जिला परिषद के 10 वार्डों के परिसीमन में आंशिक संशोधन पर आपत्तियां आमंत्रित

हमीरपुर 17 मार्च। जिला की कुछ पंचायतों के पुनर्गठन के कारण अब जिला परिषद के कुछ वार्डों के परिसीमन में भी आंशिक संशोधन किया जा रहा है। जिला परिषद हमीरपुर के कुल 19 वार्डों में से 10 वार्ड इससे प्रभावित हो रहे हैं। इन 10 वार्डों-पनोह, उहल, चमनेड, बधानी, धमरोल, जाहू, महल, लहड़ा, अमलैहड़ और सपड़ोह के संशोधित परिसीमन का प्रारूप 16 मार्च को प्रकाशित कर दिया गया है।

उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गंधर्वा राठौड़ ने इनके प्रारूप के प्रकाशन की अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि अगर किसी व्यक्ति को जिला परिषद के इन 10 वार्डों के परिसीमन के संबंध में कोई आपत्ति है या फिर वह अपना कोई सुझाव देना चाहता है तो वह इन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के कार्यालय में प्रारूप के प्रकाशन की तिथि से तीन दिन के भीतर दर्ज करवा सकता है। इसके बाद कोई भी आपत्ति या सुझाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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पेयजल की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान : गंधर्वा राठौड़
डीडब्ल्यूएसएम की बैठक में डीसी ने जल शक्ति विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों को दिए निर्देश
घरों और विभिन्न संस्थानों की टंकियों, बोरवैलों और प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई पर भी दिया जोर

हमीरपुर 17 मार्च। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जिला में पेयजल की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने, पानी की सैंपलिंग एवं टेस्टिंग करने तथा सभी जलस्रोतों की सफाई के साथ-साथ आम लोगों को भी इसके प्रति जागरुक करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हमीरपुर के निकटवर्ती स्वाहल क्षेत्र में बीते दिनों सामने आए पीलिया के मामलों की ताजा स्थिति तथा इनके कारणों की रिपोर्ट भी ली।
उपायुक्त ने कहा कि जल शक्ति विभाग के स्रोतों, टैंकों और पाइप लाइनों के अलावा जिला में पुराने प्राकृतिक जलस्रोतों, बावड़ी, कुओं, तालाबों और खातरियों, लोगों के अपने घरों तथा विभिन्न संस्थानों की टंकियों की सफाई पर भी विशेष ध्यान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट बोरवैलों के पानी की टेस्टिंग भी होनी चाहिए।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी स्कूलों की टंकियों की नियमित रूप से सफाई करवाने तथा इनकी लॉगबुक को अपडेट रखने के निर्देश दिए। लॉगबुक में सफाई की तिथि और अन्य जानकारी दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी की टेस्टिंग के लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, हाई स्कूलों, सीनियर सेकंडरी स्कूलों, ग्राम पंचायतों और ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को जल शक्ति विभाग की ओर से दी फील्ड टेस्टिंग किट्स दी गई हैं। सभी संस्थान, पंचायतें और स्वच्छता समितियां इन किट्स का प्रयोग करते हुए नियमित रूप से पानी की टेस्टिंग करंे।
गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों को खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से भी विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं।
बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश गर्ग ने मिशन की गतिवधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विभाग 8 से 22 मार्च तक जल महोत्सव मना रहा है। इसके तहत विभाग के सभी मंडलों में जलस्रोतों की सफाई की जा रही है तथा आम लोगों को पेयजल की स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा रहा है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।