जिला रोजगार कार्यालय चंबा द्वारा भरें जाएंगे सुरक्षा गार्ड के 100 पद
7 से 11 सितंबर तक होंगे कैंपस इंटरव्यू
चंबा, 1 सितंबर -जिला रोजगार अधिकारी जितेंद्र सिंह वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला रोजगार कार्यालय चंबा द्वारा निजी कंपनी सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर के लिए कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है। कंपनी द्वारा सुरक्षा गार्ड के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यार्थी अपने शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, रोजगार कार्यालय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा बायोडाटा सहित निर्धारित तिथि एवं स्थान पर प्रातः 10:30 बजे उपस्थित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त पदों के लिए 10वीं या उससे अधिक शैक्षणिक योग्यता तथा 19 से 40 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। भर्ती केवल पुरुष अभ्यार्थियों के लिए होगी तथा अभ्यार्थी की ऊंचाई 168 सेंटीमीटर या इससे अधिक और वजन 55 से 95 किलोग्राम के बीच होना चाहिए। चयनित अभ्यार्थियों को एक माह के प्रशिक्षण के बाद 17 हजार से 24 हजार रुपये वेतन सहित अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे। कैंपस इंटरव्यू 7 सितंबर को उप रोजगार कार्यालय भरमौर, 8 सितंबर को जिला रोजगार कार्यालय चंबा, 9 सितंबर को उप रोजगार कार्यालय डलहौजी, 10 सितंबर को उप रोजगार कार्यालय सुंडला तथा 11 सितंबर को उप रोजगार कार्यालय तीसा में आयोजित किया जाएगा। सभी स्थानों पर साक्षात्कार का समय प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रहेगा। जिला रोजगार अधिकारी ने स्पष्ट किया कि साक्षात्कार हेतु कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
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हमीरपुर में भारी बारिश से दो दिनों के दौरान लगभग 11.25 करोड़ का नुक्सान
इस सीजन के दौरान जिला में हुए नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ से भी अधिक

हमीरपुर 01 सितंबर। जिला हमीरपुर के अधिकांश क्षेत्रों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश से 11.25 करोड़ रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इसी के साथ इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में मंगलवार दोपहर तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार गत 24 घंटों के दौरान जिले भर से 11.25 करोड़ रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इस दौरान एक कच्चा मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है और 2 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को लगभग 10 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं को 1.24 करोड़ रुपये और बिजली की लाइनों का भी लगभग एक लाख रुपये का नुक्सान हुआ है।
एडीसी ने बताया कि इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस सीजन में अभी तक लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक 45.33 करोड़ रुपये का नुक्सान हुआ है। जबकि, जल शक्ति विभाग को 23.42 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 1.13 करोड़, नेशनल हाईवे को 50.22 लाख और शिक्षा विभाग को 17.70 लाख रुपये की क्षति हुई है। बागवानी की फसलों को 43.56 लाख रुपये के नुक्सान की रिपोर्टें भी प्राप्त हुई हैं। एक पंचायत घर के गिरने से लगभग 3.50 लाख रुपये के नुक्सान का अनुमान है। 2 किचन शैड गिरने से लगभग 65 हजार रुपये की क्षति हुई है।
इस सीजन में एक पक्का मकान और 6 कच्चे मकान ध्वस्त होने से लगभग 14.45 लाख रुपये के नुक्सान का अनुमान है। इसी दौरान 28 अन्य कच्चे मकानों और 5 पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है, जिससे लगभग 15.07 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है। 4 डंगे गिरे हैं, जिनमें लगभग 2.40 लाख रुपये की क्षति हुई है। 32 गौशालाओं के ध्वस्त होने से लगभग 8.85 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है।
एडीसी ने बताया कि राजस्व विभाग सहित सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों नुक्सान की रिपोर्ट तुरंत प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावितों की तुरंत मदद की जा सके।
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*नव निर्वाचित पंचायत पदाधिकारियों के बुनियादी प्रशिक्षण कार्यशालाओं का शेडयूल जारी*
ऊना, 1 सितम्बर। जिला ऊना की सभी ग्राम पंचायतों के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बुनियादी व क्षमता निर्माण प्रशिक्षण देने को लेकर विकास खंड बार बैच आधार पर शेडयूल निर्धारित किया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ऊना इशांत जसवाल ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सभी ग्राम पंचायत पदाधिकारियों को माह सितंबर से जनवरी, 2027 तक जिला परिषद हॉल ऊना में सुबह 10 से सायं 5 बजे तक बैच वाइज प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रतिभागी को प्रशिक्षण में उपस्थित होने के लिए अपना आधार कार्ड व आधार लिंक मोबाइल साथ लाना अनिवार्य रहेगा।
इशांत जसवाल ने बताया कि विकास खंड अंब में बैच नं. 1 के तहत 143 प्रतिभागियों को 8 से 11 सितम्बर तक जिला परिषद हाॅल ऊना में सुबह 10 से सायं 5 बजे तक प्रक्षिण दिया जाएगा। इनमें 19 प्रधानों, 19 उप प्रधानों और 105 वार्ड सदस्य शामिल रहेंगे। पहले बैच में ग्राम पंचायत अम्ब टिल्ला, अन्दौरा लोअर, अन्दौरा अप्पर, बधमाना, भगडाह, भैरा, छपरोह, चुरुडू, धंधड़ी, धर्मशाल महंता, धर्मशाल महंता खास, धुसाड़ा, डूहल बंगवालां, डूहल बटवालां, घघरेट, घेवट बेहड़, गिडपुर मलौण, ज्वाल व ज्वाल शामिल है। वहीं, दूसरे बैच में कुल 151 प्रतिभागियों के लिए 15 से 18 सितम्बर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा जिनमें 19 प्रधान, 19 उप प्रधान व 113 वार्ड सदस्य शामिल है। इनमें ग्राम पंचायत जबेहड़, कटोहड़ खुर्द, खरोह, कुठेहड़ा खैरला, कुठियाड़ी लडोली, लोहारा लोअर, लोहारा अप्पर, मैड़ी खास, मंदोली, मुबारिकपुर, नंदपुर, नारी चिंतपूर्णी, पोलियां पुरोहितां, प्रम्ब, राजपुर जस्वां, शिवपुर, रिपोह मिसरा व सारड़ा शामिल है। इसके अतिरिक्त तीसरे बैच में 153 प्रभागियों के लिए 22 से 25 सितम्बर तक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होगी। जिनमें 19 प्रधान, 19 उप प्रधान व 115 वार्ड सदस्य शामिल हैं। इनमें स्तोथर, सिद्ध चलेहड़, सपौरी, सूरी, टकारला, त्याई, ठठल, बेहड जस्वां, भटेहड़, चैआर, कोहाडच्छन, दियाड़ा, दिलवां, हम्बोली, सूरी, कलरुही, कटोहड़ कलां, बदाऊ व नैहरी नौरगां पंचायतें सम्मिलित हैं।
विकास खंड बंगाणा के तहत पहले बैच में 116 प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला 5 से 8 अक्तूबर तक सुबह 10 से सांय 5 बजे तक जिला परिषद हाॅल ऊना में आयोजित की जाएगी जिनमें 16 प्रधान 16 उप प्रधान व 84 वार्ड सदस्य शामिल रहेंगे। इनमें अंबेहड़ा धीरज, अरलू खास, बडूही, बल्ह, बल्ह खालसा, बैरियां, बोहरु, बुधान, बुढवार, चमयाड़ी, चंगर, छपरोह कलां, चैली, चुल्हड़ी, ढयूंगली व दोबड़ ग्राम पंचायतें भाग लेंगी। वहीं, दूसरे बैच में 125 प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला 13 से 16 अक्तूबर तक जिला परिषद हाॅल ऊना में लगेगी। इनमें डोहगी, जसाणा, करमाली, कठोह, खरियालता, लठियाणी, मलांगड़, पलाहटा, पल्लियां, पिपलू, परोईयां कलां, सिहाणां, सोहारी, सुकडियाल, टकोली, तनोह व थहड़ा ग्राम पंचायतों के 17 प्रधान, 17 उप प्रधान व 91 वार्ड सदस्य भाग लेंगे। इसके अलावा तीसरे बैच में 122 प्रतिभागी भाग लेंगे जिनके लिए 21 से 24 अक्तूबर तक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इनमें मंदली, डोहक, मोमनियार, बौल, थानाकलां, घुघन ककरानाप, जोल, धनेत, रायपुर मैदान, टीहरा, टांडा, डीहर, चैकी खास, धुंदला, हटली केसरु व धतोल ग्राम पंचायतों के 16 प्रधान, 16 उप प्रधान व 90 वार्ड सदस्य शामिल होंगे।
विकास खंड गगरेट के तहत पहले बैच का प्रशिक्षण 3 से 6 नवम्बर को आयोजित होगा जिनमें गगरेट विकास खंड के 123 प्रतिभागी प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेंगे। इनमें ग्राम पंचायत अभयपुर, अम्बोआ, अम्लेहड़, बबेहड़, बडेहड़ा राजपूतां, बड़ोह, भद्रकाली, भंजाल अप्पर, ब्रह्मपुर, चलेट, डंगोह खास, डंगोह खुर्द, गगरेट अप्पर, गणु मंदवाड़ा व घनारी पंचायतों के 15 प्रधान, 15 उप प्रधान व 93 वार्ड सदस्य शामिल होंगे। वहीं दूसरे बैच के तहत 107 प्रतिभागियों के लिए 10 से 13 नवम्बर तक जिला परिषद हाॅल ऊना में सुबह 10 से सायं 5 बजे तक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इनमें गोंदपुर बनेहड़ा लोअर, गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर, गुगलैहड़, जाडला कोयड़ी, जोह, कैलाश नगर, कलोह, कुनेरन, कुठेड़ा जसवालां, लोहारली, मरवाड़ी, मवां कोहलां व मवां सिंधियां पंचायतों के 13 प्रधान, 13 उप प्रधान व 81 वार्ड सदस्य शामिल रहेंगे। इसके अलावा तीसरे बैच के लिए 17 से 20 नवम्बर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा जिनमें ग्राम पंचायत नकडोह, नंगल जरियालां, ओयल, पिरथीपुर, रायपुर, रामनगर, सलोह वेरी, संघनेई, टटेहड़ा, अम्बोटा, चतेहड़, दियोली व भंजाल लोअर के 13 प्रधान 13 उप प्रधान व 93 वार्ड सदस्य शामिल हैं।
हरोली विकास खंड के तहत पहले बैच का प्रशिक्षण 25 से 28 नवम्बर तक जिला परिषद हाॅल ऊना में आयोजित होगा। इनमें ग्राम पंचायत बडेहड़ा, बालीवाल, बाथड़ी, बट्ट कलां, भैणी खड्ड, भडियारन, भदोड़ी, भदसाली, भदसाली हार, चंदपुर, छेत्रां, धर्मपुर, घालूवाल, गोंदपुर बुल्ला, गोंदपुर जयचंद, हिलेड़ा बिलना व हरोली के 145 प्रतिभागी भाग लेंगे। दूसरे बैच का प्रशिक्षण 140 प्रतिभागियों के लिए 2 से 5 दिसम्बर तक जिला परिषद हाॅल ऊना में आयोजित होगा। इनमें हीरा नगर, हीरां, कांगड़, कर्मपुर, खड्ड, कुंगड़त, लोअर बढ़ेड़ा, लोअर पंजावर, नगनोली, पालकवाह, पंजावर, पूवोवाल, रोड़ा, सलोह, समनाल व सैंसोवाल के 16 प्रधान, 16 उप प्रधान व 108 वार्ड सदस्य भाग लेंगे। इसके अलावा तीसरे बैच के तहत 135 प्रतिभागियों के लिए 8 से 11 दिसम्बर तक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होगी। इनमें सिंगा, बीटन, जखेवाल, नंगल खुर्द, ललड़ी, लोअर ललड़ी, ईसपुर, ईसुपर टांडा, बाथू, पोलियां बीत, मलूवाल, दुलैहड़, कुठारबीत, पंडोगा व पंडोगा निचला के 15 प्रधान, 15 उप प्रधान व 105 वार्ड सदस्य भाग लेंगे।
इसके अतिरिक्त विकास खंड ऊना के अंतर्गत पहले बैच में 139 प्रतिभागियों के लिए 15 से 18 दिसम्बर तक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होगी। इनमें ग्राम पंचायत अबादा बराना, अजनोली, बडैहर, बदोली, बडसाला, बसोली, बटूही, भडोलियां कलां, भटोली, बीनेवाल, चलौला, चड़तगढ़, छतरपुर, डंगोली, डठबाड़ा, देहलां लोअर व देहलां अप्पर के 17 प्रधान 17 उप प्रधान व 105 वार्ड सदस्य शामिल हैं। दूसरे बैच में 76 प्रतिभागियों को 21 से 24 दिसम्बर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें ग्राम पंचायत धमांदरीख् फतेहपुर, जखेड़ा, झम्बर, झूडोवाल, खानपरु, कुरियाला, लमलैहड़ा, लमलैहड़ी व लोअर बसाल के 10 प्रधान, 10 उप प्रधान व 56 वार्ड सदस्य सम्मिलित हैं। तीसरे बैच में 109 प्रतिभागियों के लिए 28 से 31 दिसम्बर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें ग्राम पंचायत मदनपुर, मजारा, मलूकपुर, मैहतपुर, नंगड़ां, नारी, पनोह, रायपुर सहोड़ां, सनोली, सासन, सुनेहरा, टब्बा व त्यूड़ी के 13 प्रधान, 13 उप प्रधान व 83 वार्ड सदस्य भाग लेंगे। इसके अलावा चैथे बैच में 110 प्रतिभागियों के लिए 4 से 7 जनवरी, 2027 तक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होगी। इनमें ग्राम पंचायत उदयपुर, बनगढ़, बरनोह, डंगेड़ा, बसाल अप्पर, ठाकुरद्वारा, बहडाला लोअर, अप्पर बहडाला, चताडा, जनकौर, बरसाडा, नंगल सलांगड़ी, समूरकलां व टक्का के 14 प्रधान, 14 उप प्रधान व 82 वार्ड सदस्य भाग लेंगे।
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डिजिटल कृषि पहल के तहत होगा किसानों का डिजिटल क्रॉप सर्वे
धर्मशाला, 1 सितम्बर : केन्द्र एवं राज्य सरकार की डिजिटल कृषि पहल के अंतर्गत कांगड़ा जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य किया जा रहा है। इस सर्वे के माध्यम से जिले में विभिन्न फसलों से संबंधित आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे, जिनके आकलन के आधार पर भविष्य में कृषि से संबद्ध योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने तथा कृषि संबंधी नीतियों के बेहतर निर्माण में सहायता मिलेगी।

यह जानकारी उपनिदेशक कृषि, कांगड़ा ने देते हुए बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए एम/एस स्टार एग्रीबाजार टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कंपनी द्वारा नियुक्त सर्वेक्षक गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल संबंधी आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे।

उन्होंने बताया कि किसी भी किसान, पंचायत प्रतिनिधि अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति को डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी, स्पष्टीकरण अथवा संदेह हो तो वे अपने क्षेत्र के संबंधित कृषि विषयवाद विशेषज्ञ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उपनिदेशक कृषि ने जिले के समस्त किसानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से एग्रीस्टैक के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि वे सर्वेक्षकों को फसल एवं कृषि गतिविधियों से संबंधित सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं, ताकि सर्वे का कार्य निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त आंकड़े जिले में कृषि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा भविष्य में किसानों के हित में योजनाओं एवं नीतियों के प्रभावी निर्धारण में उपयोगी सिद्ध होंगे।
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उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
बिलासपुर 01 सितम्बर: जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, बिलासपुर शीतल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के विभिन्न थोक भंडारों सदर बिलासपुर, घुमारवीं, झंडूता तथा श्री नैना देवी जी से उचित मूल्य की दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी (उचित मूल्य की दुकानों पर उतराई) कार्य हेतु वर्ष 2026-28 के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक निर्धारित शर्तों के अनुसार अपनी निविदाएं ई-टेंडरिंग पोर्टल https://hptenders.gov.in पर 20 सितम्बर 2026 को सायं 5 बजे तक ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय के उपरांत प्राप्त किसी भी निविदा को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्राप्त निविदाएं 21 सितम्बर 2026 को प्रातः 11 बजे निविदाताओं अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला दंडाधिकारी बिलासपुर अथवा उनके प्रतिनिधि के समक्ष उनके कार्यालय या उनके द्वारा निर्धारित स्थान पर खोली जाएंगी। उन्होंने सभी इच्छुक ठेकेदारों से समय सीमा के भीतर ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण कर निविदाएं जमा करने का आग्रह किया है।
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सोलन दिनांक 01.09.2026

विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध समीक्षा बैठक आयोजित

मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक की अध्यक्षता में ज़िला के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं क्रियान्वयन के सम्बन्ध में आज यहां वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
डॉ. अजय पाठक ने निर्देश दिए कि ज़िला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में 24x7 आइसोलेशन बेड उपलब्ध एवं क्रियाशील रखे जाएं। उन्होंने विशेष रूप से इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण तथा गंभीर तीव्र सांस संक्रमण वाले बीमार रोगियों की तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी उक्त बीमारी वाले रोगियों का समय पर मूल्यांकन, आइसोलेशन, उपचार एवं आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल करने सुनिश्चित बनाएं।
डॉ. अजय पाठक ने सम्बन्धित अधिकारियों को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जमीनी स्तर पर सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत प्रति सप्ताह तीन एच.पी.वी. टीकाकरण शिविर आयोजित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि एच.पी.वी. टीकाकरण अभियान के बारे में जागरूक करने के लिए विद्यालयों में सप्ताह में दो दिन शिविर आयोजित किए जाएं। प्रथम दिन विद्यालयों में ‘जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम’ आयोजित किया जाए। इसमें विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को एचपीवी संक्रमण, इससे बचाव तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए तथा दूसरे दिन पात्र लाभार्थियों का एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक परामर्श एवं सहमति की प्रक्रिया पूरी हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को एचपीवी टीकाकरण अभियान जागरूकता शिविरों में सभी संबंधित ग्राम पंचायतों को शामिल करने तथा पात्र लाभार्थियों के अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इन शिविरों को केवल एचपीवी टीकाकरण तक सीमित न रखे बल्कि समग्र स्वास्थ्य सेवाओं एवं जन-जागरूकता के लिए एकीकृत स्वास्थ्य आउटरीच प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग करें। उन्होंने शिविरों में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गतिविधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए।
डॉ. पाठक ने बुखार एवं अन्य तीव्र बीमारी के मामलों की निगरानी तथा स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने सभी क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि बुखार के सभी मामलों की समयबद्ध रिपोर्टिंग निर्धारित निगरानी प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. योगेश गुप्ता, ज़िला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गगन दीप, स्वास्थ्य विभाग की ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका सहित ज़िला के समस्त चिकित्सा अधिकारी वर्चुअल माध्यम उपस्थित थे।
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जिला हमीरपुर में 42 किशोरियों को लगाई गई HPV वैक्सीन

आज जिला हमीरपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सतीश कुमार फोतेदार की
अध्यक्षता में HPV Vaccination Programme आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान 14 वर्ष की 42 किशोरियों को HPV वैक्सीन की खुराक
लगाई गई। इस अवसर पर किशोरियों को HPV संक्रमण, HPV वैक्सीन के महत्व,
इसके लाभ एवं सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उन्हें
टीकाकरण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया गया।

HPV वैक्सीनेशन किशोरियों के स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
है, जो भविष्य में HPV से संबंधित बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाता है।

स्वस्थ बेटियां, सुरक्षित भविष्य — HPV टीकाकरण को अपनाएं।
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पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय हमीरपुर में हिन्दी माह-2026 का शुभारंभ

HAMIRPUR-01.09.26-राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता एवं हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय हमीरपुर में आज दिनांक 01 सितंबर 2026 को हिन्दी माह-2026 का शुभारंभ किया गया।
यह हिन्दी माह 01 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा हिंदी के प्रति रुचि एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं, गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 01.09.2026 को राजभाषा प्रतिज्ञा के सामूहिक वाचन के साथ किया गया। इस अवसर पर मंडल प्रमुख श्री अरविंद यादव ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि देश की विविध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है। उन्होंने सभी से कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक एवं सहज प्रयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा कार्यालयीन कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया।
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आरसेटी में आरंभ हुआ 35 दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स

हमीरपुर 01 सितंबर। मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में मंगलवार को जूनियर ब्यूटीशियन के कोर्स के नए बैच का प्रशिक्षण आरंभ हो गया। पंजाब नेशनल बैंक के सर्कल कार्यालय के प्रमुख अरविंद यादव ने इस 35 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को रहने, खाने-पीने और सभी तरह की प्रशिक्षण सामग्री निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है।
प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए अरविंद यादव ने कहा कि आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षणार्थी अपना कारोबार आरंभ कर सकते हैं। इसके लिए अगर उन्हें बैंकों से ऋण की आवश्यकता पड़ेगी तो उसमें भी आरसेटी उनकी मदद कर सकता है।
इससे पहले, आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने मुख्य अतिथि और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता सलाहकार जीसी भट्टी, आरसेटी के फैकल्टी मैंबर विनय चौहान और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
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*सर्पदंश से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी*
*सावधानी बरतें, सर्पदंश की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें - डॉ. संजीव वर्मा*
ऊना, 1 सितंबर। ज़िला में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ऊना ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव वर्मा ने कहा कि बारिश के दौरान जहरीले सांपों के बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय तथा खेतों, झाड़ियों, लकड़ी या घास के आसपास काम करते समय सतर्कता बरतना आवश्यक है।
सीएमओ ने बताया कि सांप के काटने को सर्पदंश कहा जाता है। सर्पदंश की स्थिति में घाव, तेज जलन, उल्टी, मिचली, पसीना आना, चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी, पलकों का गिरना, नजर धुंधली होना अथवा काटे गए स्थान पर दर्द व सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सर्पदंश गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
*सर्पदंश से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां*
डॉ. संजीव वर्मा ने लोगों से अपील की कि जिन स्थानों पर सांप होने की आशंका हो, वहां लंबी घास, झाड़ियों, लकड़ी या पत्थरों के बीच हाथ न डालें। खेतों अथवा अन्य स्थानों पर कार्य करते समय लंबे और मजबूत जूते पहनें तथा बाजुओं और टांगों को ढककर रखें। रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बरसात के दौरान अंधेरे में नंगे पांव न चलें तथा जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें।
उन्होंने कहा कि घरों एवं आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखें और झाड़ियों तथा अनावश्यक कचरे को हटाते रहें, ताकि सांपों के छिपने की संभावना कम हो सके।
*सर्पदंश होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाएं*
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं और समय न गंवाएं। पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें तथा प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। इसके बाद तुरंत एंबुलेंस सेवा 108 को कॉल करें अथवा पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में ले जाएं।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक, घरेलू उपचार या घाव को काटने जैसी प्रक्रिया में समय न गंवाएं। समय पर चिकित्सकीय उपचार ही पीड़ित की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
*स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम*
डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम ऊना जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल अस्पतालों तथा क्षेत्रीय अस्पताल में उपलब्ध है। स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा आवश्यकता के अनुसार प्रदान की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को बिना देरी किए सरकारी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाएं, ताकि चिकित्सकों द्वारा आवश्यक उपचार समय पर शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि सतर्कता, समय पर चिकित्सा सहायता और सही उपचार सर्पदंश से होने वाले गंभीर परिणामों को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। बरसात के मौसम में सभी नागरिक सावधानी बरतें और सर्पदंश से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग की सहायता लें।