ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर नियमित निरीक्षण करें अधिकारी : उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल
लंबित एवं प्रगतिरत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा करने के दिये निर्देश
चम्बा, 29 अगस्त -उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने जिला के सभी विकासखंडों में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित एवं प्रगतिरत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में खंड विकास अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की नियमित निगरानी एवं मौके पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय पंचायतों की वास्तविक आवश्यकताओं एवं स्थानीय मांगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नए कार्य शुरू करने के बजाय पहले से लंबित एवं प्रगतिरत कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत विद्यालयों एवं अन्य सरकारी संस्थानों से संबंधित पात्र कार्यों को पंचायतों की कार्ययोजना में प्राथमिकता से शामिल करने को कहा। इनमें विद्यालयों तक पहुंच मार्ग, खेल मैदान, शौचालय, चारदीवारी, रास्तों एवं पुलियों की मरम्मत सहित स्थानीय आवश्यकता से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पात्र लाभार्थियों के चयन एवं सत्यापन में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक रूप से जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को ही मिलना चाहिए। पात्रता को लेकर किसी प्रकार का संदेह होने पर परिवार एवं आवास की स्थिति का मौके पर पुनः सत्यापन करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास पहले से पक्का आवास उपलब्ध है, वहां केवल परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर अलग आवास स्वीकृत करना उचित नहीं है। पंचायत स्तर पर पात्रता संबंधी तथ्यों की उचित जांच एवं लिखित पुष्टि सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत ग्राम पंचायतवार निरीक्षण कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि कार्यों की वास्तविक प्रगति, गुणवत्ता एवं उपयोगिता का मौके पर सत्यापन किया जाए। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों एवं कनिष्ठ अभियंताओं को निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी कार्य को पूर्ण दर्शाने से पहले उसकी जमीनी स्थिति का सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालय भवनों एवं अन्य सरकारी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। साथ ही ‘रंगों की पाठशाला’ तथा आपदा के बाद आवश्यकताओं के आकलन के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बड़े गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण एवं उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गैर-कार्यशील सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर शीघ्र कार्यशील बनाने को कहा।
उपायुक्त ने पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत उपलब्ध एवं व्यय की गई धनराशि की भी समीक्षा की तथा कम व्यय वाली पंचायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध धनराशि का नियमानुसार एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित शिकायतों एवं मामलों का नियमित रूप से निस्तारण करने को कहा तथा अधिकारियों को समीक्षा बैठकों की प्रतीक्षा किए बिना अपने स्तर पर योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों की वास्तविक सफलता उनकी संख्या में नहीं, बल्कि उनकी उपयोगिता, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता में है। उन्होंने अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, जिला विकास अधिकारी तिवेन्द्रर चौनेरिया, जिला योजना अधिकारी डॉ दिवेंद्र सिंह, बीडीओ चम्बा महेश चंद, बीडीओ मैहला बशिर खान, बीडीओ भाटियात अनिल गुराडा, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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सितंबर माह में आयोजित होगा ईट राइट मेला : उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल
सुरक्षित, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन के प्रति लोगों को जागरूक करना उद्देश्य
मिनी मैराथन, साइकिलिंग रेस, खेल प्रतियोगिताएं व शेफ प्रतियोगिता होंगी आयोजित
चंबा, 29 अगस्त-उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि जिला मुख्यालय के चौगान नंबर-1 में सितंबर माह में ईट राइट मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ, स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय एवं पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों को बढ़ावा देना है। उपायुक्त ने यह जानकारी मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि मेले में स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, व्यापार मंडल एवं होटल व्यवसायियों द्वारा चंबा के स्वास्थ्यवर्धक स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जिनमें स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित जानकारी तथा स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि मेले के दौरान मिनी मैराथन, साइकिलिंग रेस, म्यूजिकल चेयर, रस्साकशी, तम्बोला तथा बच्चों के लिए जंपिंग शो जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मिनी मैराथन चौगान नंबर-1 से सुबह 6 बजे शुरू होगी, जिसमें अंडर -18 और उससे उपर के पुरुष व महिला वर्ग भाग ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त योग अभ्यास भी करवाया जाएगा।
मेले में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता आयोजित कर विजेता शिशुओं एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित किया जाएगा। स्थानीय एवं पौष्टिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए शेफ प्रतियोगिता तथा होम रेसिपी प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। साथ ही चंबा की लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को मेले की तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारीयों द्वारा मेले के आयोजन को लेकर विभिन्न सुझाव भी दिये।
बैठक में कर्यवाही का संचालन आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक राजआनंद ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम चिराग शर्मा, उपनिदेश उच्च शिक्षा विकास महाजन, उपनिदेश कृषि डॉ भूपेंद्र सिंह, उद्यान डॉ प्रमोद शाह, जिला विकास अधिकारी तिवेन्द्रर चौनेरिया, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज पंकज गुप्ता, खंड विकास अधिकारी महेश चंद, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा व ओसड़ी उमाकांत सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों की उपायुक्त ने की समीक्षा
स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
चंबा, 29 अगस्त-उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत सुविधाओं व वित्तीय समावेशन से संबंधित जुलाई 2026 तक के प्रमुख संकेतकों तथा विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त को प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज और जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसवपूर्व जांच, गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण, हीमोग्लोबिन जांच तथा संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में निरंतर सुधार हुआ है। इस दौरान गंभीर एवं मध्यम तीव्र कुपोषण से प्रभावित बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उपनिदेशक उच्च शिक्षा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक से उच्च प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक विद्यार्थियों की संक्रमण दर में बेहतर प्रगति दर्ज की गई। विद्यालयों में छात्राओं के लिए कार्यशील शौचालयों की उपलब्धता 100 प्रतिशत है।
कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण एवं कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने के साथ किसानों को बेहतर बाजार सुविधाएं उपलब्ध करवाने से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय कारीगरों के उत्पादों के प्रचार-प्रसार, महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख संकेतकों की नियमित निगरानी करते हुए अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कम वजन जन्म दर, गंभीर एवं मध्यम तीव्र कुपोषण तथा संस्थागत प्रसव से संबंधित संकेतकों में कमी के कारणों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने को कहा।
उन्होंने उपनिदेशक उच्च शिक्षा तथा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा को मदरसों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर वहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के साथ उनके परिणाम धरातल पर सुनिश्चित करें।
बैठक में आकांक्षी विकासखंड तीसा के स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत सुविधाओं व वित्तीय समावेशन क्षेत्र से संबंधित प्रमुख संकेतकों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में कार्यवाही का संचालन जिला योजना अधिकारी डॉ. देविंदर सिंह ने किया।
इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा विकास महाजन, उपनिदेशक कृषि डॉ. भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक उद्यान डॉ. प्रमोद शाह, खंड विकास अधिकारी महेश ठाकुर, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केहर सिंह ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास कमल किशोर शर्मा, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज डॉ. पंकज गुप्ता व जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।