घुमारवीं (बिलासपुर) 15 अक्तूबर: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय, घुमारवीं के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा संपादित पुस्तक “फ्रंटियर्स ऑफ लर्निंग: इंटीग्रेटिंग ऑल स्ट्रीम्स ऑफ नॉलेज” का विमोचन किया। यह प्रकाशन महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार तथा विभिन्न विषयों के बीच अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस पुस्तक के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक विषयों और संस्थानों से जुड़े शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के शोध कार्यों को एक साझा मंच प्रदान किया गया है। पुस्तक का मूल उद्देश्य ज्ञान की विभिन्न धाराओं के बीच समन्वय स्थापित करना तथा शोध एवं नवाचार की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पुस्तक के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय, घुमारवीं के आईक्यूएसी की यह पहल संस्थान की शोध, नवाचार और अंतर्विषयक अकादमिक संवाद के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से बदलती दुनिया की जटिल चुनौतियों का समाधान विभिन्न विषयों के ज्ञान को एकीकृत करके ही संभव है। विभिन्न संस्थानों और शैक्षणिक धाराओं के विद्वानों द्वारा इस पुस्तक में अपने शोध कार्यों का योगदान देना अकादमिक सहयोग और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाला प्रयास है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध, नवाचार, ज्ञान के सृजन तथा समाजोपयोगी विचारों के प्रसार को बढ़ावा देना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है।
इस अवसर पर काॅलेज के प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल, पुस्तक के संपादक डॉ. अतुल गुप्ता, आईक्यूएसी समन्वयक तथा डॉ. अनित कुमार, आईक्यूएसी सहायक समन्वयक भी मौजूद रहे।