सरकार की लापरवाही के कारण लाखों मीट्रिक टन धान व बाजरा भीगने के कारण खराब हो गया है- बजरंग गर्ग

सरकार द्वारा धान व बाजरे की खरीद व उठान धीमी गति से होने के कारण बारिश में करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है- बजरंग गर्ग

सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान व आढ़ती बर्बादी के कगार पर हैं- बजरंग गर्ग

सरकार को धान के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिए- बजरंग गर्ग

धान खरीद घोटाले की उच्चस्तरीय जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए- बजरंग गर्ग

भाजपा सरकार में पहले भी करोड़ों-अरबों रुपए का धान घोटाला हुआ है- बजरंग गर्ग

हिसार, 30.10.26- - हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कॉन्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने किसान व आढ़तियों से बातचीत करने के उपरांत कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों मीट्रिक टन धान व बाजरा भीगने के कारण खराब हो गया है। सरकार द्वारा धान व बाजरे की खरीद व उठान धीमी गति से होने के कारण बारिश में करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान व आढ़ती बर्बादी के कगार पर हैं। सरकार द्वारा समय पर धान की खरीद ना करने पर किसान ने अपना धान एमएसपी से 200 से 400 रुपऐ प्रति क्विंटल तक कम में बेचना पड़ा है। इसी प्रकार बाजरे की एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसान को अपना बाजरा खुले बाजार में 1800 से लेकर 2000 रुपऐ प्रति क्विंटल तक बेचना पड़ा है। जिससे किसानों को बड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ा है‌ जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने 2024 में धान की खरीद 3100 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की थी। धान की खरीद 3100 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा करने का झूठ का पुलिंदा साबित हुआ है। सरकार को धान के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 300 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिए। धान खरीद घोटाले की उच्चस्तरीय जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बजरंग गर्ग ने कहा कि भाजपा सरकार में पहले भी करोड़ों-अरबों रुपए का धान घोटाला हुआ है। जिसकी एफआईआर दर्ज है मगर अजतक धान घोटाले के असली दोषियों को नहीं पकड़ा गया है। ना ही धान घोटाले की रकम की वसूली हुई है। भाजपा सरकार में धान, सरसों व बाजरा घोटाला हुआ है मगर उस पर आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं होने से जनता में बड़ी भाई नाराजगी है। सरकार को अपनी घोषणा के अनुसार हर अनाज की खरीद एमएसपी पर करनी चाहिए और हर अनाज खरीद पर आढ़तियों को पहले की तरह ढाई प्रतिशत कमीशन पूरा देना चाहिए ताकि सरकार किसान व आढ़तियों का आपसी तालमेल बना रहे।