*डीसी जतिन लाल ने की एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की समीक्षा

*पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और राहत दिलाने पर जोर

ऊना, 28 सितंबर. उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने सोमवार को जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पीड़ितों को समयबद्ध न्याय, राहत और विधिक संरक्षण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जातीय भेदभाव की रोकथाम तथा पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दर्ज मामलों की जांच में तेजी लाने और न्यायालय में लंबित मामलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि इनके निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि 31 अगस्त, 2026 तक जिला ऊना में अधिनियम के तहत कुल 76 मामले दर्ज हैं। इनमें 11 मामले पुलिस जांच के स्तर पर हैं, जबकि 60 मामले न्यायालय में लंबित हैं। दो मामलों में अधिनियम की धाराएं खारिज की गई हैं तथा तीन मामलों का निर्णय हो चुका है।

उपायुक्त ने बताया कि अधिनियम के तहत पात्र पीड़ितों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार एक लाख रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है। यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र पीड़ितों को राहत राशि समय पर उपलब्ध करवाने के लिए मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित, तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर कुमार, डीएसपी ऊना हेमराज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान 1 अक्तूबर से, मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर रहेगा जोर

ऊना, 28 सितंबर। आमजन को विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान का प्रभावी माध्यम उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान का शुभारंभ 1 अक्तूबर, 2026 से किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी विशेष मध्यस्थता अभियान लंबित उपयुक्त मामलों के मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण निपटारे को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा। यह जानकारी ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने दी। उन्होंने बताया कि इसके तहत वैवाहिक मामले, जिनमें घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामले और आईपीसी की धारा 498ए/बीएनएस की धारा 85 के तहत मामले शामिल हैं। साथ ही, दुर्घटना दावा मामला, चेक बाउंस के मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद मामले, ऋण वसूली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, श्रम अधिनियम मामले सहित जैसी मामले शामिल रहेंगे।

सचिव ने बताया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की आर्बिट्रेशन, मेडिएशन एंड कॉन्सिलिएशन कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य आमजन में मध्यस्थता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उपयुक्त विवादों के समाधान के लिए आपसी सहमति और संवाद को प्रोत्साहित करना है।

शिखा लखनपाल ने बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान की ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें संबंधित पक्षकारों के बीच संवाद एवं सहमति के माध्यम से समाधान की संभावनाओं को तलाशा जाता है। ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान के माध्यम से इसी भावना को मजबूत करते हुए उपयुक्त लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा का हिमाचल की संस्कृति और संस्कृत के संरक्षण में अहम योगदान : मस्त राम

ऊना में आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा जयंती पर लेखक संगोष्ठी व कवि सम्मेलन

ऊना, 28 सितंबर. हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से सोमवार को लता मंगेशकर कला केंद्र, समूरकलां में आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। समारोह में आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा के साहित्य, संस्कृत भाषा और हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत में योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
हिमाचल संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव एवं संस्कृत विद्वान डॉ. मस्त राम ने कहा कि आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा का हिमाचल की संस्कृति तथा संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य दिवाकरदत्त का कार्य हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को समझने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
समारोह में राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश शर्मा ने ‘ज्योतिषशास्त्रे आचार्यदिवाकरदत्तस्यावदानम्’ विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। डॉ. मदन मोहन और जगत प्रकाश ने भी आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान पर अपने विचार रखे।
समारोह के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे साहित्यकारों शांति कुमार स्याल, डॉ. श्रीनाथधर द्विवेदी, कुंदन लाल, ओम कुमार शर्मा, कृष्ण लद्दाखी, कुलदीप शर्मा, अशोक कालिया, रामपाल, अलका चावला, ओंकार प्रसाद, डॉ. रत्न चंद रत्नाकर, बालकृष्ण सोनी तथा अकादमी सदस्य जाहिद अबरोल ने कविता पाठ किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. ओम दत्त सरोच ने की।
समारोह में आचार्य दिवाकरदत्त शर्मा के पौत्र एडवोकेट विरोचन शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. अमित कुमार सरोच ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के समापन पर जिला भाषा अधिकारी निक्कू राम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अकादमी के अनुसंधान अधिकारी स्वतंत्र कौशल, पुस्तकालयाध्यक्ष अनिल कुमार तथा रविंद्र कुमार भी उपस्थित रहे।
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नशा उन्मूलन और सड़क सुरक्षा को लेकर समन्वित प्रयासों को दें गति: एडीसी

एन-कॉर्ड एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित


ऊना, 28 सितंबर। जिला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। नशा उन्मूलन और सड़क सुरक्षा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त ऊना इशांत जसवाल ने आज डीआरडीए सभागार ऊना में एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर बढ़ाएं जागरूकता

एन-कॉर्ड समिति की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने विद्यालय स्तर पर नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि बच्चों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों एवं अन्य सकारात्मक माध्यमों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।

उन्होंने कहा कि नशे की ओर आकर्षित होने की संभावित स्थिति वाले बच्चों एवं युवाओं की समय रहते पहचान कर उनकी उचित काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे के विरुद्ध मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

मेडिकल स्टोरों की नियमित निगरानी के निर्देश

एडीसी ने ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस तथा संबंधित विभागों को मेडिकल स्टोर एवं केमिस्ट दुकानों का नियमित एवं औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं की बिक्री, उपलब्ध स्टॉक तथा संबंधित रिकॉर्ड की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि प्रतिबंधित एवं दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

स्कूल, कॉलेज व अस्पतालों के आसपास सड़क सुरक्षा को दें प्राथमिकता

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एडीसी ने मुख्य सड़क मार्गों पर स्थित स्कूलों, कॉलेजों एवं अस्पतालों के आसपास सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सांकेतिक चिह्न, यातायात प्रबंधन एवं अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों, मरीजों, राहगीरों तथा वाहन चालकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

उन्होंने पुलिस विभाग को शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि संस्थानों के बाहर अनावश्यक रूप से खड़े रहने अथवा बार-बार घूमने वाले वाहनों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

नो-पार्किंग एवं नो-वेंडिंग जोन में प्रभावी निगरानी के निर्देश

अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के प्रमुख बाजारों में चिन्हित नो-पार्किंग एवं नो-वेंडिंग जोन को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम, पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा नगर निकाय के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और आमजन को बेहतर एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके।

एडीसी ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस तथा लोक निर्माण विभाग को जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषणात्मक आंकड़ा तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसमें दुर्घटना स्थल, दुर्घटनाओं की संख्या, संभावित कारणों तथा अन्य संबंधित पहलुओं का विवरण शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक विश्लेषण करने से संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।

गोल्डन ऑवर में मदद करने वालों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

एडीसी ने गुड समैरिटन योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। उन्होंने लोगों से सड़क दुर्घटना के समय मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।

नशा मुक्त एवं सुरक्षित ऊना के लिए मिलकर करें प्रयास

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्त एवं सुरक्षित ऊना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों, सामाजिक संस्थाओं, युवाओं एवं आमजन के सहयोग से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों से अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए आपसी समन्वय को और मजबूत बनाने तथा जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण अभियानों को और गति देने का आह्वान किया।

बैठक में एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, डीएसपी ऊना हेमराज सहित परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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*प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर 29 को हरोली में समारोह*
सुप्रसिद्ध गायक गुरदास मान देंगे विशेष प्रस्तुति, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री होंगे मुख्य अतिथि
ऊना, 28 सितंबर.प्रख्यात शिक्षाविद् एवं समाजसेवी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती के अवसर पर मंगलवार, 29 सितंबर को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय, हरोली में समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में सुप्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरदास मान विशेष प्रस्तुति देंगे।
समारोह में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के जीवन, शिक्षा, शोध एवं सामाजिक सरोकारों में योगदान को याद किया जाएगा। महाविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ विभिन्न नाट्य दलों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
29 सितंबर, 1968 को मंडी में जन्मीं प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री ने शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की धर्मपत्नी के रूप में उनका हरोली क्षेत्र से गहरा आत्मीय जुड़ाव रहा और क्षेत्र के लोगों के साथ उनका सहज संबंध था। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में उन्होंने अध्यापन, शोध एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। जनजातीय सशक्तीकरण, लैंगिक समानता, स्थानीय शासन, मानव संसाधन विकास और ग्रामीण रोजगार जैसे विषय उनके शोध के प्रमुख क्षेत्र रहे।
प्रो. अग्निहोत्री ने अपने अकादमिक जीवन में अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध और अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। शिक्षा के साथ-साथ उनकी कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य में भी गहरी रुचि थी।
प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री का 9 फरवरी, 2024 को निधन हो गया। उनका जीवन शिक्षा, शोध, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और समाज के प्रति संवेदनशील सोच को समर्पित रहा। उनकी स्मृति और शैक्षणिक विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उनके नाम पर स्थापित महाविद्यालय कार्य कर रहा है।
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*मतदाता सूची पुनरीक्षण में आमजन को मिलेगी सुविधा, बीएलओ घर जाकर लेंगे आवश्यक दस्तावेज*
*उपायुक्त ने निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश*
ऊना, 28 सितंबर। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, शुद्ध एवं अद्यतन बनाने के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत अनमैप्ड अथवा तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस प्राप्त करने वाले नागरिकों को दस्तावेज जमा करवाने के लिए निर्वाचन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) स्वयं मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे तथा उन्हें ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने और पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के लिए बीएलओ स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा।
ऑनलाइन सुनवाई को दी जाएगी प्राथमिकता
उपायुक्त ने बताया कि असाधारण परिस्थितियों में ही ईआरओ के निर्णय के अनुसार सुनवाई आयोजित की जाएगी। ऐसी स्थिति में भी ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि नागरिकों को कार्यालयों में अनावश्यक रूप से उपस्थित न होना पड़े।
उन्होंने बताया कि यदि कोई मतदाता स्वयं सुनवाई में उपस्थित होने में सक्षम नहीं है, तो वह अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से अधिकृत कर सकता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, अस्वस्थ व्यक्तियों तथा अन्य जरूरतमंद मतदाताओं को सुविधा मिलेगी।
वंचित एवं बेघर वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था
उपायुक्त ने बताया कि रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, निर्धन एवं बेघर व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए उनकी सुविधा के अनुसार पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क स्थापित करने के साथ विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के अधिकार से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा पत्र को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सही ठहराया गया है। वहीं, गैर-एसआईआर अवधि के दौरान मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित संबंधित फॉर्म का उपयोग किया जाएगा।
छूटे हुए एवं नए पात्र मतदाताओं के नामांकन पर विशेष जोर
उपायुक्त ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज होने से रह गया है अथवा जो युवा पहली बार मतदाता बनने के पात्र हैं, वे ‘सतत अद्यतनीकरण’ के तहत संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने सभी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, सुपरवाइजर्स एवं बीएलओ को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं एवं नए युवा मतदाताओं के शत-प्रतिशत नामांकन के लिए तुरंत विशेष अभियान शुरू करने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची का सुदृढ़ीकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने पात्र नागरिकों से भी अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।