बिलासपुर में उद्यान विभाग की वार्षिक कार्य योजना को मिली मंजूरी, बागवानी क्षेत्र के विकास पर 4 करोड़ 80 लाख का प्लान स्वीकृत

बिलासपुर, 29 जनवरी 2026:जिला मुख्यालय के बचत भवन में उद्यान विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्य योजना प्रस्तुत की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर, उप निदेशक उद्यान विभाग प्रेम चंद ठाकुर, अग्रणी जिला प्रबंधक यूको बैंक चंद्रशेखर सहित जिला के प्रगतिशील किसान प्रेमलाल नड्डा, मीना कुमारी और नरेंद्र विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कमेटी ने जिला में बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 4 करोड़ 80 लाख रुपये की वार्षिक कार्य योजना को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उद्यान विभाग द्वारा पिछले वर्षों में निरंतर किसानों के कल्याण के लिए कार्य किया गया है। वर्ष 2024-25 और वर्ष 2025-26 के दौरान जिला के 300 से अधिक किसानों को विभाग के विभिन्न घटकों के माध्यम से लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष 2026 के लिए जिला बिलासपुर में कीवी और ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को जागरूक करने हेतु एक अलग कंपोनेंट रखा गया है, जिसके तहत बागवानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

जिला में कृषि विविधीकरण पर जोर देते हुए उपायुक्त ने बताया कि मशरूम, फूलों और मसालों की खेती के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा। खेतों में फार्म पोंड्स और टैंक बनाने के लिए किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी के तहत लाभ दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिले में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट और ऑर्गेनिक इनपुट प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक बागवानी उपकरणों जैसे पावर टिलर और प्लांट प्रोटेक्शन इक्विपमेंट की खरीद पर भी किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिला में हाइब्रिड सब्जियों के उत्पादन के लिए भी 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ किसानों तक पहुँचाया जाएगा।

उपायुक्त ने प्रशिक्षण और विस्तार गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वार्षिक कार्य योजना के तहत जिला के लगभग 150 किसानों को विभिन्न बागवानी तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। किसानों को प्रगतिशील बनाने और नई तकनीकों से रूबरू करवाने के लिए जिला में सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रदर्शनियां, किसान मेले और हॉर्टिकल्चर शो आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर का मुख्य उद्देश्य फल, सब्जी, मशरूम और फूलों के क्षेत्र में रिसर्च, तकनीक प्रोत्साहन, पोस्ट-हार्वेस्टिंग मैनेजमेंट और मार्केटिंग को मजबूत करना है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

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जिला बिलासपुर के विकास के लिए 1625.83 करोड़ रूपए की ऋण क्षमता निर्धारित, नाबार्ड का ऋण रोडमैप किया जारी

डीसी राहुल कुमार ने नाबार्ड की संभाव्यतायुक्त ऋण योजना का किया विमोचन

बिलासपुर, 29 जनवरी 2026:जिला बिलासपुर की आर्थिक प्रगति और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त राहुल कुमार ने आज वर्ष 2026-27 के लिए नाबार्ड द्वारा तैयार 'संभाव्यतायुक्त ऋण योजना' का आधिकारिक विमोचन किया। इस व्यापक वित्तीय दस्तावेज में जिले के विकास हेतु कुल 1625.83 करोड़ की ऋण क्षमता का आकलन किया गया है। निर्धारित लक्ष्यों के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए 714.74 करोड़, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए 771.35 करोड़ तथा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे आवास, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 139.74 करोड़ आवंटित करने का प्रावधान किया गया है।

संभाव्यतायुक्त ऋण योजना का विमोचन करते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि यह ऋण योजना भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिसंपत्ति निर्माण और स्थायी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने वित्तीय संस्थानों और बैंकों से अपनी ऋण प्रवाह प्रक्रियाओं को और अधिक सक्रिय बनाने का आह्वान किया ताकि स्थानीय किसानों और उद्यमियों को समयबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके।

राहुल कुमार ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए तैयार संभाव्यतायुक्त ऋण योजना के अंतर्गत जिला बिलासपुर में कृषि क्षेत्र के फसल उत्पादन, रखरखाव एवं विपणन के लिए 465.67 करोड़ रूपए, जल संसाधन विकास हेतु 16.93 करोड़ रूपए, कृषि यंत्रीकरण के लिए 21.27 करोड़ रूपए, बागवानी, पौधारोपण एवं सेरीकल्चर के लिए 30.04 करोड़ रूपए, वानिकी एवं बंजर भूमि विकास के लिए 5.71 करोड़ रूपए तथा अन्य कृषि गतिविधियों के लिए ऋण प्रावधान शामिल है। कृषि अवसंरचना क्षेत्र के लिए कुल 16.80 करोड़ रूपए का ऋण प्रावधान किया गया है, जिसमें भंडारण संरचनाओं के निर्माण के लिए 5.65 करोड़ रूपए, भूमि विकास, मृदा संरक्षण एवं बंजर भूमि विकास के लिए 9.75 करोड़ रूपए तथा अन्य कृषि अवसंरचना गतिविधियों के लिए **1.39 करोड़ रूपए शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सहायक गतिविधियों के अंतर्गत खाद्य एवं कृषि प्रसंस्करण के लिए 10.16 करोड़ रूपए तथा अन्य सहायक गतिविधियों के लिए 2.34 करोड़ रूपए की ऋण क्षमता आंकी गई है, जिससे कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन मिलेगा।

पशुपालन क्षेत्र के अंतर्गत डेयरी गतिविधियों के लिए 116.68 करोड़ रूपए, पोल्ट्री के लिए 7.49 करोड़ रूपए, भेड़-बकरी एवं सुअर पालन के लिए 6.52 करोड़ रूपए तथा मत्स्य पालन के लिए 11.61 करोड़ रूपए की ऋण क्षमता निर्धारित की गई है, जिससे ग्रामीण आय और आजीविका सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए कुल 771.35 करोड़ रूपए की ऋण क्षमता निर्धारित की गई है। इसमें विनिर्माण क्षेत्र के लिए कार्यशील पूंजी ऋण के रूप में 432.00 करोड़ रूपए, टर्म लोन के अंतर्गत 337.28 करोड़ रूपए, जबकि अन्य एमएसएमई गतिविधियों के लिए 2.07 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

प्राथमिकता क्षेत्र के अन्य घटकों में शिक्षा के लिए 0.56 करोड़ रूपए, आवास क्षेत्र के लिए 16.01 करोड़ रूपए, सामाजिक अवसंरचना के लिए 75.81 करोड़ रूपए, नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 3.06 करोड़ रूपए, अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए 6.05 करोड़ रूपए तथा निर्यात ऋण के अंतर्गत 38.24 करोड़ रूपए की ऋण क्षमता का आकलन किया गया है।

इस प्रकार वर्ष 2026-27 के लिए जिला बिलासपुर में कुल 1625.83 करोड़ रूपए की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता निर्धारित की गई है, जो जिले के समग्र आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

उपायुक्त ने विभिन्न विभागों और बैंक प्रबंधन को निर्देश दिए कि वे संयुक्त रूप से विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन करें ताकि जनमानस को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं की व्यापक जानकारी मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन ऋण अनुमानों को धरातल पर उतारने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं ताकि जिले की आर्थिक क्षमता का पूर्ण दोहन किया जा सके।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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उपायुक्त कार्यालय परिसर में स्थित सभी विभाग साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें: उपायुक्त
बिलासपुर, 29 जनवरी: उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय परिसर में स्थित सभी विभाग अपने-अपने कार्यालय परिसर सहित आस-पास की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने इस संदर्भ में सभी विभागाध्यक्षों को अपने अधिनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पूरी सजगता के साथ साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित दिशा निर्देश जारी करने को भी कहा। उपायुक्त आज बचत भवन में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ आयोजित एक समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने कार्यालयों की साफ-सफाई को विशेष बल देते हुए कार्यालयों की दीवारों, छतों इत्यादि में उगे पौधों को भी हटाना सुनिश्चित बनाएं। इसके अतिरिक्त कार्यालय में बुनियादी स्वच्छता के साथ-साथ दीवारों, छतों तथा शौचालयों इत्यादि को भी साफ-सुथरा रखें। उन्होंने कहा कि हमारे यह कार्यालय सार्वजनिक स्थान है तथा यहां पर प्रतिदिन लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यह हमारा दायित्व है कि हम अपने परिसरों को साफ-सुथरा रखें तथा समाज को भी एक अच्छा संदेश देने का कार्य करें।
उन्होंने सभी विभागों को कचरा प्रबन्धन प्रणाली को दुरुस्त बनाए रखने के साथ-साथ साझा गलियारों के अतिरिक्त आस-पास के स्थानों की भी समुचित साफ-सफाई को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आगामी माह में सभी विभागों के सहयोग से उपायुक्त कार्यालय परिसर में संयुक्त सफाई अभियान भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अगले सप्ताह पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विभागों द्वारा स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में सहायक आयुक्त राज कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

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कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं में पार्श्व प्रवेश परीक्षा-2026 का आयोजन 7 फरवरी को

बिलासपुर, 29 जनवरी: पी.एम.श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा, जिला बिलासपुर में रिक्त स्थानों के सापेक्ष कक्षा नौवीं एवं ग्यारहवीं में पार्श्व प्रवेश ( Lateral Entry ) हेतु पार्श्व प्रवेश परीक्षा-2026 का आयोजन 7 फरवरी 2026 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा।
परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र एवं रोल नंबर संबंधित वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। कक्षा नौवीं के लिए अभ्यर्थी https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9 तथा कक्षा ग्यारहवीं के लिए https://cbseitms.nic.in/2025/nvsxi_11 पर जाकर अपना रोल नंबर डाउनलोड कर सकते हैं।
यह जानकारी प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा राकेश कटोच ने दी।
उन्होंने बताया कि सी.बी.एस.ई. के निर्देशानुसार किसी भी अभ्यर्थी को बिना प्रवेश पत्र अथवा रोल नंबर के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसी असामान्य परिस्थिति में यदि प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में कठिनाई आती है तो अभ्यर्थी पी.एम.श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा, जिला बिलासपुर के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
कक्षा नौवीं की पार्श्व प्रवेश परीक्षा का परीक्षा केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र), बिलासपुर निर्धारित किया गया है, जबकि कक्षा ग्यारहवीं की पार्श्व प्रवेश परीक्षा पी.एम.श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में आयोजित की जाएगी।

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