15 अगस्त को विद्यार्थियों एवं स्टाफ द्वारा एंटी-रैगिंग की शपथ ली गई, जिसमें सभी ने संस्थान को रैगिंग-मुक्त बनाए रखने तथा विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। 16 अगस्त को फ्रेशर्स तथा 17 अगस्त को वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए एंटी-रैगिंग जागरुकता डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, रैगिंग के गंभीर परिणामों तथा रैगिंग को रोकने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई।
एंटी-रैगिंग सप्ताह के अंतिम दिन 18 अगस्त को हमीरपुर के गांधी चौक पर एंटी-रैगिंग जागरुकता स्किट एवं जन-जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने प्रभावशाली स्किट के माध्यम से रैगिंग के दुष्परिणामों तथा आपसी सम्मान, भाईचारे और सहयोग की भावना का संदेश दिया।
इस अवसर पर हमीरपुर के एडीसी एवं आईएचएम के कार्यकारी प्रधानाचार्य अभिषेक गर्ग ने विद्यार्थियों को रैगिंग के गंभीर दुष्परिणामों एवं इसके प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से एक-दूसरे का सम्मान करने तथा संस्थान में सकारात्मक, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया। अभिषेक गर्ग ने कहा कि एंटी-रैगिंग सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में जागरुकता बढ़ाने के साथ-साथ यह संदेश दिया गया है कि शैक्षणिक संस्थान में रैगिंग के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि आईएचएम हमीरपुर अपने परिसर में सुरक्षित, अनुशासित, समावेशी एवं पूर्णतः रैगिंग-मुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि वर्ष 2011 में संस्थान की स्थापना से लेकर आज तक इसमें रैगिंग का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है, जो संस्थान के लिए गर्व की बात है।
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सफलता की कहानी 20 अगस्त 2026

आपदा के जख्मों को प्रदेश सरकार के पैकेज ने लगाया मरहम
सीएम के पैकेज ने फिर खड़े कर दिए आपदा में ध्वस्त हुए मकान
आपदा राहत पैकेज से भ्याड़ के करतार का मकान भी हो गया तैयार

हमीरपुर 20 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 और 2025 के दौरान कहर बरपाकर गई बरसात के गहरे जख्मों पर मरहम लगाने और पूरी तरह उजड़ चुके परिवारों को फिर से बसाने के लिए मुख्यमंत्री ने बेहद कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद विशेष आपदा राहत पैकेज जारी करके पूरे देश में एक अनुकर्णीय उदाहरण प्रस्तुत किया था और इसी पैकेज के कारण आज प्रदेश के हजारों परिवार न केवल आपदा से उबर चुके हैं, बल्कि उनके आशियाने भी फिर से बनकर तैयार हुए हैं।
वर्ष 2025 की बरसात जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के गांव भ्याड़ के करतार चंद के परिवार के लिए भी एक ऐसी भीषण आपदा लेकर आई कि पूरे परिवार को घनघोर अंधेरी रात में भारी बारिश के बीच जैसे-तैसे भागकर जान बचानी पड़ी और किसी दूसरे के घर में शरण लेनी पड़ी। सुबह लौटकर आए तो देखा कि मकान मलबे के ढेर में तबदील हो चुका था। मलबे के ढेर से थोड़ा-बहुत सामान निकालने के बाद करतार चंद और उनके परिजनों को रहने के लिए छत की तलाश थी। दिहाड़ी-मजदूरी से अपनी पत्नी, बेटे और बेटी का पालन-पोषण करने वाले करतार चंद को पुनर्वास की कोई भी उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
ऐसे हालात में प्रदेश सरकार का विशेष आपदा राहत पैकेज करतार चंद के परिवार के लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हुआ। इस पैकेज के तहत करतार चंद को न केवल फौरी राहत राशि और आवश्यक सामान मिला, बल्कि परिवार को किराये के मकान में रहने के लिए भी अलग से राशि मिली। इसके बाद मकान के पुनर्निर्माण के लिए भी सात लाख रुपये की राशि मंजूर हो गई। इस पैकेज की चार लाख रुपये की पहली किश्त और अपनी मेहनत की कमाई से करतार चंद ने मकान का निर्माण शुरू किया। कुछ महीनों में ही उनका मकान का ढांचा खड़ा हो गया। अब फीनिशिंग का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का बार-बार आभार व्यक्त करते हुए करतार चंद ने बताया कि अगर विशेष आपदा राहत पैकेज न होता तो उनके परिवार की न जाने क्या हालत होती? करतार चंद की बेटी सीमा देवी ने बताया कि आपदा के उस बुरे वक्त की याद करते हुए वे आज भी सिहर उठते हैं। लेकिन, विशेष आपदा राहत पैकेज के कारण आज उनके मकान का पुनर्निर्माण संभव हुआ है और उन्हें छत नसीब हुई है।