चंडीगढ़, 11 अक्टूबर। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले बोलते हुए मताधिकार, किसानों और युवाओं से जुड़े अनेक मुद्दे उठाए है। दुष्यंत चौटाला ने विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर सरकार और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम आदमी के वोट काटकर लोकतंत्र को समाप्त करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। गांवों और शहरों में बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए है। आज वोट काटे जा रहे हैं, कल को वोट कटने के बाद इन्हीं लोगों का सरकार राशन देना भी बंद कर देगी। भाजपा सरकार ये बताए कि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से वह क्यों डर गई है और इस प्रदर्शन को रोकने के लिए बीएसएफ और सीआरपीएफ को तैनात करने की क्या जरुरत थी ? जाहिर है कि सरकार इस बात से डर गई है कि वोट चोरी का मुद्दा देश के आमजन तक ना पहुंच जाए, इसके लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सरकार ने संविधान में दिए गए अधिकार को दरकिनार कर तानाशाही रवैया अपनाया है। वे रविवार को महेंद्रगढ़ जिले के दौरान विभिन्न ग्रामीण सभाओं को संबोधित कर रहे थे।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में लगभग 34 लाख वोट काटे गए है, 15 प्रतिशत वोट काटे जाने की बात सामने आई है और कुछ मामलों में नाम के पीछे सरनेम जुड़ने जैसे आधार पर भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतें हैं। दुष्यंत ने कहा कि मतदाता सूची से नाम कटने के कारण लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित होने की आशंका सता रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी नागरिक का नाम गलत तरीके से काटा जाता है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी? दुष्यंत ने कहा कि लोकतंत्र में दमनकारी नीतियों के लिए कोई स्थान नहीं है, दमन का मतलब लोकतंत्र की हत्या करना है। दुष्यंत चौटाला ने ये भी कहा कि भाजपा राज में आज वोट काटे जा रहे है, कल राशन भी बंद होगा और देश के लोगों को विदेशी भी बताया जाएगा।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियों को जेल में डाला जा रहा है और युवा आंदोलनकारियों को उग्रवादी बताने तथा विदेशी फंडिंग जैसे आरोपों के जरिए बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोकने के लिए करीब 25 हजार अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई, जबकि प्रदर्शन में शामिल युवाओं की संख्या लगभग सात हजार बताई जा रही थी। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि दमनकारी कार्रवाई से।

दुष्यंत चौटाला ने किसानों के मुद्दे पर कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के दौरान किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके देश का पेट भरता है, लेकिन उसे अपनी उपज बेचने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। सरकार को किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए बार-बार परेशान न होना पड़े। दुष्यंत ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब जेजेपी हरियाणा की सत्ता में हिस्सेदार थी, तब गांवों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से हजारों डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की पहल की गई थी। इसका उद्देश्य था कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि अब इन लाइब्रेरी के नाम बदलकर अटल लाइब्रेरी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को नाम बदलने के बजाय युवाओं के लिए नई सुविधाएं विकसित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री को लेकर भी दुष्यंत चौटाला ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री प्रदेश की समस्याओं को पर्याप्त समय नहीं दे रहे और पंजाब में अधिक समय बिताते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो प्रदेश के लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करे।