धर्मशाला, 26 अक्तूबर: उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज धर्मशाला स्थित सिंथेटिक ट्रैक में 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 लड़के एवं लड़कियों की एथलेटिक्स मीट का शुभारम्भ किया। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 12 जिलों तथा तीन खेल छात्रावासों बिलासपुर, चौपाल और खेलो इंडिया केंद्र के कुल 429 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें 225 लड़के और 204 लड़कियां शामिल हैं।
इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक ने खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत शानदार मार्च पास्ट की सलामी ली तथा हिमाचली, नेपाली और तिब्बती संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास तथा उनके उचित रख-रखाव पर विशेष बल दे रही है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने बताया कि नादौन में लगभग 9,735 वर्ग मीटर क्षेत्र में 112.49 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इंडोर मल्टीपरपज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इस परिसर में शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, जिम, बहुउद्देशीय खेल हॉल, चार बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, टेनिस कोर्ट सहित अनेक आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों की सुविधा के लिए कोच आवास, डॉरमेट्री, कार्यालय, कैफेटेरिया और वेटिंग लाउंज जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि रामपुर बुशहर के दत्तनगर में 9.45 करोड़ रुपये की लागत से खेल छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 50 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। वहीं, जिला सिरमौर के माजरा में 7.29 करोड़ रुपये की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण किया गया है।
*पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के समर्पण, संघर्ष और उपलब्धियों को उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को दी जाने वाली पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है।
उन्होंने बताया कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक तथा पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि तीन करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं की दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं की एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है।
इसी प्रकार, एशियाई खेलों एवं पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर चार करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं की 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं की 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये की गई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार अब तक राज्य के उन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि प्रदान कर चुकी है, जिन्होंने पैरालंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों तथा विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त किए हैं अथवा भाग लिया है।
*राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्राओं और एशियाई खेलों के पदक विजेता के कोच को किया सम्मानित
इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक ने राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल टीम के लिए चयनित घरोह स्कूल की पांच छात्राओं तथा एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता सावन भरवाल के प्रारंभिक कोच गोपाल ठाकुर को सम्मानित किया।
इससे पूर्व उपनिदेशक शिक्षा अजय समयाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया, जबकि एडीपीओ अतुल कटोच ने प्रतियोगिता की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रिंसीपल अश्वनी भट्ट, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉ. जन्मेजय गुलेरिया, कैलाश शर्मा, जिला विद्यार्थी खेल संघ के पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रशिक्षक तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।