हुम्म खड्ड से गाद और मलबा निकालने को चलेगा ज़िले का सबसे बड़ा ड्रेजिंग अभियान
बाथू-बाथड़ी क्षेत्र को बाढ़ के खतरे से मिलेगी राहत, डीसी जतिन लाल के मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश
ऊना, 23 फरवरी. ऊना जिले के हरोली क्षेत्र में हुम्म खड्ड से गाद और मलबा हटाने के लिए व्यापक स्तर पर ड्रेजिंग अभियान चलाया जाएगा। आगामी मानसून से पूर्व इसे पूरा करने के उद्देश्य से युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा यह अभियान जिले का अब तक का सबसे बड़ा ड्रेजिंग कार्य माना जा रहा है।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह काम तय समयसीमा के भीतर और निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि ड्रेजिंग पूरी होने के बाद बाथू-बाथड़ी क्षेत्र में बाढ़ का खतरा काफी हद तक कम होगा। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों को भी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ के बाद इस कार्य की योजना बनाई गई थी, लेकिन बाद में मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। अब उच्च न्यायालय के आदेश और सरकार से अनुमति मिलने के बाद इसे अमल में लाया जा रहा है।
कार्य को प्रभावी तरीके से अमलीजामा पहनाने के लिए उपायुक्त ने पहले ही अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और खनन अधिकारी की तीन सदस्यीय एक्शन कमेटी गठित कर दी है।
अतिरिक्त उपायुक्त महेन्द्र पाल गुर्जर ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार कमेटी ने कार्य को युद्धस्तर पर कराने को तत्परता से कदम उठाए हैं। बोली विजेता फर्म को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और न्यायालय के आदेशों तथा ड्रेजिंग के नियमों का पूरा पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि कार्य पारदर्शिता, गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संपन्न हो। इसे लेकर माइनिंग और पुलिस विभाग की टीमें कार्य की नियमित रूप से निगरानी करेंगी।
श्री गुर्जर ने बताया कि ड्रेजिंग कार्य के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियां प्रदान की जा चुकी हैं । इनमें लगभग 5 एक्सकेवेटर और 30 टिप्परों की तैनाती की अनुमति भी दी गई है, लेकिन सभी मशीनों पर 'ड्रेजिंग– हुम्म खड्ड' अंकित करना अनिवार्य होगा,
ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। ढुलाई और काम को दिन-रात चलाने की अनुमति भी दी गई है ताकि यातायात व्यवस्था पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और कार्य मानसून से पहले पूरा किया जा सके।