सरकार को अग्रोहा टीलें की खुदाई का काम धीमी गति से करने की बजाय उसमें तेजी लानी चाहिए- बजरंग गर्ग

अग्रोहा धाम को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए- बजरंग गर्ग

महाराजा अग्रसेन ने समाज को समानता, भाईचारे, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता करने का संदेश दिया था- बजरंग गर्ग

वैश्य समाज को महाराजा अग्रसेन जी के बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए- बजरंग गर्ग

हिसार, 03.11.26-- वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अग्रोहा धाम के विकास, समाज की एकजुटता, सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा महाराजा अग्रसेन जी की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।इस अवसर पर अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि अग्रोहा धाम केवल वैश्य समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं, बल्कि महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों, उनके सिद्धांतों और समाजसेवा की भावना का प्रतीक है। अग्रोहा धाम का विकास पूरे समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके विकास से आने वाली पीढ़ियों को महाराजा अग्रसेन जी के जीवन, उनके इतिहास और समाज के प्रति उनके योगदान की जानकारी मिलेगी।

बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा के ऐतिहासिक टीलें की खुदाई का कार्य सरकार द्वारा धीमी गति से करवाया जा रहा है, जबकि इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए इसमें तेजी लाई जानी चाहिए। सरकार को संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर खुदाई का कार्य जल्द से जल्द पूरा करवाना चाहिए, ताकि महाराजा अग्रसेन जी के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और ऐतिहासिक धरोहर को सामने लाया जा सके।उन्होंने कहा कि अग्रोहा धाम का ऐतिहासिक महत्व पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। टीलें की वैज्ञानिक तरीके से खुदाई होने पर इतिहास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएगी। इसके लिए सरकार को पर्याप्त बजट, विशेषज्ञों की टीम और आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए। यह कार्य केवल किसी एक समाज का नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने का कार्य है।बजरंग गर्ग ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने समाज को समानता, भाईचारे, सहयोग और जरूरतमंदों की सहायता करने का संदेश दिया था। उनके द्वारा स्थापित एक रुपया-एक ईंट का सिद्धांत आज भी समाज को एक-दूसरे का सहयोग करने की प्रेरणा देता है। वैश्य समाज को महाराजा अग्रसेन जी के बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकता और आपसी सहयोग में है। वैश्य समाज के लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में एकजुट होकर सहयोग करना चाहिए। साथ ही युवा पीढ़ी को समाज की गतिविधियों से जोड़ना चाहिए, ताकि वे अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को समझकर समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। बजरंग गर्ग ने सरकार से मांग की कि अग्रोहा के विकास के लिए विशेष योजना बनाई जाए, ऐतिहासिक टीलें की खुदाई का कार्य तेज गति से पूरा करवाया जाए तथा अग्रोहा धाम को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि अग्रोहा धाम का विकास महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके लिए वैश्य समाज पूरी मजबूती के साथ प्रयास करता रहेगा। बजरंग गर्ग ने कहा कि धनतेरस के पावन पर्व पर अग्रोहा धाम में विशाल हवन-पूजन व भंडारा का कार्यक्रम 6 नवंबर को होगा।

इस अवसर पर एनके गोयल, दीपक गर्ग, पवन गर्ग, ऋषि राज गर्ग, अनंत अग्रवाल, सज्जन गुप्ता, अनिल सिंगला, सुरेंद्र बागड़ी, राजेंद्र बंसल, आशीष सिंगल, अभिमन्यु बंसल, रवि सिंगला, ईश्वर गोयल, देवेंद्र गर्ग, राहुल गर्ग, मांगेराम रालवासिया, अनिल गोयल, मोहित बंसल आदि प्रतिनिधि ने अपने विचार रखें।