धनतेरस का पर्व भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपराओं का प्रतीक है- बजरंग गर्ग
धनतेरस पर्व हमें धन के साथ-साथ धर्म, सेवा, संस्कार और परोपकार के महत्व का संदेश देता है- बजरंग गर्ग
अग्रोहा धाम को धार्मिक पर्यटन एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं- बजरंग गर्ग
हिसार, 06.11.26-- धनतेरस के पावन अवसर पर अग्रोहा धाम में विशाल हवन-पूजन एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में भारी संख्या में धर्मप्रेमियों, श्रद्धालुओं एवं समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से हवन-यज्ञ किया गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां डालकर देश, प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की।
अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धनतेरस का पर्व भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व हमें धन के साथ-साथ धर्म, सेवा, संस्कार और परोपकार के महत्व का संदेश देता है। हमें अपने त्योहारों को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक एवं सामाजिक एकता के अवसर के रूप में भी मनाना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों, सामाजिक एकता, भाईचारे और सेवा भावना का प्रतीक है। महाराजा अग्रसेन जी ने समाज को समानता, सहयोग और परस्पर भाईचारे का संदेश दिया था। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए हमें समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्रोहा धाम को धार्मिक पर्यटन एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यहां समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रम, हवन-पूजन, भजन-कीर्तन एवं सामाजिक आयोजन करवाने का उद्देश्य देशभर के वैश्य समाज को एक मंच पर जोड़ना है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अग्रोहा धाम के विकास एवं विस्तार में अपना योगदान देना चाहिए। बजरंग गर्ग ने सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। हमें अपने सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाने चाहिए और समाज सेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहिए।
इस अवसर पर पवन गर्ग ऋषि राज गर्ग चूड़ियां राम गोयल टोहाना, अनंत अग्रवाल बरवाला, घीसा राम जैन आदमपुर, सुरेंद्र मित्तल फतेहाबाद, ब्रह्मानंद गोयल भट्टू, विनोद गोयल, राजेंद्र बंसल, निरंजन गोयल, संदीप कुमार, अजय सिंगल, आनंद गोयल, आशीष सिंगला, महेंद्र गोयल, आदि भक्त भारी संख्या में मौजूद रहे।