प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक, ग्रामीण युवाओं के लिए प्रशिक्षण का मजबूत मंच बना आरसेटी
युवाओं, महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने में पीएनबी आरसेटी की अहम पहल
अब तक 10620 महिलाओं एवं युवाओें को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार दिलाने में की सहायता
DHARAMSHALA,10.10.26-पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी) ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और महिलाआंे को उनकी रुचि और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार योग्य बनाना तथा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसी उद्देश्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति का गठन किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरत, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं तथा प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न योजनाओं एवं वित्तीय संस्थानों से जोड़ने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन और समन्वय किया जाता है।
पीएनबी आरसेटी के निदेशक मदन लाल ने बताया कि 2025-26 में आरसेटी द्वारा 30 प्रशिक्षण बैच आयोजित किए गए, जिनमें कुल 838 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वित्त वर्ष के लिए संस्थान का लक्ष्य 34 बैचों के माध्यम से 1000 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देने का है।
उन्होंने बताया कि आरसेटी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्थापना से लेकर अब तक कुल 394 प्रशिक्षण बैच आयोजित किए जा चुके हैं और इनमें 10620 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 7408 प्रशिक्षार्थियों का सेटलमेंट हुआ है, जो कुल प्रशिक्षार्थियों का 75 प्रतिशत है। संस्थान द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें 6428 प्रशिक्षार्थी स्वरोजगार से जुड़े हैं, जो कुल सेटलमेंट का 74 प्रतिशत है। वहीं 3175 प्रशिक्षार्थियों को क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध हुआ है।
ग्रामीण युवाओं की स्थानीय जरूरतों और स्वरोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान द्वारा कृषि, खाद्य एवं अन्य उत्पाद आधारित गतिविधियों तथा सेवा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें मशरूम कल्टीवेशन, जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर (लघु उद्यमी), जूट उत्पाद बनाने, मोमबत्ती बनाने, घरेलू अगरबत्ती निर्माण, कटिंग टेलरिंग, मोबाईल रिपेयर, कम्पयूटर टेली साॅफ्टवेयर, कृषि उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता तथा बैंक मित्र जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीकी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल, वित्तीय समझ और उद्यमिता संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाना भी है। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थी को रहने, खाने इत्यादि की व्यवस्था निःशुल्क रहती है।
आरसेटी की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को केवल प्रमाणपत्र देकर छोड़ने के बजाय उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार व्यवसायिक गतिविधियों का चयन, आवश्यक कौशल, वित्तीय साक्षरता तथा बैंकिंग सुविधाओं से जुड़ी जानकारी प्रदान की जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मशरूम उत्पादन, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर सेवाएं, अगरबत्ती निर्माण, जूट उत्पाद, कृषि आधारित उद्यम तथा बैंकिंग सेवाओं से संबंधित गतिविधियां कम लागत में शुरू की जा सकने वाली संभावित स्वरोजगार गतिविधियों के रूप में सामने आ रही हैं।
पीएनबी आरसेटी कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को अपनी क्षमता के अनुरूप व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलता है, जिससे वे स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
धर्मशाला के समीप सिद्धबाड़ी की सुनीता कुमारी ने पीएनबी आरसेटी से गहने डिजाइन करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने हुनर को स्वरोजगार का माध्यम बनाया और आज सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चला रही हैं। वहीं, डाढ़ की रेखा देवी ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना ब्यूटी पार्लर शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। जमानाबाद की प्रेम लता और सुदेशना कुमारी ने अगरबत्ती एवं धूप बनाने का प्रशिक्षण लेकर अपने गांव में महिला मंडल समूह के साथ मिलकर व्यवसाय शुरू किया है।
इन महिलाओं का कहना है कि पीएनबी आरसेटी द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने उन्हें अपने हुनर को पहचानने, उसे रोजगार में बदलने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करवाने के लिए पीएनबी आरसेटी का आभार व्यक्त किया।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि जिले में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेर्टी) के माध्यम से अब तक लगभग 10 हजार लोगों को विभिन्न स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा चुके हैं। हर वर्ष करीब 900 से 1,000 प्रशिक्षणार्थी संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
खुशी की बात यह है कि संस्थान की भूमिका केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक क्रेडिट लिंकेज तथा अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करवाने में भी संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका परिणाम है कि संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लगभग 75 प्रतिशत प्रशिक्षार्थी अपने घर या आसपास किसी न किसी स्वरोजगार अथवा रोजगार की गतिविधि से जुड़े हुए हैं।
संस्थान के माध्यम से टेलरिंग, अगरबत्ती एवं धूपबत्ती निर्माण, मशरूम उत्पादन सहित विभिन्न स्वरोजगारपरक गतिविधियों का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। संस्थान ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर कार्य कर रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्र के इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
आशा है कि आने वाले समय में भी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से जिला कांगड़ा के अधिक से अधिक इच्छुक युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण लोगों को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।