हमीरपुर 27 अक्तूबर। बच्चों के अधिकारों की रक्षा और इनके प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) द्वारा आरंभ किए गए ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिला हमीरपुर में भी जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से 26 से 31 अक्तूबर तक कई जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में, मंगलवार को हिम अकादमी पब्लिक स्कूल विकासनगर में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायधीश और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चांे के अधिकारों की रक्षा के लिए किशोर न्याय अधिनियम में बहुत ही कड़े प्रावधान किए गए हैं। उन्हांेने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम-2012 में भी बहुत ही कड़े प्रावधान रखे गए हैं। इसके अलावा अन्य कानूनों के माध्यम से भी बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की गई है। जिला एवं सत्र न्यायधीश ने कहा कि आज के दौर में साईबर अपराध बहुत बड़ी चुनौती बन गए हैं। इनके प्रति भी बच्चों को सचेत करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को साईबर अपराध से संबंधित अधिनियमों की जानकारी भी दी।
इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य अधिवक्ता अश्वनी लंबरदार, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की पैनल अधिवक्ता स्नेह लता और अन्य अधिकारियों ने भी बाल अधिकारों और इनसे संबंधित अधिनियमों की जानकारी दी।
उधर, एसडी स्कूल हमीरपुर में आयोजित इसी तरह के कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रवि कुमार और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुजानपुर में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा तथा अन्य अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।