जिला ऊना में 190 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशित

ऊना, 4 फरवरी। जिला पंचायत अधिकारी ऊना, श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि राज्य निर्वाचन आयोग, हिमाचल प्रदेश ने ग्राम पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर ली है। उन्होंने बताया कि ऊना जिला की 190 ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नियमावलियों का प्रकाशन भी 3 फरवरी को कर दिया गया है। जबकि ऊना जिला की 37 ग्राम पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन/पुर्नगठन/सृजन को लेकर भेजे गए प्रस्ताव की सूचना अभी पंचायती राज विभाग से अपेक्षित है। इनमें हरोली विकासखंड के तहत ग्राम पंचायत बीटन, नंगल खुर्द, ललड़ी, ईसपुर, बाथू, पोलियांबीत और दुलैहड़ शामिल है। विकास खंड अंब की ग्राम पंचायत कटोहड़ कलां, कलरूही, हम्बोली, नेहरी नौरंगा, चौआर, भटेड़, दियाड़ा और बेहड़ जस्वां सम्मिलित है। विकास खंड बंगाणा के तहत ग्राम पंचायत धुंधला, मोमन्यार, थानाकलां, जोल, धनेत, रायपुर, टीहरा, डीहर, चौकीखास अज्ञैर मंदली शामिल है। विकासखंड गगरेट के तहत ग्राम पंचायत दियाली, अंबोटा और भंजाल लोअर तथा विकास खंड ऊना के तहत ग्राम पंचायत जनकौर, नंगल सलांगड़ी, चताड़ा, बसाल अप्पर, समूरकलां, बरनोह, टक्का, वनगढ़ तथा बहडाला शामिल है।

इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत पंडोगा के विभाजन, ग्राम पंचायत धुंधला व धतोल के पुनर्गठन तथा ग्राम पंचायत हटली केसरू के गांव रिटसतरूखा को नगर पंचायत बंगाणा में सम्मिलित किया गया है। इसलिए वर्तमान में ऊना जिला की कुल 41 ग्राम पंचायतों को छोड़कर शेष 190 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों की सत्यापित प्रतियां आम नागरिकों के अवलोकन हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला परिषद ऊना के कार्यालय तथा जिला निर्वाचन कार्यालय ऊना में कार्यालय समय के दौरान निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगी।

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सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थी 15 फरवरी तक अनिवार्य रूप से करवाएं ई-केवाईसी सत्यापन – आवास पंडित

ऊना, 4 फरवरी। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को पेंशन राशि समय पर, पारदर्शी एवं सीधे उनके बैंक अथवा डाकघर खातों में उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा ऑनलाइन माध्यम से ई-केवाईसी सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग द्वारा एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है।

जिला कल्याण अधिकारी ऊना, आवास पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। उन्होंने ऐसे सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे 15 फरवरी 2026 तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन अवश्य करवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि तक ई-केवाईसी सत्यापन न करवाने की स्थिति में संबंधित लाभार्थी को पेंशन के लिए अपात्र माना जा सकता है तथा पेंशन स्थायी रूप से बंद की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी असहाय पेंशनभोगी का आधार कार्ड किसी कारणवश नहीं बना है अथवा उसमें संशोधन अथवा अद्यतन की आवश्यकता है, तो वह संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकता है।

जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी सत्यापन से संबंधित जानकारी अथवा किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक अथवा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।

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*चौहार घाटी के धमच्याण और बड़ी बजगाण क्लस्टर में पौधारोपण अभियान एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन*

*मंडी, 04 फरवरी।* बागवानी विभाग द्वारा संचालित एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत विकास खंड द्रंग की चौहार घाटी के धमच्याण और बड़ी बजगाण क्लस्टरों में पौधरोपण अभियान एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उप-निदेशक बागवानी मंडी, डॉ. संजय गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

*जापानी फल से बदलेगी बागवानों की तकदीर*

शिविर के दौरान डॉ. संजय गुप्ता ने बागवानों को जापानी फल की खेती के महत्व और इसके दूरगामी वित्तीय लाभों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि परसिमन न केवल औषधीय गुणों से भरपूर है, बल्कि आने वाले समय में यह क्षेत्र के किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने में मील पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में उपस्थित लाभार्थियों को परसिमन के पौधों को वैज्ञानिक विधि से लगाने का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिया गया।

*30 हेक्टेयर में 18,750 पौधों का रोपण*

डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने दो माह पूर्व इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए थे। विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत कुल 18,750 पौधे रोपे जा रहे हैं। इस अभियान से चौहार घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में बागवानी के नए युग की शुरुआत हुई है, जिससे स्थानीय किसानों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम में उद्यान विकास अधिकारी द्रंग डॉ. कविता, क्लस्टर प्रभारी पूजा लोहिया और एचपी शिवा की ब्लॉक टीम उपस्थित रही।

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वॉयस ऑफ शिवरात्रि ऑडिशन में उत्साह, दूसरे दिन 44 प्रतिभागियों ने दिया ऑडिशन

मंडी, 3 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी 2026 के अंतर्गत आयोजित की जा रही वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता के ऑडिशन के दूसरे दिन 44 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इससे पूर्व पहले दिन 79 प्रतिभागी ऑडिशन में शामिल हुए थे। वहीं, दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित स्पेशल चाइल्ड हंट के लिए 2 फरवरी को 27 प्रतिभागियों ने तथा 3 फरवरी को एक प्रतिभागी सहित कुल 28 दिव्यांग बच्चों ने ऑडिशन दिया है।

यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने देते हुए बताया कि स्पेशल चाइल्ड हंट और वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता के लिए अब तक कुल 151 प्रतिभागी ऑडिशन में भाग ले चुके हैं।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मंडी जिला के करसोग, गोहर, सुंदरनगर और थुनाग उपमंडलों के कलाकारों के ऑडिशन 5 फरवरी को होंगे, जबकि शेष सभी उपमंडलों के ऑडिशन पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई कलाकार किसी कारणवश अब तक ऑडिशन नहीं दे पाया है, तो उसे 5 फरवरी को ऑडिशन देने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए कलाकार मौके पर पहुंचकर आवेदन कर सकता है।

उन्होंने बताया कि वॉयस ऑफ शिवरात्रि प्रतियोगिता के विजेता को 51,000 रुपये, प्रथम उपविजेता को 31,000 रुपये तथा द्वितीय उपविजेता को 21,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कलाकारों से अधिक से अधिक संख्या में ऑडिशन में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यह वॉयस ऑफ शिवरात्रि बनने का सुनहरा अवसर है।

अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी कहा कि इस बार सांस्कृतिक संध्याओं के लिए केवल हिमाचली कलाकारों को ही आमंत्रित किया जा रहा है तथा ऑडिशन के माध्यम से चयनित कलाकारों को मंच पर अधिक अवसर प्रदान किए जाएंगे।

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निर्माण श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 28 फरवरी तक ई-केवाईसी पूर्ण करने का आग्रह


मंडी, 4 फरवरी। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित तिथि 28 फरवरी तक ई-केवाईसी पूर्ण न होने की स्थिति में बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित दावों के निपटारे एवं भुगतान में विलंब अथवा अस्वीकृति हो सकती है।

जिला श्रमिक कल्याण अधिकारी मंडी अनिल ठाकुर ने बताया कि शिक्षक सहायता, शिक्षा सहायता, पेंशन, विवाह सहायता सहित बोर्ड की अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी आवश्यक है। उन्होंने सभी लाभार्थी श्रमिकों से समय रहते ई-केवाईसी करवाने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि श्रमिक अपनी ई-केवाईसी नजदीकी श्रम कल्याण कार्यालय अथवा उप-कार्यालय में करवा सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए संबंधित क्षेत्र के श्रम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।