एनआरएलएम के अंतर्गत विकास खंड सदर के "लक्ष्मी 2" स्वयं सहायता समूह की सराहनीय पहल

नलवाड़ी मेला में स्थापित किया है पारंपरिक व्यंजनों का स्टाॅल, लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं व्यंजन

बिलासपुर 21 मार्च: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत विकास खंड सदर, जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत चांदपुर के “लक्ष्मी 2” स्वयं सहायता समूह द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला बिलासपुर में समूह द्वारा पारंपरिक व्यंजनों जिसमें मक्की की रोटी, सरसों का साग और कढ़ी इत्यादि शामिल है का स्टाल लगाया गया है, जो लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस पहल से समूह की महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ आर्थिक सशक्तीकरण का भी अवसर मिल रहा है।

समूह की प्रधान श्रीमती तृप्ता देवी ने बताया कि मक्की की रोटी बनाने के लिए घराट में पिसे मक्की के आटे का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भोजन का स्वाद और गुणवत्ता बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि उनके साथ तीन अन्य महिलाएं जमना देवी, उमा शर्मा और प्रोमिला ठाकुर भी इस कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग दे रही हैं तथा उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। समूह द्वारा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ा है।

इस बीच स्टाॅल में भोजन कर रहे राजीव ठाकुर और रविंदर गौतम ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से यहां का भोजन कर रहे हैं। उन्होंने मक्की की रोटी, सरसों का साग और कढ़ी की सराहना करते हुए कहा कि भोजन अत्यंत स्वादिष्ट है तथा इसमें देशी घी का प्रयोग किया गया है।

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के दौरान “लक्ष्मी 2” स्वयं सहायता समूह का यह प्रयास न केवल पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बेहतरीन कदम साबित हो रहा है।

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नलवाड़ी मेला में साइबर सेफ्टी एवं सीपीआर जागरूकता को बढ़ावा, विशेष प्रदर्शनी का आयोजन

युवाओं के लिए दिशा-निर्देशों का होगा विमोचन, वरिष्ठ नागरिकों हेतु स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम भी आयोजित
बिलासपुर 21 मार्च: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा बिलासपुर द्वारा साइबर सेफ्टी एवं सीपीआर जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रदर्शनी में एक विशेष सेल्फी कॉर्नर भी स्थापित किया गया है, जहां लोग साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेशों के साथ फोटो लेकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
मेले के आखिरी दिन 23 मार्च को जिला प्रशासन के तत्वावधान में किशोर एवं किशोरियों के लिए साइबर सुरक्षा से बचाव हेतु तैयार दिशा-निर्देशों का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनी स्थल पर डमी के माध्यम से सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक कौशल को बढ़ावा मिल सके।
इसी क्रम में, रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण निदेशालय के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों के लिए “काइनेटिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम” का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में किया गया। इस प्रशिक्षण का संचालन आयुष विभाग की विशेषज्ञ डॉ. एकता प्रियदर्शिनी एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान योग, प्राणायाम, ध्यान तथा माइंड टीजर गेम्स के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
यह पहल न केवल साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गोंकृविशेषकर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकोंकृके समग्र विकास एवं कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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नलवाड़ी मेला में आध्यात्मिकता का संदेश दे रहा है ब्रह्माकुमारी केंद्र बिलासपुर का स्टाल
बिलासपुर 21 मार्च: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में जहां एक ओर रंग-बिरंगे स्टॉल, खान-पान की दुकानों और व्यापारिक गतिविधियों की चहल-पहल देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर एक ऐसा स्टॉल भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो व्यापारिक गतिविधियों से दूर लोगों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागरूकता की ओर प्रेरित कर रहा है। यह अनूठा प्रयास ब्रह्माकुमारी केंद्र बिलासपुर द्वारा किया गया है।
मेले में लगे इस स्टॉल का उद्देश्य समाज को एक सकारात्मक दिशा देना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर व्यक्ति तनाव, चिंता और प्रतिस्पर्धा के दबाव में जी रहा है, वहीं यह स्टॉल लोगों को कुछ पल रुककर अपने भीतर झांकने का अवसर प्रदान कर रहा है। यहां आने वाले लोगों को ध्यान (मेडिटेशन) के माध्यम से मानसिक शांति प्राप्त करने के तरीके बताए जा रहे हैं।
स्टॉल पर उपस्थित बहनों और स्वयंसेवकों द्वारा आगंतुकों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है कि किस प्रकार ध्यान और सकारात्मक सोच के माध्यम से जीवन की परेशानियों को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही नशा मुक्त जीवन, आत्म-नियंत्रण और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
मेले के शोर-शराबे और व्यापारिक माहौल के बीच यह स्टॉल एक शांत और सकारात्मक वातावरण प्रदान कर रहा है। यहां बजने वाला मधुर संगीत और शांतिपूर्ण माहौल लोगों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में ब्रह्माकुमारी केंद्र का यह प्रयास न केवल अनूठा है, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने वाला भी है।