धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और भाईचारे को मिलता है बढ़ावा- बजरंग गर्ग

धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से सत्य, सेवा, परोपकार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है- बजरंग गर्ग

धार्मिक समागम व्यक्तियों को मानसिक शांति प्रदान करते हैं- बजरंग गर्ग

महाराजा अग्रसेन ने समाज को समानता, सहयोग, सेवा और परोपकार का संदेश दिया था- बजरंग गर्ग

हिसार, 26.10.26-- अग्रोहा धाम में आयोजित जगतगुरु‌ ब्रह्ममहार्षि कुमार स्वामी जी के कष्ट निवारण समागम में अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने भाग लिया।

इस अवसर पर उन्होंने जगतगुरु ब्रह्ममहार्षि कुमार स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा समागम में उपस्थित श्रद्धालुओं को बजरंग गर्ग ने संबोधित करते हुए ने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपराओं में धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ऐसे समागम लोगों को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सत्य, सेवा, परोपकार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख-दुख आते रहते हैं, लेकिन कठिन परिस्थितियों में धैर्य, सकारात्मक सोच और ईश्वर के प्रति विश्वास बनाए रखना बहुत जरूरी है। धार्मिक समागम व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करते हैं और जीवन में अच्छे कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। हमें अपने जीवन में धर्म और संस्कारों को अपनाते हुए जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम केवल वैश्य समाज की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, धार्मिक चेतना और महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण स्थान है। महाराजा अग्रसेन जी ने समाज को समानता, सहयोग, सेवा और परोपकार का संदेश दिया था। उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और हमें एक ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं, जिसमें हर व्यक्ति को सम्मान मिले तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए सभी लोग आगे आएं। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हम धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं के भविष्य और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए भी मिलकर कार्य करें। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आपसी मतभेद भुलाकर एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।

बजरंग गर्ग ने जगतगुरु ब्रह्ममहार्षि कुमार स्वामी जी के कष्ट निवारण समागम को श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में भाग लेने से मन को शांति मिलती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। बजरंग गर्ग ने सभी से आह्वान किया कि वे धर्म, सेवा, सहयोग और भाईचारे के मार्ग पर चलते हुए समाज और राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दें।