सुख आश्रय योजना के तहत चंबा के बाल देखभाल संस्थानों के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर दमन के लिए रवाना

उपायुक्त ने बच्चों के शैक्षणिक टूर को किया रवाना
शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को मिलेंगे नए अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान:- मुकेश रेपसवाल
चंबा, 31 मार्च-उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज जिला चंबा के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के लिए आयोजित शैक्षिक एवं भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष शैक्षणिक टूर को औपचारिक रूप से रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह टूर 31 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें कुल 35 बच्चे “चिल्ड्रन ऑफ़ द स्टेट” तथा 5 अधिकारी भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि यह टूर चंबा से नई दिल्ली होते हुए दमन तक आयोजित किया जाएगा, जिसे मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान बच्चों को विभिन्न ऐतिहासिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान एवं नए अनुभव प्राप्त होंगे।
उपायुक्त ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दल आज चंबा से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा तथा 1 अप्रैल को हिमाचल भवन, नई दिल्ली में ठहराव रहेगा। इसके उपरांत 2 अप्रैल को नई दिल्ली से सूरत होते हुए दमन पहुंचेगा।
दमन प्रवास के दौरान बच्चों को औद्योगिक इकाइयों के भ्रमण के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन स्थलों जैसे नमोः पथ, देवका बीच, दुधनी झील, लायन सफारी, नक्षत्र वन गार्डन, वनधारा गार्डन आदि का भ्रमण करवाया जाएगा। साथ ही जल क्रीड़ाएं, नाइट मार्केट एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
4 अप्रैल तक दमन में भ्रमण के उपरांत दल 5 अप्रैल को सूरत एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा। दिल्ली में राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, चांदनी चौक एवं अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण करने के बाद 6 अप्रैल को दल वापस हिमाचल भवन में ठहरेगा।
इसके पश्चात 6 अप्रैल को ही दल दिल्ली से चंबा के लिए प्रस्थान करेगा और 7 अप्रैल को चंबा पहुंचेगा। पांगी क्षेत्र के बच्चों के लिए अलग से यात्रा व्यवस्था की गई है, जिनका आवागमन मनाली कि ओर से सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को देश की सांस्कृतिक विविधता, औद्योगिक विकास तथा ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित करवाना है ताकि उनके समग्र विकास में सहायता मिल सके। उन्होंने सभी बच्चों से इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाने के साथ अनुशासन बनाए रखने और भ्रमण के दौरान अनुभव अर्जित करने का आह्वान किया।
इस दौरान बच्चों में खूब उत्साह और खुशी देखने को मिली।