मैसूर, 13.05.26-: कर्नाटक राज्य के एतिहासिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण महलों के शहर मैसूर में आयोजित “विधान मण्डल निकायों के कार्य-संचालन और प्रक्रिया नियमों के एकसमान मॉडल” विषय पर आधारित चर्चा आज सम्पन्न हो गई है। विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि अत्यन्त महत्वपूर्ण विषय पर गहन तथा विस्तृत चर्चा की गई तथा सभी पीठासीन अधिकारियों ने अपने-अपने विधान मण्डलों में चलने वाली संसदीय नियमावली पर प्रकाश डाला तथा इसकी पूरे भारतवर्ष में एकरूपता की जोरदार पैरवी की।
पठानियां ने कहा कि हालांकि भौगोलिक परिस्थिती तथा राजनीतिक व्यवस्थाओं के कारण कुछ राज्यों में नियमावली भिन्न हो सकती है लेकिन जहाँ तक विधान मण्डल के कार्य-संचालन तथा मुख्य प्रक्रिया नियमों का प्रश्न है एक राष्ट्र, एक व्यवस्था के लिए एकरूपता होना अनिवार्य है। पठानियां ने कहा कि समिति दो महीनों के भीतर अपनी रिर्पोट लोक सभा सचिवालय को सौंप देगी ताकि जो जिम्मेदारियां समिति को सौंपी गई हैं उसकी सिफारिशें समयवद्व तथा राष्ट्र हित में प्रेषित की जा सके।
पठानिंयां ने कहा कि यदि 28 राज्यों तथा 7 केन्द्र शासित प्रदेशों में संसदीय प्रणाली के कार्य-सचालन में एकरूपता आ जाए तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे जिससे कार्य में कुशलता व दक्षता तथा पारदर्शिता नजर आएगी। सभी सदस्य अपने- अपने राज्य में ज्यादा से ज्यादा योगदान देंगे तथा लोगों की अपेक्षाओं तथा आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। पठानियां ने कहा कि अधिकांश राज्यों में सदस्यों को विधान सभाओं के कार्य- संचालन तथा प्रक्रिया नियमों की जानकारी नहीं होती है। यदि इस नियमावली में एकरूपता आ जाए तों सभी सदस्य इसका आसानी से अनुसरण कर सकेंगे।
बैठक उपरान्त सभी पीठासीन अधिकारियों, विधान सभा सचिवों तथा अन्य अधिकारियों ने राष्ट्र धरोहर एवं ऐतिहासिक मैसूर पैलेस का दौरा किया तथा इसकी पृष्ठभूमि, निर्माण, रख-रखाव तथा पर्यटन दृष्टि से इसके महत्व की जानकारी ली। यह अलौकिक राजमहल पौराणिक कलाकृति तथा राजसी शैली का एक अनूठा उदाहरण है जिसे देखने आज भी हजारों श्रद्वालू तथा पर्यटक बडी श्रद्वा तथा चाव के साथ आते हैं। इस धरोहर के अन्दर रखी गई पौराणिक स्मृतियां, टीपू सुल्तान तथा रणक्षेत्र में प्रयोग होने वाली वस्तुएं आज भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।
सत्र के समापन अवसर पर कर्नाटक विधान सभा अध्यक्ष द्वारा सभी अतिथि स्पीकर का परम्परागत माला, शॉल व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप पठानियां ने कर्नाटक विधान सभा अध्यक्ष का अतिथि सत्कार तथा बैठक के भव्य आयोजन के लिए धन्यवाद किया तथा बैठक में मौजूद लोक सभा के अतिरिक्त सचिव युमनाम का उनकी कार्यशैली तथा समर्पण की भावना से कार्य करने के लिए उन्हें साधूवाद दिया। समिति ने सामरिक तथा पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण अन्य ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण किया तथा चामुण्डा हिल स्थित माँ चामुण्डा मन्दिर में शीश नवा कर पूजा अर्चना की तथा प्रदेश के सभी जनों की सुख-समृद्वि की कामना की । इस अवसर पर विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा तथा संयुक्त निदेशक हरदयाल भारद्वाज भी विधान सभा अध्यक्ष के साथ मौजूद थे। विधान सभा अध्यक्ष 16 मई को शिमला लौटेंगे