पुनर्गठित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियां अंतिम रूप से प्रकाशित–उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी

चम्बा, अप्रैल 28-राज्य निर्वाचन आयोग, हिमाचल प्रदेश की अधिसूचना के तहत जिला चम्बा में पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत सृजन, पुनर्गठन एवं समावेशन में शामिल ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) मुकेश रेपसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विकास खण्ड भटियात, चम्बा, मैहला एवं सलूणी की चयनित ग्राम पंचायतों में यह प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि विकास खण्ड भटियात के अंतर्गत ग्राम पंचायत समोट, ओसल, जसूर एवं देवी देहरा, विकास खण्ड चम्बा के अंतर्गत ग्राम पंचायत उदयपुर, भनोता, सरू एवं चनेड, विकास खण्ड मैहला के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाट, सराहन, राड़ी, किलोड़, सुनारा, घलुण, मैहलोह, कलमला, भटवाड़ा एवं तागी तथा विकास खण्ड सलूणी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सनूंह, भान्दल, भासुआ एवं संघणी शामिल हैं।
साथ में उन्होंने यह भी बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य निर्वाचन 2026 के लिए मतदाता सूचियों को अद्यतन करने को लेकर 1 अप्रैल 2026 को अहर्ता तिथि मानते हुए मतदाता सूचियों को तैयार किया गया है।

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त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित

रावी नदी में बाढ़ के खतरे के आधार पर किया गया राहत एवं बचाव कार्य
चंबा, 28 अप्रैल -चंबा जिला में प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित बनाने को लेकर जिला प्रशासन, राष्ट्रीय जल विद्युत निगम विद्युत परियोजना-2 और 3 के संयुक्त तत्वावधान से एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान भारी बारिश और बादल फटने के चलते रावी नदी में अचानक बाढ़ और राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154ए पर भारी भूस्खलन के कारण रजेरा में विद्युत बोर्ड के पावर स्टेशन में भारी नुकसान और चमेरा-2 विद्युत परियोजना में शार्ट सर्किट से आग लगने से संभावित खतरे को आधार मानकर आपदा परिदृश्य की स्थिति में परिचालन तत्परता, समन्वय तंत्र और वास्तविक समय प्रतिक्रिया क्षमता के परीक्षण का एक बड़े पैमाने पर अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान नेतृत्व एवं घटनाक्रम
सुबह 10 बजे राष्ट्रीय जल विद्युत परियोजना चमेरा-2 के मुख्य प्रबंधक को बांध प्रभारी से क्षेत्र में भारी बारिश और अचानक बाढ़ की सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा डिप्टी कमांडेंट सीआईएसफ को सूचित करने के पश्चात जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को अलर्ट भेजा गया।
स्टेजिंग एरिया कमांडेंट सीआईएसफ पवन कुमार और असिस्टेंट कमांडेंट श्रीहर्ष ने राष्ट्रीय जल विद्युत परियोजना की ओर से विशेष भूमिका का निर्वहन किया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने तुरंत आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी विभागीय अधिकारियों को सतर्कता संदेश भेजा।
सीआईएसफ, एनडीआरफ, अग्निशमन, होमगार्ड ,स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, इंपैक्स्को सिक्योरिटी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बचाव दल स्टेजिंग एरिया करियां हेलीपैड को तत्काल रवाना हुए।
रजेरा पावर स्टेशन चमेरा-2 और करियां में रावी नदी के किनारे राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक मशीनरी, उपकरणों सहित बचाव दलों, मेडिकल रिस्पांस टीम को भेजा गया।
करियां के पास बढ़े जलस्तर में फंसे लोगों और रजेरा विद्युत परियोजना स्टेशन चमेरा-2 से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल ने समन्वय आधारित गतिविधियों से तेज जल प्रवाह में बचाव कार्यों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बचाव पूर्वाभ्यास किया।
इस दौरान महाप्रबंधक चमेरा पावर स्टेशन-2 पंकज कुमार सिंह परियोजना प्रमुख विद्युत, अजय श्रीवास्तव चमेरा पावर स्टेशन-2 व परियोजना प्रमुख विद्युत टीकेश्वर प्रसाद चमेरा पावर स्टेशन-3, कार्यकारी निरीक्षक अमर उज्जेयन, कंपनी कमांडेंट होमगार्ड मानसिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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