घुमारवीं (बिलासपुर) 20 अक्तूबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही करलोटी-कपाहड़ा पेयजल योजना का कार्य अंतिम चरण में है। योजना की टेस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है तथा इसके शीघ्र शुरू होने से क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 31 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या का भी स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। राजेश धर्माणी आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह घुमारवीं में जनसमस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि करलोटी-कपाहड़ा पेयजल योजना के तहत मल्यावर स्थित सतलुज नदी से पानी उठाया जा रहा है। योजना का निर्माण कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में मल्यावर के भटोली से संबंधित कार्य किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में पनोह, फेटीधार क्षेत्र में कार्य पूरा किया जा रहा है। योजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से कोटलू, कपाहड़ा, करलोटी, छत, संडयार, पपलाह, पलासला सहित 11 ग्राम पंचायतों के लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना की टेस्टिंग का कार्य सोहनी देवी मंदिर के नजदीक बने टैंक तक किया गया है और वहां पानी पहुंचाया गया है, इससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी तथा लोगों को पेयजल की उपलब्धता के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार व्यापक स्तर पर योजनाएं क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सतलुज नदी से पानी उठाकर पेयजल एवं सिंचाई योजनाएं विकसित कर रही है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर जलापूर्ति के साथ-साथ किसानों को सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि घुमारवीं क्षेत्र में सतलुज नदी से तीन पेयजल योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें से दो योजनाओं का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि तीसरी योजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा इसे भी शीघ्र पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि पेयजल के साथ-साथ किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना भी सरकार की प्राथमिकता है। सतलुज नदी के साथ लगती औहर, बकरोआ, अवारी और पनोह पंचायतों के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना का निर्माण कार्य भी जारी है। इसके अतिरिक्त सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लगभग 75 करोड़ रुपये की एक अन्य योजना प्रस्तावित की गई है, जिसे स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वित होने से क्षेत्र के बड़े हिस्से को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा के दायरे में लाया जा सकेगा।
श्री धर्माणी ने कहा कि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पेयजल की उपलब्धता में सुधार होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में भी योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इन योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने तथा आम जनता को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि पेयजल योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लोगों तक लाभ पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।