नशामुक्त और जागरूक समाज के निर्माण में युवाओं के साथ समाज की भूमिका अहम: विनय कुमार
माय भारत की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित

धर्मशाला, 8 जुलाई: अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर खेल, नवाचार, रचनात्मक गतिविधियों और समाज सेवा से जोड़ना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और सही समय पर इन्हें सही राह दिखाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एक शिक्षित, स्वस्थ्य, नशे और अन्य व्यसनों से मुक्त युवा ही देश के भविष्य निर्माण में सहायक हो सकता है।
बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी सभागार में आयोजित माय भारत की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित एंटी चिट्टा अभियान, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य सामाजिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में माई भारत के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। इससे युवाओं को समाज निर्माण में सक्रिय योगदान देने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से माय भारत की स्थापना की गई है। इसके तहत देशभर के जिलों में विभिन्न युवा-केंद्रित कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए माय भारत पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
विनय कुमार ने कहा कि पोर्टल पर पंजीकरण करने वाले युवाओं को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वयंसेवी गतिविधियों, कौशल विकास, नेतृत्व विकास तथा सामाजिक अभियानों से संबंधित नियमित जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने शिक्षा विभाग तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों को यह निर्देश भी दिया कि वे उस संस्थान में भारत सरकार के युवा मामले मंत्रालय की सभी गतिविधियों को लागू करने के लिए एक माय भारत नोडल अधिकारी को नामित करें।

उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग अपने कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए माई भारत के स्वयंसेवकों, युवा क्लबों तथा अन्य युवा संगठनों की सेवाएं लेकर जनभागीदारी को और मजबूत बना सकते हैं।
बैठक के दौरान माय भारत के उप निदेशक ध्रुव डोगरा ने संगठन की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला में माय भारत के अंतर्गत 12,456 युवा पंजीकृत हैं। इसके अतिरिक्त माय भारत- राष्ट्रीय सेवा योजना (माय भारत और एनएसएस) के 30,027, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के 3,711, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 265 तथा अन्य श्रेणियों के 17,916 युवा विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सभी विभागों से इन युवाओं की क्षमता का उपयोग सामाजिक विकास एवं जनहित के अभियानों में करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर 5 एचपी बलालियन एनसीसी के कैप्टन सुभाष चंद और कैप्टन जीवन कुमार, जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, जिला रोजगार अधिकारी आकाश राणा, मैनेजर डीआईसी गुलाब सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य डाॅ. दुश्यंत कुमार, उप निदेशक शिक्षा अजय संबयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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ट्रेकिंग से पहले पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य, जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए आदेश

15 अक्तूबर तक लागू रहेंगे निर्देश, नियमों की अवहेलना पर होगी कानूनी कार्रवाई

धर्मशाला, 8 जुलाई। कांगड़ा जिले की धौलाधार पर्वत श्रृंखला के विभिन्न ट्रेकिंग रूटों पर हाल के समय में ट्रेकर्स के फंसने, लापता होने तथा दुर्घटनाओं का शिकार होने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट कांगड़ा हेमराज बैरवा ने जन सुरक्षा के दृष्टिगत महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी 15 अक्तूबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि मानसून के दौरान भूस्खलन, घना कोहरा, फ्लैश फ्लड, कम दृश्यता तथा फिसलन भरे रास्तों के कारण ट्रेकिंग गतिविधियां अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती हैं। कई मामलों में ट्रेकर्स द्वारा अपनी यात्रा की पूर्व सूचना अथवा निर्धारित मार्ग की जानकारी साझा नहीं किए जाने के कारण खोज एवं बचाव अभियान लंबा, चुनौतीपूर्ण तथा संसाधन-गहन बन जाता है। इससे न केवल ट्रेकर्स बल्कि बचाव दल के सदस्यों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कांगड़ा द्वारा जिले के दस प्रमुख ट्रेकिंग रूटों की पहचान की गई है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला में 3600 मीटर से 4600 मीटर तक की ऊंचाई वाले इन ट्रेकिंग रूटों में बलेणी, मिनिकियाणी, भीमघसूतड़ी, इंद्रहार, कुंदली, तोराल, तालंग, सिंघाड़, वरू तथा जालसू पास शामिल हैं। इन सभी ट्रेकिंग मार्गों के प्रारंभिक बिंदुओं पर आपदा प्रबंधन चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, जो प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से सायं 5 बजे तक संचालित रहेंगे।

आदेशों के अनुसार, इन चिन्हित ट्रेकिंग रूटों पर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति अथवा समूह के लिए ट्रेक शुरू करने से पूर्व संबंधित चेक पोस्ट पर व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही अपनी विस्तृत यात्रा योजना, संपर्क विवरण तथा वापसी का संभावित समय भी दर्ज कराना होगा।

जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अथवा समूह बिना पंजीकरण के ट्रेकिंग करता है या बिना सूचना दिए निर्धारित मार्ग से भटक जाता है और किसी दुर्घटना अथवा आपदा का शिकार होता है, तो उसके बचाव के लिए आवश्यकता पड़ने पर निजी बचाव दलों की सेवाएं ली जाएंगी। ऐसे सभी बचाव अभियानों पर होने वाला व्यय संबंधित व्यक्ति अथवा समूह से वसूल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 तथा भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र धर्मशाला में कबड्डी (बालिका) खिलाड़ियों के ट्राॅयल 15 और 16 जुलाई को
धर्मशाला, 8 जुलाई: भारतीय खेल प्राधिकरण (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया-एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई), धर्मशाला द्वारा कबड्डी खेल में बालिका खिलाड़ियों के लिए 15 से 16 जुलाई, 2026 तक चयन परीक्षण आयोजित किए जाएंगे।
सहायक निदेशक, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र धर्मशाला ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों को एसएआई के आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा उच्च स्तरीय कोचिंग, खेल किट, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं एवं उपकरण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, शैक्षणिक सहायता, निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएं तथा खेल विज्ञान विशेषज्ञों का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चयन परीक्षण के लिए रिपोर्टिंग 15 जुलाई, 2026 को प्रातः 8 बजे होगी। चयन परीक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए भोजन एवं आवास की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
चयन परीक्षण में अंडर-18 (यू-18) आयु वर्ग की वे खिलाड़ी पात्र होंगी जिनकी जन्मतिथि 1 अप्रैल, 2008 से 31 मार्च, 2010 के बीच हो। इसके अतिरिक्त 19-20 वर्ष आयु वर्ग की उत्कृष्ट खिलाड़ी (जन्मतिथि 1 अप्रैल, 2006 से 31 मार्च, 2007 के बीच) भी आवेदन कर सकती हैं। हालांकि चयन प्रक्रिया में 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग की पात्र खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
खेल उपलब्धि के रूप में अभ्यर्थी का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक विजेता होना अथवा भारतीय कबड्डी महासंघ (एकेएफआई) से मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, सब-जूनियर, जूनियर, अंडर-18 राष्ट्रीय कबड्डी चैंपियनशिप, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई), अंडर-17 राष्ट्रीय चैंपियनशिप, खेलो इंडिया यूथ गेम्स अथवा सीनियर राष्ट्रीय कबड्डी चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त होना आवश्यक है।
चयन परीक्षण भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेल परिसर, निकट क्रिकेट स्टेडियम, धर्मशाला में आयोजित होगा। अभ्यर्थियों को रिपोर्टिंग के समय स्वप्रमाणित फोटो प्रतियों के साथ जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, खेल उपलब्धि प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र तथा चार पासपोर्ट आकार के फोटो सहित मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए इच्छुक खिलाड़ी दूरभाष 01892-224807 अथवा ई-मेल दबवमकींतंउेींसंण्ेंप/हवअण्पद पर संपर्क कर सकते हैं।

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मौसमी चुनौतियों के मद्देनज़र समय पर पुख्ता करें तैयारियां: विनय कुमार धर्मशाला में 1 से 14 अगस्त तक होगी अग्निवीर भर्ती रैली

धर्मशाला, 8 जुलाई। भारतीय सेना द्वारा कांगड़ा और चंबा जिलों के युवाओं के लिए 1 अगस्त से 14 अगस्त तक धर्मशाला स्थित सिंथेटिक ग्राउंड में अग्निवीर सेना भर्ती रैली आयोजित की जाएगी। रैली की तैयारियों को लेकर बुधवार को मिनी सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार की अध्यक्षता में सेना और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में भर्ती रैली के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने एसडीएम एवं तहसीलदार धर्मशाला को रैली का नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित विभागों को अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था, वाटरप्रूफ टेंट, वाहन पार्किंग, पुलिस कंट्रोल रूम की स्थापना, अतिरिक्त बसों की उपलब्धता, चिकित्सक एवं एम्बुलेंस की तैनाती, सफाई व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, पेयजल, विद्युत तथा इंटरनेट सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल, शिक्षा व तकनीकी शिक्षा अधिकारियों को भर्ती प्रमाण-पत्र सत्यापन हेतु भर्ती स्थल पर सक्षम अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये ताकि अभ्यर्थियों को कोई असावधानी न हो।

विनय कुमार ने कहा कि मानसून के मौसम को देखते हुए सभी विभाग अपनी तैयारियों की अग्रिम जांच कर लें, ताकि किसी भी चुनौती या आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर और पुख्ता हों, जिससे भर्ती प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

अतिरिक्त उपायुक्त ने सेना अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सेना के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें, ताकि भर्ती रैली शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो।

बैठक में सेना की ओर से कर्नल विशाल शाह, मेजर अखिल एस. नायर, प्रदीप सिंह एवं सूबेदार मेजर नीरज जबकि प्रशासन की ओर से एसी विवेक चौहान, एसडीएम मोहित रत्न सहित पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, परिवहन, नगर निगम तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।