अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक आयोजित
बिलासपुर, 28 मार्च: जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त ओमकान्त ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के साथ-साथ विभाग द्वारा क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं तथा विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि माह अक्तूबर 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 1,45,111 क्विंटल खाद्यान्न तथा 7,53,196 लीटर खाद्य तेल सामग्री विभिन्न श्रेणियों के 1,17,230 राशन कार्ड धारकों एवं 4,17,881 उपभोक्ताओं को 254 हिम सुविधा उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरित किया गया। इस अवधि के दौरान जिले में खाद्यान्नों के 47 नमूने लिए गए तथा विभिन्न विभागीय आदेशों के अंतर्गत 1,068 निरीक्षण किए गए। अनियमितताएं पाए जाने पर दोषियों से 1,87,173 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत मिड-डे-मील योजना (स्कूल शिक्षा विभाग) एवं आईसीडीएस आंगनबाड़ी केंद्रों को खाद्यान्न वितरण की भी समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने खाद्यान्नों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फील्ड अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने तथा खाद्यान्नों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभागीय मानकों एवं आदेशों के अनुरूप सख्ती से निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक में एक हिम सुविधा उचित मूल्य की दुकान को सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत आवेदक के पक्ष में आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त जिले में एक नई उचित मूल्य की दुकान तथा दो उचित मूल्य की दुकानों के विस्तार बिंदु खोलने का भी निर्णय लिया गया।
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जिला में घरेलू गैस सिलेंडरों और पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार, एडीसी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित
बिलासपुर, 28 मार्च: अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में आज व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण बारे राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना/दिशानिर्देशों के सम्बन्ध में जिला में घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की विस्तृत समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि वर्तमान में जिला बिलासपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही, गैस एजेंसियों को उनकी व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कुल दैनिक मांग का लगभग 50 प्रतिशत आवंटन किया जा रहा है, जिससे व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में भी सुधार हुआ है।
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति विभिन्न क्षेत्रों के लिए निर्धारित की गई है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों एवं अस्पतालों के लिए 37 प्रतिशत, होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों के लिए 36 प्रतिशत, सामाजिक कार्यक्रमों एवं सभाओं के लिए 9 प्रतिशत तथा फार्मास्युटिकल उद्योग, सरकारी/पीएसयू/कॉरपोरेट/औद्योगिक इकाइयों एवं कैंटीन के लिए 9 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वह इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करें।
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ब्रिजेन्द्र पठानिया ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम जनता को किसी भी प्रकार की चिंता या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में जिले में 14 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जो उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का बुकिंग अंतराल लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिला बिलासपुर में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान 29 मार्च से
14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 2735 किशोरियों का 30 स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से होगा टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप, 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल को भी जारी रहेगा अभियान
बिलासपुर, 28 मार्च: जिला बिलासपुर में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए 29 मार्च (रविवार) से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। यह अभियान आगामी 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल को भी जारी रहेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिला बिलासपुर में चार चिकित्सा खंडों के अंतर्गत कुल 30 स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 2735 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अन्य संबंद्ध विभागों के सहयोग से सभी तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान कर दिया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ. शशी दत शर्मा ने बताया कि जिला में ह्यूमन पेपीलौमा वायरस टीकाकरण अभियान के लिए जिला के चारों चिकित्सा खंडों में 30 स्वास्थ्य संस्थानों को चिन्हित किया गया है। जिनके माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 2735 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा, जिनकी जन्म तिथि 28 फरवरी 2011 से 24 मई 2012 होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि घुमारवीं चिकित्सा खंड में 4 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भराड़ी, सिविल अस्पताल (सीएच) घुमारवीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरलोग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुठेड़ा शामिल है। इसी तरह झंडुता चिकित्सा खंड में कुल 9 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं, जिनमें सिविल अस्पताल (सीएच), बरठीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तलाई तथा झंडुता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भेहड़ी, गेहड़वीं, कलोल, मरोतन, पनौल तथा ऋषिकेश शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा खंड मारकंड के अंतर्गत कुल 10 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित एमसीएच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी पंजगाई, सिविल अस्पताल मारकंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी बागी सुंगल, भजून, छडोल, मलोखर, नम्होल, राजपुरा, मंडी मानवा शामिल हैं। जबकि श्री नैना देवी जी चिकित्सा खंड में 7 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें सिविल अस्पताल घवांडल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वाहण, तरसूह, टोबा, भाखड़ा तथा बैहल शामिल हैं।
सीएमओ ने बताया कि ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) यानि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर विश्व स्तर पर सबसे आम संक्रमण में से एक है और भारत में भी महिलाओं में आम कैंसर में से दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। समय पर टीकाकरण, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच तथा तथा व्यापक जन जागरूकता के माध्यम से एचपीवी से होने वाली बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा तथा टीका चिकित्सक की निगरानी में ही लगाया जायेगा तथा टीका लगाने के उपरांत किशोरियों को आधे घंटे तक निगरानी में रखा जाएगा ताकि किसी भी संभावित प्रतिकूल स्थिति में तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने बताया कि जिला के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों एवं अन्य विभागों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों तथा पंचायती राज संस्थाओं के अलावा शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यालयों में आयोजित पेरेंट्स मीटिंग के दौरान अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण तथा टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि किसी कारणवश अभियान के दौरान जो किशोरियां छूट जाएंगी उनका टीकाकरण आगामी 19 अप्रैल, 10 मई और 24 मई तथा 21 जून 2026 को किया जाएगा।
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पशु मित्र चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण, संशोधित नीति में शारीरिक दक्षता परीक्षण लागू
बिलासपुर, 28 मार्च: उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन, बिलासपुर डॉ. विनोद कुंदी ने जानकारी देते हुए बताया कि पशुपालन विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पशु मित्र नीति-2025 अधिसूचित की गई है।
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स एवं सोशल मीडिया में पशु मित्रों की नियुक्ति हेतु निर्धारित शारीरिक परीक्षण को लेकर व्यक्त की गई आशंकाओं के संदर्भ में पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया कि पशु मित्र की भूमिका में बड़े पशुओं को संभालना, बीमार भेड़-बकरियों (औसतन 25 किलोग्राम) को उठाना तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 50 किलोग्राम तक पशु आहार का परिवहन जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों के लिए न्यूनतम शारीरिक क्षमता एवं सहनशक्ति आवश्यक है, ताकि कार्यकर्ता एवं पशुधन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत किया जाने वाला शारीरिक परीक्षण केवल एक कार्यात्मक फिटनेस मूल्यांकन है, न कि सहनशक्ति प्रतियोगिता। इसका उद्देश्य केवल सौंपे गये कर्तव्यों को सुरक्षित रूप से निभाने की न्यूनतम क्षमता को सत्यापित करना है। यह परीक्षण सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होता है तथा इसका उद्देश्य किसी भी अभ्यर्थी को अपमानित करना या किसी वर्ग विशेष के लिए बाधा उत्पन्न करना नहीं है।
उन्होंने बताया कि अब तक 315 अभ्यर्थियों की शारीरिक परीक्षा आयोजित की जा चुकी है और किसी भी अभ्यर्थी को गंभीर चोट लगने की कोई घटना सामने नहीं आई है। मीडिया में आई घटना, जो जिला मंडी के धर्मपुर उपमंडल में घटी, उसमें आवेदक को कोई गंभीर चोट नहीं आई तथा वह परीक्षा पूर्ण करने में सक्षम रही। विभाग द्वारा सभी परीक्षा स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वह अपुष्ट सूचनाओं के बजाय अधिसूचित नीति के प्रावधानों पर ही विश्वास करें।
डॉ. कुंदी ने आगे बताया कि मामले की व्यापक समीक्षा के उपरांत हिमाचल प्रदेश सरकार ने पशु मित्र नीति में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार पूर्व शारीरिक परीक्षण को शारीरिक दक्षता परीक्षण से प्रतिस्थापित किया गया है, जिसमें पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 5000 मीटर दौड़ 30 मिनट में तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए 1500 मीटर दौड़ 10 मिनट में पूर्ण करना अनिवार्य रखा गया है। यह परीक्षण नीति के परिशिष्ट-डी में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व प्रावधानों के तहत पहले ही शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को संशोधित नीति के अंतर्गत भी पात्र माना जाएगा, जबकि जो अभ्यर्थी पूर्व परीक्षा में सफल नहीं हो पाए थे, उन्हें संशोधित प्रारूप के अनुसार पुनः अवसर प्रदान किया जाएगा।
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ऋषिकेश अनुभाग के अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति
बिलासपुर 28 मार्च: सहायक अभियंता विद्युत उप मण्डल-।। ई. रविन्द्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 मार्च को ऋषिकेश अनुभाग में बिजली की लाईनों की आवश्यक मरम्मत, पेडों की कांट-छांट व जीओ स्वीच के पार्ट बदले के चलते कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश अनुभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र धराडसानी तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सांय 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रुप से बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
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आयुष मेला भगेड़ में आयोजित, लोगों को मिला पारंपरिक चिकित्सा का लाभ
घुमारवीं, 28 मार्च 2026-राष्ट्रीय आयुष मिशन, भारत सरकार एवं आयुष विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में जिला आयुष विभाग बिलासपुर द्वारा आयुष ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत आज आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), भगेड़ में एक दिवसीय आयुष मेले का सफल आयोजन किया गया। इस मेले में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर स्वास्थ्य लाभ उठाया।
इस अवसर पर आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 110 रोगियों की जांच, परामर्श तथा निःशुल्क औषधि वितरण किया गया। मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेषज्ञों से सलाह ली और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के प्रति जागरूकता दिखाई।
कार्यक्रम के दौरान योग गाइड द्वारा उपस्थित लोगों को योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास भी करवाया गया। योग सत्र में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व को समझा। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग एवं प्राणायाम से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।
इसके अतिरिक्त मेले में औषधीय पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विभिन्न जड़ी-बूटियों एवं उनके उपयोगों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया, जिससे वे अपने घरों में इनका उपयोग कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।
इस कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष अधिकारी बिलासपुर डॉ. सुखविंदर कौर के मार्गदर्शन एवं उपमंडलीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीषा रानी गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया। मेले का शुभारंभ उपमंडलीय दंडाधिकारी घुमारवीं गौरव चौधरी के कर कमलों द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में उप मंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि आयुष मेला लोगों को प्राकृतिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे ऐसे आयोजनों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुखविंदर कौर ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को पारंपरिक जीवनशैली, दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग एवं प्राणायाम के प्रति जागरूक करना तथा आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आयुष प्रणाली न केवल रोगों के उपचार में सहायक है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन जीने की दिशा भी प्रदान करती है।
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राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं-2026: कहलूर क्वीन प्रतियोगिता के ऑडिशन शुरू
घुमारवीं, 28 मार्च 2026-राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं-2026 के तहत इस वर्ष पहली बार आयोजित की जा रही “कहलूर क्वीन (Miss & Mrs)” प्रतियोगिता के लिए ऑडिशन प्रक्रिया आज से आरंभ हो गई। यह प्रतिष्ठित आयोजन 5 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव मेले का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
आज घुमारवीं स्थित रेनबो अस्पताल में आयोजित ऑडिशन में क्षेत्र की युवतियों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व एवं पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। आयोजन समिति के अनुसार ऑडिशन प्रक्रिया 29 मार्च को भी जारी रहेगी।
आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक प्रतिभागी 29 मार्च को प्रातः 10:00 बजे रेनबो अस्पताल, घुमारवीं में पहुंचकर ऑडिशन में भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता को दो श्रेणियों—Miss कहलूर क्वीन (अविवाहित) एवं Mrs कहलूर क्वीन (विवाहित)—में आयोजित किया जा रहा है।
Miss कहलूर क्वीन श्रेणी में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित प्रतिभागियां भाग ले सकती हैं, जबकि Mrs कहलूर क्वीन श्रेणी में 21 से 35 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित महिलाएं हिस्सा ले सकती हैं। दोनों ही श्रेणियों के लिए प्रतिभागी का मूल रूप से जिला बिलासपुर का निवासी होना अनिवार्य है।
प्रतिभागियों को ऑडिशन के समय आधार कार्ड एवं दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। साथ ही प्रतिभागी पारंपरिक कहलूरी वेशभूषा, आभूषण एवं अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था स्वयं करेंगी। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को कहलूरी एवं हिन्दी भाषा में अपना परिचय देने तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष होगी तथा चयन समिति एवं निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों के आचरण, मंच व्यवहार एवं अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या गलत जानकारी पाए जाने पर प्रतिभागी को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, पारंपरिक कहलूरी संस्कृति को बढ़ावा देना तथा महिलाओं में आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करना है।