चंडीगढ़, 14 मई। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने केंद्र सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा को नाकाफी बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से किसानों के लिए शोषणकारी है। सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया जो पिछले वर्ष के समर्थन मूल्य 2369 रुपये के मुकाबले मात्र 72 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
धान की कुल औसत लागत (सी-2 लागत) 2162 रुपये प्रति क्विंटल बनती है। अगर इसकी सी-2 प्लस 50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर गणना की जाए तो न्यूनतम समर्थन मूल्य 3243 रुपये प्रति क्विंटल बनता है। लेकिन किसान विरोधी भाजपा सरकार ने जानबूझकर ए-2 प्लस एफएल लागत के आधार पर सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करके किसानों का 802 रुपये प्रति क्विंटल का आर्थिक नुकसान किया है। धान की घोषित की गई एमएसपी किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा समान है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि लोहपुरुष चौधरी ओमप्रकाश चौटाला जी सदैव कहा करते थे कि इस देश की असली ताकत खेत, किसान और मेहनतकश जनता है। अगर समय रहते देश के किसान को मजबूत किया होता, खेती को उद्योगों जितना सम्मान और समर्थन दिया होता, फसलों के सही दाम दिए होते, सस्ती खाद-बीज, पानी और बिजली की गारंटी दी होती, तो आज सरकार को जनता के सामने गिड़गिड़ाने की नौबत नहीं आती। किसान मजबूत होता तो देश मजबूत होता, गांव समृद्ध होते तो बाजार खुद चल पड़ते। लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों को आंदोलनकारी, गरीब और मजबूर बनाने का काम किया है। जिस देश का किसान कमजोर होता है, उस देश की अर्थव्यवस्था भी एक दिन घुटनों पर आ जाती है। आज पूरे देश के सामने वही तस्वीर है। उन्होंने भाजपा सरकार को फिर से आगाह किया कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों की नौकरशाही करने की बजाय देश के किसान और कमेरे वर्ग का उत्थान करे और किसानी को ताकत देने का काम करे।