ज़िला में 18 जुलाई और 21 नवंबर को लगेंगी विशेष लोक अदालतें
ऊना, 22 मई। हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत विशेष रूप से चेक अनादरण (चेक डिसऑनर) से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए जिला ऊना और उपमंडल अम्ब स्थित न्यायालय परिसर में 18 जुलाई और 21 नवंबर को विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि वित्तीय प्रकृति के ये मामले समझौता योग्य होने के कारण लोक अदालत जैसे वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र के माध्यम से प्रभावी ढंग से सुलझाए जा सकते हैं। इससे संबंधित पक्षों को त्वरित न्याय मिलने के साथ-साथ समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने संबंधित पक्षों से आग्रह किया है कि वे इन लोक अदालतों का लाभ उठाकर आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में अपने मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।
सचिव ने कहा कि लोक अदालतें न्याय प्रणाली को सरल, सुलभ एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनके माध्यम से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान को बढ़ावा मिल रहा है।
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शारीरिक शिक्षक पदों के लिए बैचवाइज काउंसलिंग 3 और 4 जून को उप निदेशक कार्यालय ऊना में
ऊना, 22 मई। उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना, सोमलाल धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला रोजगार कार्यालय ऊना तथा उपरोजगार कार्यालय बंगाणा, अंब एवं हरोली द्वारा बैच आधार पर शारीरिक शिक्षक के रिक्त पदों को भरने के लिए जिन अभ्यर्थियों के नाम प्रायोजित किए गए हैं, उनकी बैचवाइज काउंसलिंग प्रक्रिया 3 एवं 4 जून को प्रातः 10:30 बजे उप निदेशक, स्कूल शिक्षा (प्रारंभिक) ऊना कार्यालय में आयोजित की जाएगी।
बता दें, ऊना जिला में शारीरिक शिक्षकों के कुल 39 पदों के लिए काउंसलिंग होंगी जिनमें अनारक्षित श्रेणी में 7 पद, ईडबल्यूएस श्रेणी के 2 पद, ओबीसी सामान्य श्रेणी में 7 पद, ओबीसी की बीपीएल श्रेणी में 5 पद, ओबीसी की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में 1 पद, एससी की सामान्य श्रेणी में 6 पद, एससी की बीपीएल श्रेणी में 3 पद, एससी की स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में 2 पद, एसटी की सामान्य श्रेणी में 4 पद और एसटी की बीपीएल श्रेणी में 2 पद शामिल है।
श्री श्रीमान ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी अपने गृह जिले में निर्धारित तिथि के अनुसार किसी भी एक दिन उपस्थित होकर काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान अपने जिला के लिए अपना प्राथमिकता क्रम देना होगा, जिसे बाद में किसी भी परिस्थिति में परिवर्तित नहीं किया जाएगा।
उप निदेशक ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों को केवल अपने गृह जिले में ही काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति होगी तथा अन्य किसी जिले में उनकी प्राथमिकताएं स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने बताया कि केवल वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जो शारीरिक शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 10 जनवरी 2011 तथा निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं को पूरा करते हों।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि किसी पात्र अभ्यर्थी का नाम संबंधित रोजगार कार्यालय द्वारा प्रायोजित नहीं किया गया है, लेकिन वह संबंधित रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है, तो ऐसे अभ्यर्थी भी निर्धारित तिथि को आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक दूरभाष नंबर 01975-223088 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पंचायती चुनावों में निर्वाचन व्यय पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी
ऊना, 22 मई। पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव-2026 के दृष्टिगत जिला ऊना में जिला परिषद सदस्य पद के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए निर्वाचन व्यय के लेखे तथा उसकी अधिकतम सीमा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह चुनाव 26 मई, 28 मई तथा 30 मई 2026 को तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
जारी निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम-92 के तहत प्रत्येक प्रत्याशी को निर्वाचन व्यय का पृथक एवं सही लेखा निर्धारित प्रपत्र-44 में प्रतिदिन के आधार पर संधारित (व्यवस्थित) करना अनिवार्य होगा। जिला परिषद सदस्य पद के लिए प्रत्याशी द्वारा किए जाने वाले चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है।
साथ ही, प्रत्याशी को निर्वाचन व्यय से संबंधित सभी अभिलेख, वाउचर, रसीदें एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने होंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अथवा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत अधिकारी के समक्ष निरीक्षण के लिए प्रस्तुत किए जा सकें।
इसके अतिरिक्त निर्वाचन व्यय का लेखा प्रपत्र-45 में व्यय विवरण सहित जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को प्रस्तुत करना होगा, जबकि संबंधित घोषणा प्रपत्र-46 में संलग्न की जाएगी। इसके उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) द्वारा उक्त लेखे का प्रमाणीकरण प्रपत्र-47 में किया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी उम्मीदवारों से निर्वाचन व्यय संबंधी नियमों एवं प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
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