बिलासपुर 3 अप्रैल-नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने वीरवार को बचत भवन में जिला में विभिन्न विभागों के माध्यम से चल रहे विभिन्न विकास कार्य की समीक्षा बैठक की।

उन्होंने सभी विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और समयबद्ध रूप से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए कहा।

उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किस क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है और कहां पर इसमें सुधार की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, जिला में क्लाइमेट जोन के आधार पर फसलों की पैदावार के लिए अनुसंधान कर उसके अनुसार फोकस किया जाना चाहिए।

उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु विभिन्न शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग को यह भी कहा गया कि किसानों को जैविक खेती से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाए।

उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए कि जिला में भूमिहीन लोगों के लिए भूमि चयनित की जाए और आगामी बैठक में इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि जरूरतमंदों को भूमि उपलब्ध करवाई जा सके।

पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि जिले में सिंथेटिक ड्रग्स के खतरे पर विशेष ध्यान दिया जाए। पंचायत स्तर पर ड्रग्स की स्थिति की मैपिंग की जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ड्रग्स के मामलों से सख्ती से निपटा जाए और लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों को दी जाए। कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों को इन परियोजनाओं का एक्सपोजर विजिट करवाया जाए, जिससे उनका व्यावहारिक ज्ञान बढ़े और वे भविष्य में बेहतर योगदान दे सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की जो भी योजनाएं भारत सरकार से टेक अप‌ की जानी है उसकी सूची उपलब्ध करवाई जाए।

उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग के अंतर्गत बिलासपुर वृत में चार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं—सदर बिलासपुर, श्री नैना देवी जी, घुमारवीं और झंडूता। विभाग द्वारा 173 ग्राम पंचायतों के 951 गांवों एवं 2487 उप-गांवों के निवासियों को स्वच्छ पेयजल और सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

बिलासपुर जल शक्ति वृत के अंतर्गत कुल 288 पेयजल योजनाएं संचालित हैं, जिनमें 97 ग्रेविटी आधारित, 191 उठाऊ पेयजल योजनाएं तथा 3143 हैंडपंप शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, जिले में 76 सिंचाई योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, जिनमें 65 उठाऊ सिंचाई योजनाएं, 11 लघु बहाव सिंचाई योजनाएं तथा एक मध्यम सिंचाई परियोजना शामिल हैं। इन योजनाओं से क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 10 रुपए का खर्च आता है, जो प्रति परिवार लगभग 1500 रुपए प्रतिमाह व्यय होता है।

उन्होंने बताया कि जिला में नाबार्ड के अंतर्गत 13 सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत सड़क और पुल सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है, जिससे यातायात सुगम हो और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकें। बताया कि झंडूत्ता क्षेत्र में पनोह से झंडूत्ता-नंद नगराओ सड़क खंड के उन्नयन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिसकी भौतिक प्रगति 98% तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, झंडूत्ता में 330 मीटर लंबे डबल लेन हाई लेवल ब्रिज के निर्माण कार्य में 95% प्रगति हो चुकी है। ये दोनों परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया कि
सतलुज नदी पर 301 मीटर लंबे भजवानी पुल के निर्माण की आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। वहीं, नवगांव-बेरी सड़क के उन्नयन का कार्य 79 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। इन सभी परियोजनाओं के लिए कुल 260 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 19 सड़कों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।

बैठक में उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, एसडीएम अभिषेक गर्ग, गौरव चौधरी‌ के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।