धर्मशाला, 03 अप्रैल। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कजलोट पंचायत को इको टूरिज्म की दृष्टि से विकसित करने के लिए कारगर प्लान तैयार किया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें। वीरवार को उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने काला पुल तथा गलू में लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत कहा कि कजलोट पंचायत नगर निगम धर्मशाला क्षेत्र की सीमा पर स्थित है तथा यहां पर पर्यटन को लेकर असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि कालापुल में ट्री हाउस को खुलवाने के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि पर्यटक इसका भरपूर लाभ उठा सकें।
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पूर्व की कजलोट तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के विकास में पूर्व की कांग्रेस सरकारों का अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य तथा शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में कांग्रेस सरकारों के समय ही प्रयास हुए हैं। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा तथा ग्रामीणों की डिमांड के अनुरूप विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी ताकि ग्रामीण स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिलें।
इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कजलोट के ग्रामीणों की पेयजल समस्या को एक सप्ताह के भीतर दूर किया जाए इसके साथ ही महिला मंडल भवन के लिए भूमि चयन प्रक्रिया की औपचारिकताएं तीन दिन के भीतर पूरी करने के निर्देश उपमंडल प्रशासन को दिए गए हैं इसके साथ ही विद्युत की समस्या का निराकरण करने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि इसी माह के अंत में महिला मंडल भवन का शिलान्यास किया जाएगा तथा पेयजल समस्या के निराकरण की फीड बैक भी ली जाएगी।इस अवसर पर नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त जफर इकबाल, वन अरण्यपाल वासु कौशल, मुख्य अभियंता जलशक्ति दीपक गर्ग,एसडीएम संजीव भोट,डीएफओ दिनेश शर्मा, अधिशासी अभियंता जलशक्ति शाहपुर अमित डोगरा,अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण अंकज सूद, बीडीओ रैत अनिल,आरओ सुमित शर्मा,कांग्रेस नेता विजय कर्ण ,पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत राणा, प्रदीप बलौरिया,लालमन,उपमुख्य सचेतक के सलाहकार विनय,वार्ड पंच शैली, रछपाल पठानिया,अशोक पठानिया, सुरेश शर्मा,चतर सिंह,रमन कुमार, स्पेनू गांववासियों के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।