सुख-आश्रय से आत्मनिर्भर बने जसविंदर, तीन युवाओं को भी दिया रोजगार

सीएम सुक्खू की पहल से मिली दो लाख रुपये की सहायता से शुरू किया अपना व्यवसाय


ऊना, 6 अक्तूबर. मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मिली दो लाख रुपये की सहायता ने ऊना के जसविंदर सिंह के लिए अपने पैरों पर खड़े होने की राह आसान कर दी। बंगाणा क्षेत्र के तलाई गांव के 23 वर्षीय जसविंदर ने मकरैड़ में ‘जॉनी इलेक्ट्रिकल’ के नाम से अपनी दुकान शुरू की है। माता-पिता को कम उम्र में खोने के बाद चाचा-चाची के सहयोग से आईटीआई की पढ़ाई पूरी करने वाले जसविंदर आज अपने व्यवसाय से 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं और साथ ही तीन युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में स्वरोजगार के लिए मिली दो लाख रुपये की सहायता ने जसविंदर के उस सपने को पूरा करने में मदद की, जिसे वे आईटीआई के दिनों से संजोए हुए थे।

महज 20 वर्ष की उम्र में आईटीआई की पढ़ाई के दौरान जसविंदर ने अपने माता-पिता को खो दिया। इसके बाद उनके चाचा-चाची ने उनकी देखभाल की। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद उन्होंने जसविंदर की पढ़ाई जारी रखने में सहयोग किया और आईटीआई की शेष फीस तथा अन्य खर्च उठाकर उन्हें इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण पूरा करने में मदद की।

जसविंदर बताते हैं कि उन्हें शुरू से ही बिजली के काम में रुचि थी। आईटीआई के दौरान और उसके बाद उन्होंने स्थानीय दुकानदारों के साथ काम करते हुए लेंटर में पाइपिंग, वायरिंग और बिजली से जुड़े अन्य कार्यों का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। इसी दौरान अपना काम शुरू करने की इच्छा भी मजबूत होती गई, लेकिन पूंजी की कमी बड़ी बाधा थी।

इसी बीच आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय, ऊना में आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इस सहायता से उन्होंने मकरैड़ में ‘जॉनी इलेक्ट्रिकल’ के नाम से अपनी दुकान शुरू की।

आज जसविंदर अपने व्यवसाय से 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं। उन्होंने अपने काम का विस्तार करते हुए विवाह समारोहों और सेवानिवृत्ति समारोहों के लिए साउंड सिस्टम की सुविधा भी शुरू की है।
अपना व्यवसाय शुरू करने के बाद जसविंदर ने अपनी दुकान पर तीन युवाओं को भी काम का अवसर दिया है। ये युवा उनके साथ काम करने के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल कार्यों का व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर रहे हैं।

जसविंदर सिंह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि कठिन परिस्थितियों में सरकार से मिली आर्थिक सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी। योजना के तहत मिली मदद से वे अपनी दुकान शुरू कर पाए और आज अपने काम से परिवार की जरूरतें पूरी कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना विशेष देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों और युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सहायता प्रदान कर रही है। योजना के तहत पात्र बच्चों और युवाओं को हर माह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता के अलावा स्वरोजगार शुरू करने के लिए दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्रीश्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुरूप जिला प्रशासन मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
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निर्माण श्रमिकों के 66 परिवारों को 30.87 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

शिक्षा, विवाह व आवास निर्माण के लिए प्रदान की गई वित्तीय मदद - अमन शर्मा


ऊना, 6 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा जिला ऊना में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके पात्र परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में 66 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 30 लाख 87 हजार 400 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

जिला श्रम कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि वितरित वित्तीय सहायता में शिक्षा सहायता योजना के तहत 19 लाभार्थियों को 6 लाख 44 हजार 400 रुपये, विवाह सहायता योजना के तहत 43 लाभार्थियों को 21 लाख 93 हजार रुपये तथा एकल नारी/एकल महिला आवास निर्माण सहायता योजना के तहत 4 पात्र महिलाओं को 2 लाख 50 हजार रुपये की सहायता शामिल है।

उन्होंने बताया कि एकल नारी/एकल महिला आवास निर्माण सहायता योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।

अमन शर्मा ने कहा कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों की शिक्षा, विवाह, आवास एवं सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला ऊना में श्रम कल्याण विभाग द्वारा पात्र एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों तक बोर्ड की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी, व्यवस्थित एवं सुगम तरीके से उपलब्ध हो।