जनगणना-2027 की प्रक्रियाओं को गहनता से समझें सभी प्रभारी अधिकारी: अभिषेक गर्ग
हमीर भवन में शुरू हुई तीन दिवसीय कार्यशाला, जनगणना प्रक्रिया की बारीकियां सीख रहे हैं अधिकारी
दो चरणों में पूरी की जाएगी जनगणना, लोग स्वयं भी ऑनलाइन भर सकेंगे सभी जानकारियां

हमीरपुर 16 मार्च। जिला हमीरपुर में भी जनगणना-2027 की सभी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए आवश्यक तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में, सोमवार को यहां हमीर भवन में जिला के सभी उपमंडलों के जनगणना चार्ज अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला आरंभ हुई। इस कार्यशाला में जनगणना चार्ज अधिकारी यानि सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निगम हमीरपुर एवं अन्य शहरी निकायों के शीर्ष अधिकारी तथा उनके अधीनस्थ कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए एडीसी एवं जिला जनगणना अधिकारी अभिषेक गर्ग ने कहा कि जनगणना-2027 का कार्य अपने आप में एक बहुत बड़ी एक्सरसाइज होगी और इसमें चार्ज अधिकारियों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होगी। इस पूरी प्रक्रिया में चार्ज अधिकारियों की मुख्य जवाबदेही रहेगी। इसलिए, सभी चार्ज अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी जनगणना की सभी प्रक्रियाओं को गहनता के साथ समझें, ताकि जनगणना के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो तथा इस महत्वपूर्ण कार्य को त्रुटिरहित पूरा किया जा सके।
अभिषेक गर्ग ने बताया कि जनगणना-2027 के तहत जिला स्तर पर उपायुक्त को प्रधान जनगणना अधिकारी और एडीसी को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपमंडल, तहसील, उपतहसील, नगर निगम एवं अन्य शहरी निकायों के स्तर पर भी जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी तथा इसके लिए तीन डिजिटल प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। लोग स्वयं भी सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल यानि स्व-प्रगणना पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मोबाइल आधारित डाटा संग्रहण के लिए मोबाइल ऐप एंड जियो टैगिंग की सुविधा प्रदान की गई है। यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा और हाउस लिस्टिंग के लिए जियो-टैगिंग की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा सीएमएमएस (जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली) पोर्टल पर अधिकारी हर समय जनगणना की प्रगति पर नजर रख सकेंगे।
एडीसी ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया मुख्यतः दो चरणों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में इस वर्ष 12 मई से 11 जून तक सभी मकानों एवं अन्य भवनों की लिस्टिंग की जाएगी। मकानों की लिस्टिंग की जानकारी स्वयं भरने के लिए 27 अप्रैल से 11 मई तक की अवधि निर्धारित की गई है। जिला हमीरपुर में दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के तहत हर व्यक्ति से जुड़े सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे।
एडीसी ने बताया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित 30 प्रश्नों के अंतर्गत कुल 34 जानकारियां अपलोड होंगी। अगर कोई व्यक्ति स्वयं ये जानकारियां अपलोड करता है तो इसमें संबंधित प्रगणक की पुष्टि अनिवार्य होगी। जनगणना से संबंधित व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और किसी भी नागरिक का व्यक्तिगत डाटा किसी से भी साझा नहीं किया जाता है।
एडीसी ने कहा कि चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद जिला में मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, सुपरवाइजरों और प्रगणकों के लिए भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि जनगणना के कार्य को सुचारू रूप से पूर्ण किया जा सके।
कार्यशाला के पहले दिन जनगणना निदेशालय हिमाचल प्रदेश के सहायक निदेशक प्रियांशु तिवारी, नोडल अधिकारी अजय सोलंकी और हिमांशु यादव ने जनगणना चार्ज अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।

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निजी स्कूलों की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 30 मार्च तक

हमीरपुर 16 मार्च। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिला हमीरपुर के निजी स्कूलों की मान्यता के नवीनीकरण और वर्ष 2026-31 तक मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 मार्च कर दी गई है। उन्हांेने बताया कि ये आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ये ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट एमर्जिंगहिमाचल.एचपी.जीओवी.इन पर किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार 2009 तथा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 हिमाचल प्रदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार जिला हमीरपुर के सभी निजी पाठशालाओं का कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उपनिदेशक ने बताया कि प्री प्राइमरी से पांचवीं तक कक्षा वाले विद्यालय अपने ऑनलाइन आवेदन निर्धारित शुल्क के साथ संबंधित बीईईओ को प्रेषित करेंगे। जबकि, प्राइमरी से आठवीं और छठी से आठवीं तक की कक्षाओं वाले विद्यालय प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को ऑनलाइन प्रेषित करेंगे।
कमल किशोर भारती ने बताया कि ऑनलाइन आवेदनों में त्रुटियां पाई जाने पर इन्हें ऑनलाइन ही वापस विद्यालय को भेजा जाएगा। त्रुटियों के निवारण के उपरांत इन्हें पुनः संबंधित कार्यालय को ऑनलाइन प्रेषित किया जा सकता है। सही आवेदनों को ऑनलाइन ही मान्यता पत्र व मान्यता नवीनीकरण पत्र जारी किए जाएंगे।
उपनिदेशक ने बताया कि सत्र 2026-27 में केवल वही विद्यालय विद्यार्थियों को दाखिला दे पाएंगे, जिनके पास विभाग का मान्यता प्रमाण पत्र होगा। मान्यता पत्र व मान्यता नवीनीकरण पत्र के बिना संचालित होने वाले विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्री प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक नई मान्यता प्राप्त करने और स्कूल को स्तरोन्नत करके छठी से आठवीं तक नई मान्यता प्राप्त करने के लिए पांच हजार रुपये शुल्क अदा करना होगा। पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक नई मान्यता प्राप्त करने का शुल्क दस हजार रुपये निर्धारित किया गया है। जबकि, पहली से आठवीं कक्षा तक मान्यता के नवीनीकरण का शुल्क 500 रुपये प्रतिवर्ष है।

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वर्द्धमान ग्रुप ने आईटीआई हमीरपुर में किया 6 युवाओं का चयन

हमीरपुर 16 मार्च। टैक्सटाइल्स क्षेत्र की प्रसिद्ध कंपनी वर्द्धमान टैक्सटाइल्स लिमिटेड की इकाई ऑरो टैक्सटाइल्स ने सोमवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) हमीरपुर में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए, जिनमें विभिन्न ट्रेडों के कुल 98 अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
कैंपस इंटरव्यू के लिए आई कंपनी की टीम के सदस्यों अनुज त्रिवेदी और अक्षय कुमार ने अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए। साक्षात्कार की प्रक्रिया के उपरांत कंपनी के अधिकारियों ने 6 अभ्यार्थियों का चयन किया और उन्हें ज्वाइनिंग लैटर भी प्रदान किए। चयनित अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रति माह लगभग 12,750 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। प्रशिक्षण के 4 या 5 माह पश्चात कार्य दक्षता के आधार पर उन्हें हैल्पर के पद पर नियुक्त किया जाएगा और लगभग 18,433 मासिक वेतन दिया जाएगा।
उन्हें कंपनी की ओर से कई अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसमें लड़कों और लड़कियों को रहने के लिए अलग-अलग हॉस्टल या आवास सुविधा, कैंटीन, आकर्षक हाजिरी ईनाम, सामुदायिक केंद्र, मनोरंजन के साधन, एंबुलेंस सुविधा, समय-समय पर वेतन वृद्धि, एडवांस या लोन सुविधा, भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, सवेतन अवकाश, रात्रि शिफ्ट भत्ता, दीपावली बोनस तथा ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर संस्थान के प्रधानाचार्य सुभाष चंद शर्मा ने कंपनी की भर्ती टीम का आभार व्यक्त किया और चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।

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महानिदेशक कारागार ने किया जिला कारागार धर्मशाला का निरीक्षण
धर्मशाला, 16 मार्च: महानिदेशक कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं हिमाचल प्रदेश अभिषेक त्रिवेदी ने सोमवार को लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा सुधारात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
महानिदेशक ने कारागार परिसर का निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा कैदियों के पुनर्वास और सुधार से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कारागार में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने कैदियों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैदियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और उन्हें सुधारात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए ताकि वे समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित हो सकें।
इस अवसर पर हिमकारा योजना के बारे में जिला जन संपर्क अधिकारी धर्मशाला द्वारा तैयार की गई एक डाॅक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसमें कारागार में चल रही विभिन्न गतिविधियों और सुधारात्मक प्रयासों को दर्शाया गया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ डीआईजी उत्तरी रेंज सोम्या सांबशिवन तथा अधीक्षक कारागार धर्मशाला विकास भटनागर भी उपस्थित रहे।

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आरसेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उठाएं लाभ

हमीरपुर 16 मार्च। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में सोमवार को मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण शिविर आरंभ हुआ। इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक के सर्कल कार्यालय हमीरपुर के मुख्य प्रबंधक पारुल उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए पारुल उपाध्याय ने कहा कि यह प्रशिक्षण सभी प्रतिभागियों को स्वयं का रोजगार शुरू करने और समाज के आर्थिक विकास में योगदान देने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की विभिन्न ऋण एवं जमा योजनाओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य योजनाओं का लाभ उठाने की अपील भी की।
इससे पहले, मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों तथा सभी प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक अजय कुमार कतना ने 10 दिनों तक चलने वाली विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आरसेटी की कार्यप्रणाली और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है। इसमें सभी प्रशिक्षणार्थियों को वर्दी, प्रशिक्षण मैनुअल और स्टेशनरी किट इत्यादि भी मुफ्त प्रदान की गई है।
उद्घाटन समारोह के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के सर्कल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक ऋषि राम, वित्तीय साक्षरता सलाहकार जीसी भट्टी, संबंधित बैच के संकाय सदस्य विनय चौहान और आरसेटी के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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प्राकृतिक खेती विषय पर किसान गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान घटा सकते हैं खेती की लागत : डॉ. राकेश पटियाल

गोहर (मंडी), 16 मार्च। कृषि विभाग द्वारा कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण के माध्यम से विकास खंड गोहर के पंचायत घर कांडी में प्राकृतिक खेती विषय पर एक दिवसीय किसान गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सरोआ और कांडी पंचायत के लगभग 130 उन्नतशील किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, इसके महत्व तथा इसके आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परियोजना निदेशक (आत्मा) जिला मंडी डॉ. राकेश पटियाल उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को आत्मा परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती को पर्यावरण के अनुकूल और किसानों के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस पद्धति को अपनाकर किसान खेती की लागत कम कर सकते हैं और टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा दे सकते हैं।

इस अवसर पर उप परियोजना निदेशक डॉ. हितेंद्र ठाकुर, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. गगन प्रदीप सैनी, ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर पुष्प राज, सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक मुरारी लाल और लक्की कश्यप, कृषि विकास अधिकारी तुलसी राम ठाकुर सहित पशु चिकित्सा अधिकारी तथा कृषि प्रसार अधिकारी ने भी किसानों को अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।