बेटियों को शिक्षा और अवसरों में प्राथमिकता देना जरूरी : डीसी
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम, महिलाओं के सशक्तिकरण पर दिया गया बल


ऊना, 7 मार्च. उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और अवसरों में प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है, ताकि वे अपने अधिकार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित और सशक्त बनती हैं तो पूरा समाज प्रगति की ओर अग्रसर होता है।
वे शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऊना के लाला जगत प्रकाश नारायण कन्या महाविद्यालय, लालसिंगी में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना की सचिव अनीता शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

इस वर्ष महिला दिवस की थीम ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर केंद्रित रही।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का हमारे जीवन और समाज को सही दिशा देने में विशेष योगदान होता है। उन्होंने बेटियों को शिक्षित करने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित होती हैं तो पूरा समाज शिक्षित और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने कहा कि जीवन में जितने अवसर हम बेटों को प्रदान करते हैं, वैसे ही अवसर बेटियों को देकर उन्हें उनका अधिकार देना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकें।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। समाज के समावेशी विकास के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर और जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।

इससे पहले उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना की सचिव अनीता शर्मा ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होने के साथ-साथ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना भी आवश्यक है। उन्होंने कानूनी सहायता, मध्यस्थता, समानता का अधिकार तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी और महिलाओं को समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
आयुष विभाग की डॉ. इंदु भारद्वाज ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी।
इससे पहले बाल विकास परियोजना अधिकारी शिव कुमार ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में विभिन्न आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा महिला सशक्तिकरण पर मॉडलिंग, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ विषय पर स्किट तथा विभागीय योजनाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त पोषण अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार करवाया गया तथा तीन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म भी संपन्न करवाई गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली महिलाओं को भी पुरस्कार वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप सिंह, विभागीय अधिकारी, विभिन्न ब्लॉकों के सुपरवाइजर तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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ग्रामीण विकास कार्य समयबद्ध पूरा करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीसी
सामूहिक प्रयासों से ऊना को विकास में अग्रणी जिला बनाने पर जोर

ऊना, 7 मार्च. उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत चल रहे सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ये निर्देश शनिवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के तहत प्रायोजित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनका लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपसी सहयोग के कार्य करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के माध्यम से ऊना जिला विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी जिला बने।
जतिन लाल ने कहा कि ऊना जिला भौगोलिक रूप से सुगम है और सभी पंचायतों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

मनरेगा 99 प्रतिशत कामगारों की केवाईसी पूरी
उपायुक्त ने बताया कि जिला ऊना में मनरेगा के तहत पंजीकृत 38,394 कामगारों में से 37,953 कामगारों की आधार से केवाईसी कर 99 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके अलावा जिले की 229 ग्राम पंचायतों में से 55 ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों की हाजिरी फेस ऑथेंटिकेशन मशीन के माध्यम से दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से अब तक इस योजना के तहत लगभग 94 प्रतिशत विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि युक्तधारा कार्यक्रम के तहत मनरेगा के विकास कार्यों को एकीकृत कर अब तक 94 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें गगरेट विकास खंड की सभी 40 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को शीघ्र सभी पंचायतों के विकास कार्यों को युक्तधारा के अंतर्गत अपलोड करने के निर्देश दिए।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत अच्छी प्रगति
उपायुक्त ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत 2 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि में से 2 करोड़ 39 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस दौरान 933 व्यक्तिगत और 22 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है, जबकि 14 पृथक्करण शेड भी बनाए गए हैं। जिले के चार विकास खंडों में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयां भी क्रियाशील हैं। उन्होंने 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 8080 हेक्टेयर भूमि सिंचित
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत स्वीकृत 8.69 करोड़ रुपये की राशि में से 8.31 करोड़ रुपये व्यय कर 8080 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 847 मकान निर्मित
जिला ऊना में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2023-24 में 884 मकानों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 875 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के बाद अब तक 847 मकान निर्मित किए जा चुके हैं।
इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी रमनवीर चौहान सहित सभी खंड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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आईटीआई ऊना में साक्षात्कार 10 मार्च को

ऊना, 7 मार्च। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर उपलब्ध होने जा रहा है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) ऊना में 10 मार्च को होंडा कार इंडिया लिमिटेड, राजस्थान द्वारा साक्षात्कार आयोजित किया जा रहा है।

आईटीआई ऊना के प्रधानाचार्य इंजीनियर अंशुल भारद्वाज ने बताया कि इस साक्षात्कार में फिटर, ऑटोमोबाइल, मशीनिस्ट, टर्नर, डीजल मैकेनिक, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, ड्राफ्ट्समैन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक तथा आर एंड एसी संबंधित ट्रेड से 2022, 23 और 24 बैच के पासआउट प्रशिक्षु भाग ले सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस साक्षात्कार में छात्र और छात्राओं दोनों भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस कंपनी को लगभग 250 अप्रेंटिस और 100 फिक्स्ड टर्म एसोसिएट्स की आवश्यकता है। अप्रेंटिस पद के लिए आईटीआई पास उम्मीदवारों की आयु 18 से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जबकि फिक्स्ड टर्म एसोसिएट्स के लिए आयु सीमा 19 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही अभ्यर्थियों के पास कम से कम छह माह का अनुभव होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि अप्रेंटिस पद के लिए चयनित अभ्यर्थियों को लगभग 14,250 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा, जबकि फिक्स्ड टर्म एसोसिएट्स के लिए चयनित अभ्यर्थियों को लगभग 25,450 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

उन्होंने इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित आईटीआई ऊना में उपस्थित होकर इस रोजगार अवसर का लाभ उठा सकते हैं।