आज कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो धरने पर ना बैठा हो और बीजेपी सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज और अत्याचार ना किया हो: अदित्य देवीलाल

चंडीगढ़, 1 सितंबर। विधान सभा के मानसून सत्र के तीसरे और अखिरी दिन इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने शून्यकाल में सफाई कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ बीजेपी सरकार अन्याय और अत्याचार कर रही है। उसपे हैरानी इस बात की है कि मंत्री कह रहे हैं कि इन सफाई कर्मचारियों की मांगों को मानने के लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई जा सकती। अगर इच्छाशक्ति हो तो लोक भलाई के लिए कोई भी कानून बनाया जा सकता है। उन्होंने स्वर्गीय चौधरी देवीलाल का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि चौधरी देवीलाल ने बयान दिया था कि उनके मुख्यमंत्री बनते ही वो बुजुर्गों के लिए 100 रूपए प्रति माह पेंशन देंगे। उसपर तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल ने कहा था कि वे खुद वकील हैं और अगर ऐसा कोई कानून बन सकता तो वे खुद बना देते। चौधरी देवीलाल ने जवाब में कहा था कि मैं भेड़ चराने नहीं जा रहा हूं, मेरी सरकार बनते ही कानून बनाऊंगा, 100 रूपए पेंशन दूंगा और नीचे लिखूंगा देवीलाल। अपनी कही बात को कानून बना कर दिखाया।
अदित्य देवीलाल ने कहा कि आज बीजेपी की सरकार है और मंत्री भी उसी समाज से आते हैं ऐसे में मंत्री अपने समाज की जायज मांग को लेकर पॉलिसी क्यों नहीं बना सकते। अगर नहीं बना सकते तो सत्ता छोड़ दें, अपने समाज को क्यों गुमराह कर रहे हैं। आज कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो धरने पर ना बैठा हो और बीजेपी सरकार ने उनके ऊपर लाठीचार्ज और अत्याचार ना किया हो। किसानों और मजदूरों पर डंडे चलवाए।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अर्जुन चौटाला ने एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराध और अत्याचार किए जाने पर चिंता व्यक्त की और पूछा कि सरकार द्वारा इन अपराधों पर काबू पाने के लिए क्या नीति बनाई गई है?