पुरानी मंडी में त्रिलोकीनाथ मंदिर से शीतला माता मंदिर तक नो पार्किंग जोन घोषित

मंडी, 22 जनवरी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने एक अधिसूचना जारी कर पुरानी मंडी क्षेत्र में त्रिलोकीनाथ मंदिर के समीप स्थित मौजूदा पार्किंग स्थल से लेकर शीतला माता मंदिर तक के मार्ग को नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया है। यह निर्णय क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सार्वजनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिसूचना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 117 के तहत जारी की गई है।

उपायुक्त ने बताया कि नो पार्किंग जोन को लेकर 15 दिसम्बर 2025 को प्रारूप अधिसूचना जारी कर आम जनता से एक माह की अवधि के भीतर आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। निर्धारित समयावधि में किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था की ओर से कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग को नो पार्किंग जोन घोषित किए जाने से क्षेत्र में लगने वाले यातायात जाम से राहत मिलेगी तथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी। यह निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

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आयुष मंत्री यादवेन्द्र गोमा मंडी में फहराएंगे राष्ट्रीय ध्वज
सेरी मंच पर होगा जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह


मंडी, 22 जनवरी। जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष आयुष मंत्री यादवेन्द्र गोमा बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे और सेरी मंच पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। यह जानकारी उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने दी। पहले नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी का मंडी में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होना प्रस्तावित था, जिसमें अब आंशिक परिवर्तन किया गया है।


उपायुक्त ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन सेरी मंच पर किया जाएगा और कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि तथा अन्य सम्मानित अतिथि सर्वप्रथम इंदिरा मार्केट परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके उपरांत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि प्रातः 11 बजे सेरी मंच पर ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहण के उपरांत वे मार्च पास्ट का निरीक्षण करेंगे और भव्य परेड की सलामी लेंगे व उपस्थितजनों को संबोधित करेंगे। पुलिस, होमगार्ड तथा स्कूली बच्चों द्वारा परेड की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।


उपायुक्त ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह हमारे गौरवशाली अतीत को आने वाली पीढ़ियों तक ले जाने का सुअवसर है। इस अवसर पर देश की आजादी से लेकर संविधान निर्माण की प्रक्रिया में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को स्मरण किया जाता है। उन्होंने जिला मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समारोह में सहभागिता सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि जिला के सभी उपमंडलों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां संबंधित एसडीएम द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।

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एसएचईपी कार्यक्रम के तहत गोहर में किसानों को बाजार उन्मुख खेती का प्रशिक्षण

मंडी, 22 जनवरी। ब्लॉक परियोजना प्रबंधन इकाई गोहर में जाइका कृषि परियोजना के अंतर्गत स्मॉल हॉर्टीकल्चर एम्पावरमेंट एंड प्रमोशन प्रोग्राम (एसएचईपी) के तहत किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बाजारउन्मुख खेती के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें स्थानीय बाजार और एपीएमसी से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि बाजार की मांग के अनुसार फसल चयन, लागत और लाभ का आकलन तथा सही समय पर उपज की बिक्री से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एफआईएस गवाड़, कंसा खड्ड-पलहोटा, सुरथी-थाची तथा गवार से मसवारी क्षेत्रों के लगभग 100 किसानों ने भाग लिया।

एसएमएस डॉ. खूब राम ने कहा कि वर्तमान समय में खेती की सफलता बाजार की समझ से जुड़ी है। उन्होंने किसानों से उगाओ और बेचो की बजाय बेचने के लिए उगाओ की सोच अपनाने का आह्वान किया और कहा कि एसएचईपी कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है।

ब्लॉक परियोजना प्रबंधक डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जाइका कृषि परियोजना के अंतर्गत एसएचईपी कार्यक्रम किसानों को स्थानीय बाजार और एपीएमसी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधन इकाई गोहर की टीम किसानों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, ताकि किसान बेहतर निर्णय लेकर अपनी आय बढ़ा सकें।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को फील्ड विजिट के माध्यम से फसलों की स्थिति, उत्पादन तकनीकों और बाजार-उन्मुख खेती के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। एपीएमसी भ्रमण के दौरान तौल प्रक्रिया, नीलामी व्यवस्था, गुणवत्ता मानक और विपणन प्रणाली से भी किसानों को अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में एचईओ प्रियंका, एटीएम मुरारी लाल, हार्वेल एक्वा कंपनी के प्रतिनिधि रविंदर कुमार, हाइब्रिड सीड प्लांटेशन की प्रतिनिधि रिया रावत तथा हिल एग्री ऐप के प्रतिनिधि सौरव सैनी ने किसानों को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। अंत में किसानों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा कार्यक्रम की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की गई।

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स्मार्ट बिजली मीटर के बारे में सही जानकारी प्रदान करने के लिए बिजली बोर्ड की जागरूकता बैठक*
*•सुविधा पर नहीं पड़ेगा कोई असर, न ही बिजली बिलों में होगी बढ़ोतरी- अनुराग पराशर*
*मंडी 22 जनवरी।* हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड द्वारा आज पब्लिक इंटरेक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता बैठक का आयोजन मण्डी के नगर निगम टाऊन हाल में किया गया।
इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के रूप में नगर निगम के मेयर विरेन्द्र भट्ट सहित डिप्टी मेयर माधुरी कपूर, पार्षद दिपाली जसवाल, राजेन्द्र मोहन, वीरेन्द्र सिंह आर्य, हरदीप सिंह, निर्मल वर्मा, कृष्ण भानू, योगराज, सुदेश सेन, नेहा कुमारी, संजय शर्मा, यशकान्त कश्यप, मेम्बर ऑफ सिटिजन काउंसिल तथा सोशल समिति व्यापार मंडल एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप के प्रतिनिधियों सहित मंडी के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। अधिकारियों में आयुक्त नगर निगम मंडी राहित राठौड़, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम मंडी विजय धीमान, बिजली बोर्ड के मंडी परिचालन वृत के अधीक्षण अभियन्ता ई0 अरूण शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता ई0 राजेश, सहायक अभियन्ता ई0 सुनील शर्मा, ई0 संजय कुमार, ई0 होशियार सिंह ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड के प्रवक्ता अनुराग पराशर ने सबसे पहले अपनी प्रस्तुति में बताया कि राज्य में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने से सब्सिडी यानी 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इससे बिजली के बिलों में कोई बढ़ोतरी होगी।
प्रवक्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर सिर्फ़ बिजली की खपत मापने का एक डिवाइस है, ठीक वैसे ही जैसे पारंपरिक मीटर होता है, और यह किसी भी तरह से टैरिफ दरों या बिलिंग नीतियों को नहीं बदलता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में भ्रामक प्रचार सोशल मीडिया पर सामने आ रहा है जो सही जानकारी की कमी का नतीजा है और तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि पुराने मीटरों में कभी-कभी बिल मासिक आधार पर औसत रीडिंग पर दिए जाते थे, भले ही उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल न कर रहे हों, लेकिन स्मार्ट मीटर में, वास्तविक खपत को वास्तविक उपयोग के आधार पर वेरिफाई किया जा सकता है और अगर उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल नहीं कर रहा है तो नियमित रूप से कोई औसत बिल नहीं आएगा। स्मार्ट मीटर में खपत का डेटा अपने आप एक सेंट्रल डेटा सेंटर में भेजा जाता है। यह सिस्टम सिर्फ़ बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर ऑनलाइन सेवाएं, सटीक बिलिंग और बेहतर सुविधा देने के लिए शुरू किया जा रहा है।
यह बदलाव सिर्फ़ डिवाइस बदलने से कहीं ज़्यादा है, यह अनुमानित या मैनुअल बिलिंग से रियल-टाइम डेटा आधारित सिस्टम की ओर एक बदलाव है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को अगर कोई गड़बड़ी लगती है, तो वे अपने मौजूदा मीटर के साथ दूसरा स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति देने के आदेश भी जारी किए गए हैं। यह सेटअप उपभोक्ताओं को हर 15 मिनट के अंतराल पर अपनी बिजली की खपत पर नज़र रखने में मदद करता है। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो वे अपने संबंधित बिजली उपमंडल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता-अनुकूल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और लोगों से अफवाहों या गलत सूचनाओं पर विश्वास न करने, बल्कि वेरिफाइड और प्रामाणिक जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया।
इसके बाद प्रशन उत्तर सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने विशेषतया स्मार्ट मीटर से सम्बंधित प्रश्न पूछे, जिसका विषय विशेषज्ञ अनुराग पराशर ने उतर दिए। उन्होंने विद्युत बचत व टेस्ट रिपोर्ट से अधिक विद्युत लोड को बढ़ाने पर वास्तविक लोड दर्शाने के लिये उपभोक्ताओं को आगे आने को भी कहा। उन्होंने जनता का स्मार्ट विषय में अधिक रूची लेने पर आभार प्रकट किया और मंडी के लोगों का स्मार्ट मीटर लगाने के लगातार अनुरोधों का स्वागत किया। उन्होंने नगर निगम के मेयर और आयुक्त का बैठक में पधारने के लिए धन्यवाद किया। बैठक में सोलर योजना की जानकारी भी दी गई।