डीसी राहुल कुमार ने रोहड़ा सेक्टर स्थित प्राइमरी स्कूल और एमसी कार्यालय डियारा सेक्टर का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

बिलासपुर, 22 जनवरी 2026-उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने वीरवार को शहर के रोड सेक्टर में स्थित प्राइमरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में बच्चों को प्रदान किए जा रहे मिड डे मील की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की गहनता से जांच की। उपायुक्त ने स्वयं मिड डे मील को ग्रहण कर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को पोषणयुक्त, स्वच्छ एवं समय पर भोजन उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय के छात्रों से संवाद भी किया तथा उनसे पढ़ाई, भोजन व्यवस्था और विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं को लेकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न प्रश्न पूछकर उनकी समझ, रुचि और समस्याओं को जाना तथा शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए।

इसके उपरांत उपायुक्त राहुल कुमार ने नगर परिषद कार्यालय डियारा सेक्टर का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने शहर की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर बल देते हुए कहा कि कूड़े का सही ढंग से अलग करना अर्थात वेस्ट सेग्रीगेशन पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।

उपायुक्त ने मौके पर कूड़े को अलग-अलग श्रेणियों में संग्रहित करने तथा उसके वैज्ञानिक और उचित निपटान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं जनसहभागिता के साथ लागू किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर केवल प्रशासन की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और इसके लिए जागरूकता के साथ-साथ ठोस क्रियान्वयन आवश्यक है।

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उपायुक्त कार्यालय का वरिष्ठ सहायक सुभाष चंद निलंबित

बिलासपुर, 22 जनवरी : निदेशक, भूमि अभिलेख हिमाचल प्रदेश, शिमला-9 ने जिला बिलासपुर में उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक सुभाष चंद के विरुद्ध आपराधिक मामले की जांच प्रचलित होने के कारण तथा दिनांक 20 जनवरी 2026 को 48 घंटे से अधिक अवधि तक हिरासत में रहने के फलस्वरूप उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
इस बारे पुष्टि करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम-10 की उपनियम (2) के अंतर्गत सुभाष चंद को उनकी हिरासत की तिथि 20 जनवरी 2026 से निलंबित माना गया है तथा आगामी आदेशों तक निलंबन की अवस्था में रहेंगे।

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प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन को दोगुना करने की तैयारी,
मत्स्य पालन निदेशालय बिलासपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

बिलासपुर, 22 जनवरी 2026-हिमाचल प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन को सुदृढ़, आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मत्स्य पालन विभाग द्वारा निदेशालय बिलासपुर में “बेस्ट मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज एवं टेक्नोलॉजी इन्फ्यूजन के माध्यम से प्रदेश में फिश सीड प्रोडक्शन को बढ़ावा देने” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता निदेशक मत्स्य विवेक चंदेल ने की।

इस अवसर पर प्रदेश के सभी फील्ड अधिकारियों विशेष रूप से राज्य के विभिन्न मत्स्य फार्मों के प्रभारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में मछली बीज उत्पादन को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ बनाना रहा, ताकि मत्स्य क्षेत्र को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त किया जा सके।

निदेशक विवेक चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में विभाग ठोस रणनीति के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में कार्प प्रजाति की मछलियों के बीज यानी अंडों का उत्पादन लगभग 30 लाख तथा ट्राउट मछलियों के अंडों का उत्पादन लगभग 20 लाख किया जा रहा है, जिसे आगामी समय में बढ़ाकर लगभग दुगना करने की योजना है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को इस कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश एवं विदेश में प्रचलित श्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों को अपनाया जाएगा तथा नवीनतम तकनीकों को प्रदेश के सभी मत्स्य फार्मों में चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा, जिससे उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

निदेशक ने बताया कि मछली बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ब्रूड स्टॉक मैनेजमेंट पर विशेष फोकस किया जाएगा तथा अंडे देने वाली मछलियों के लिए विशेष आहार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उच्च गुणवत्ता का उत्पादन संभव हो सके। इसके अतिरिक्त मछली उत्पादन के लिए जल के विभिन्न पैरामीटर की नियमित निगरानी की जाएगी तथा मत्स्य उत्पादन से संबंधित पर्यावरणीय परिस्थितियों को और अधिक अनुकूल एवं उपयुक्त बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

कार्यशाला में उपनिदेशक मत्स्य चंचल, सहायक निदेशक मुख्यालय सोमनाथ, सहायक निदेशक मत्स्य पंकज ठाकुर बिलासपुर, जय सिंह चंबा, संदीप कुमार पोंग डैम, विवेक शर्मा ऊना, नीतू सिंह मंडी, उपनिदेशक अरुण कांत वर्मा कुल्लू तथा सहायक निदेशक मत्स्य राकेश कुमार पालमपुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर वाहन पंजीकरण के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित

बिलासपुर, 22 जनवरी : परिवहन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने जिला बिलासपुर के पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) में फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर वाहनों के कथित पंजीकरण से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य परिवहन प्राधिकरण, हिमाचल प्रदेश के सचिव की अध्यक्षता में कार्य करेगी। समिति में तिलोक चंद, उप प्रबंधक (आईटी), परिवहन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश, शिमला-4 तथा पंकज सिंह, वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षक, कार्यालय आरटीओ शिमला को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
इस बात की पुष्टि करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि इस समिति द्वारा मैसर्स रुआन एंटरप्राइजेज से ई-मेल के माध्यम से प्राप्त शिकायत की विस्तृत जांच की जाएगी।