ऊना, 21 अप्रैल. हरोली विधानसभा क्षेत्र में जल संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को बीटन गांव में 2.03 करोड़ रुपये की लागत से वर्षा जल संग्रहण जलाशय जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। इस परियोजना को छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रगति और प्रकृति साथ-साथ बढ़ें, इसी सोच को आधार बनाकर हरोली में जल संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की दिशा में व्यापक पहल की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संग्रहण को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने पूबोवाल में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तालाब का उल्लेख करते हुए इसे एक सफल मॉडल बताया। इसके अलावा गोन्दपुर जयचंद, दुलैहड़, हिरां थड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य तेज़ी से प्रगति पर हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से प्राचीन टोबे-तालाबों का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है, जिससे उन्हें आधुनिक, आकर्षक और बहुउद्देशीय सरोवरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पहल पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा को सुदृढ़ कर रही है।
उन्होंने कहा कि एक समय ये टोबे वर्षा जल संग्रहण, पशुओं के पेयजल और सिंचाई का प्रमुख आधार थे, लेकिन उपेक्षा के कारण इनका महत्व कम हो गया था। अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से इन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। तालाबों के आसपास हरियाली, पैदल पथ और सौंदर्याकरण के कार्य भी किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवेश को नया आकर्षण मिल रहा है और यह प्रयास भूजल स्तर को संतुलित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि हरोली का यह प्रयास विकास, विरासत और भविष्य, तीनों के संतुलन का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है, जहां आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की मजबूत आधारशिला रखी जा रही है।
इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।



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