धर्मशाला, 15 अक्तूबर: जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, कांगड़ा के तत्वावधान में वीरवार को जिला परिषद सभागार में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयूजीकेवाई) के तहत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक पवन नैय्यर ने की। शिविर में ग्रामीण युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा कौशल प्रशिक्षण प्रदाता एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर पवन नैय्यर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तंगी और रोजगार के सीमित अवसरों की चुनौती से निपटने के लिए युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना आवश्यक है। डीडीयूजीकेवाई योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के युवाओं को उनकी रुचि और बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान कर रोजगार से जोड़ने तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने बताया कि सितंबर, 2014 में शुरू की गई इस योजना के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। योजना के राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 18.47 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि 12.43 लाख से अधिक युवा रोजगार प्राप्त कर चुके हैं।
*हिमाचल प्रदेश में 16,413 युवाओं को मिला रोजगार
पवन नैय्यर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में योजना के प्रथम चरण के तहत पंजीकृत 22,000 युवाओं में से 20,946 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर 16,413 युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल प्रदेश देश में पांचवें स्थान पर रहा है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थी युवाओं के अनुभवों और उनके आत्मविश्वास में आए बदलाव से स्पष्ट है कि योजना धरातल पर सकारात्मक परिणाम दे रही है। उन्होंने पंचायत स्तर तक योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण युवा कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बना सकें।
*पंचायत प्रतिनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें: विनय कुमार
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं तथा पात्र ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी कम करने, युवाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
*विभिन्न क्षेत्रों में रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की सुविधा
जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) अभिनीत कात्यायन ने डीडीयूजीकेवाई के तहत संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटी सेवाएं, वस्त्र एवं परिधान, खुदरा व्यापार, पर्यटन एवं आतिथ्य सत्कार, स्वास्थ्य सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, निर्माण कार्य, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं तथा ब्यूटी एवं वेलनेस सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
उन्होंने बताया कि योजना के द्वितीय चरण में राज्य के दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है तथा प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में पंचकर्मा को भी शामिल किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल प्रदान करना, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें नियमित आय के अवसरों से जोड़ना है। इसके अलावा विभाग शीघ्र ही टॉल फ्री नम्बर जारी करने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को संबंधित कार्यक्षेत्र की तकनीकी दक्षताओं के साथ संचार कौशल, कार्यस्थल पर व्यवहार और पेशेवर कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी जाती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाती है।
*योजना की पात्रता और प्रशिक्षण प्रक्रिया की दी जानकारी
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को योजना की पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण प्रक्रिया, रोजगार के अवसरों तथा कौशल प्रशिक्षण प्रदाता एजेंसियों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सीईओ, एचपीएसआरएलएम सुरेन्द्र मोहन तथा डिप्टी सीईओ हितेन्द्र ने भी अपने विचार रखे।