पंचकूला, 19.10.26- : पंचकूला के सेक्टर-21 स्थित ब्रेन बग किड्स एकेडमी में बाल रामलीला का आकर्षक एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मासूम अदाओं, शानदार अभिनय और आत्मविश्वास से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मंच पर साकार कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण सहित विभिन्न पात्रों के रूप में सजे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बच्चों के अभिनय पर पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।
*नन्हे कलाकारों ने अभिनय के साथ दिया संस्कारों का संदेश
बाल रामलीला के दौरान बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, माता सीता की मर्यादा, लक्ष्मण के समर्पण, हनुमान जी की अटूट भक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। इतनी कम उम्र में बच्चों का मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ अभिनय करना दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। उनकी प्रस्तुति ने यह साबित किया कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर बच्चे अपनी प्रतिभा से हर किसी को प्रभावित कर सकते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन एकेडमी की संस्थापिकाओं साक्षी देवान एवं निधि चोपड़ा के मार्गदर्शन में किया गया। टीम सदस्यों शालू भोगल एवं पलक ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चों को विभिन्न पात्रों के लिए तैयार करने और उन्हें मंच पर प्रस्तुति देने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की गई।
*बचपन में संस्कृति और संस्कारों से जुड़ना जरूरी
आयोजकों ने कहा कि बाल रामलीला का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराना है। रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, मर्यादा, कर्तव्य, प्रेम, त्याग और नैतिकता का मार्ग दिखाने वाली प्रेरणादायक गाथा है। बच्चों को इन मूल्यों से बचपन में परिचित कराने से उनके व्यक्तित्व के विकास में सकारात्मक योगदान मिलता है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, संवाद कौशल, रचनात्मकता, अनुशासन और सामूहिक रूप से कार्य करने की भावना विकसित करते हैं। ऐसे आयोजनों से बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझते हैं और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना सीखते हैं।
*शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की खूब सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। अभिभावकों के अनुसार, पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना उनके व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ब्रेन बग किड्स एकेडमी द्वारा शिक्षा के साथ रचनात्मक कार्यशालाओं, कौशल विकास गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाता है। एकेडमी का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे को अपनी रुचि और प्रतिभा पहचानने तथा उसे निखारने के लिए उचित अवसर मिले।
बाल रामलीला का यह आयोजन बच्चों के लिए यादगार अनुभव बना। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कारों और नैतिक मूल्यों का ज्ञान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।