मंडी, 9 फरवरी। मंडी में आयोजित स्मार्ट एमएसएमई कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को डिजिटल परिवर्तन, सरकारी ई-मार्केटप्लेस, व्यवसाय योजना तथा वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में मंडी क्षेत्र के 40 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आधुनिक तकनीक आधारित औद्योगिक विकास पर मंथन किया।
एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से सीईएल–स्मार्ट एमएसएमई द्वारा होटल क्लासिको मंडी में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मंडी क्षेत्र के उद्यमों को स्मार्ट एमएसएमई योजना के अंतर्गत डिजिटल परिवर्तन, क्षमता निर्माण, क्लस्टर विकास, सरकारी ई-मार्केटप्लेस आधारित व्यापार अवसरों, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र मंडी की महाप्रबंधक चौहान ने की।
कार्यशाला के दौरान डिजिटल परिवर्तन विशेषज्ञ तुषार सैनी ने तकनीकी सत्र प्रस्तुत करते हुए उद्योग 4.0 समाधान, स्मार्ट विनिर्माण उपकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल, व्यवसाय योजना निर्माण तथा वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल टूल्स, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और सुव्यवस्थित योजना के माध्यम से एमएसएमई इकाइयां अपनी उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार पहुंच को मजबूत कर सकती हैं।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र मंडी से अजितिश, कमलेश कुमार, दिलीप भारद्वाज, रवि कुमार, राजसी शर्मा, योदविंदर अवस्थी, योगराज सहित स्थानीय उद्योग संघों और उद्यमी समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।