अभिभावक आगे आएं, बेटियों को अवश्य लगवाएं एचपीवी टीका: उपायुक्त हेमराज बैरवा
निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण के लिए जिले की 12,903 बालिकाओं का किया गया पंजीकरण
धर्मशाला, 28 फरवरी: राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिला कांगड़ा में किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से बचाव के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के काॅन्फ्रेंस हाॅल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने की।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सभी संबंधित विभागों, संस्थाओं तथा आमजन से इस महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य अभियान में सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की अपील की, ताकि जिले में अधिकतम लाभार्थियों तक टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अभिभावकों और छात्राओं को टीके के महत्व, प्रक्रिया और सुरक्षा संबंधी जानकारी सरल एवं स्पष्ट रूप में मिल सके तथा किसी भी प्रकार की भ्रांति दूर हो।
उपायुक्त ने बताया कि जिला कांगड़ा में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 12,903 बालिकाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। शेष पात्र बालिकाओं का पंजीकरण भी शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के 75 विभिन्न स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः यह वैक्सीन बाजार में लगभग 10 हजार रुपये की है, जबकि सरकार द्वारा इसे पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह टीका महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर, जो कैंसर से होने वाली मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, की रोकथाम की दिशा में अत्यंत प्रभावी कदम है।
उपायुक्त ने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों तथा समुदाय के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पात्र बालिकाओं का समय पर प्री-रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें और इस अभियान को सफल बनाएं। निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को यह जीवनरक्षक टीका निःशुल्क लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आईजीएमसी शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसके साथ ही राज्यव्यापी कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक करोल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी आरके सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अशोक कुमार, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, आईएमए तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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नशा तस्करों पर कड़ी नजर, अवैध कब्जों पर भी हो रही कार्रवाई: उपायुक्त
धर्मशाला, 28 फरवरी: एनआईसी सभागार जिला कांगड़ा में आज राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकाॅर्ड) की बैठक का आयोजन किया गया। नशे की रोकथाम संबंधी इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की। बैठक में नशे के प्रभाव को रोकने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए बहुआयामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने नशे के मामलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता जताई, ताकि सप्लाई चेन तक पहुँच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि नशा सप्लायर्स पर सख्ती बरती जा रही है और ऐसे लोगों के अवैध कब्जों पर भी कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही सरकारी सेवा में कर्मचारी जोकि नशे की सप्लाई की गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे हैं उनके विरूद्व भी कड़ी कार्रवाही अमल में लाई जा रही है।
उपायुक्त ने संवाद प्लेटफाॅर्म की उपयोगिता पर बल देते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्कूलों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय किया जाए। साथ ही ‘संवाद’ (एस.ए.एम.वी.ए.ए.डी. सिस्टेमैटिक अडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडीशन डायलॉग) कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों के बीच शिक्षा एवं जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी स्कूल अपने परिसरों और आसपास यदि किसी नशा संबंधित गतिविधि का संज्ञान लें तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों बारे में जागरूक करने के लिए नियमित वर्कशॉप आयोजित की जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले की सभी पंचायतों में नशा मुक्ति जागरूकता संबंधी होर्डिंग्स लगाए जाएं, ताकि ग्रामीण स्तर पर भी लोग नशे से होने वाले नुकसान से अवगत हो सकें। साथ ही, उपायुक्त ने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए और उनकी कार्यप्रणाली की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक सुदृढ़ तंत्र विकसित किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) राजेन्द्र जसवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विवेक करोल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी आरके सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ. अनुराधा, सहायक आयुक्त एक्साइज रविन्द्र सिंह, सचिव जिला रेडक्रॉस ओम प्रकाश शर्मा, डीपीओ पंचायती राज सचिन ठाकुर, आरपीजीएमसी से डाॅ. पंकज, उप निदेशक शिक्षा कार्यालय से नवदीप ठाकुर और संजय ठाकुर, डिग्री कॉलेज धर्मशाला से रजनीश, शिरा एनजीओ से मोनिका, एमएसटी एनजीओ से अनिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि और जिले के डीएसपी और बीएमओ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपस्थित रहे।