बाल आश्रम घुमारवीं के निर्माण कार्यों के लिए सरकार ने जारी किये 2 करोड़ रूपये: राजेश धर्माणी
मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा के अनुरूप बाल आश्रम निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत की है यह राशि
बाल संरक्षण को मिलेगा सशक्त आधार, 50 बच्चों को मिलेगी आवास, शिक्षा एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था
घुमारवीं (बिलासपुर) 10 जुलाई: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाल आश्रम घुमारवीं के निर्माण कार्यों के लिए 2 करोड़ रूपये की राशि जारी कर दी है। उन्होने कहा कि सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम तहसील घुमारवीं के मौजा पलसोटी में बाल आश्रम निर्माण के लिए दो बीघा भूमि हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का जल्द ही निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाएगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट घोषणा के अनुरूप घुमारवीं में बच्चों की देखभाल, संरक्षण एवं पुनर्वास व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बाल आश्रम निर्माण कार्य के लिए यह राशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि बाल आश्रम घुमारवीं को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा उसके अंतर्गत निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इस संस्थान में देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परामर्श, पुनर्वास, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा बेहतर जीवन-यापन की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बाल आश्रम में 50 बच्चों की क्षमता के अनुरूप दो डॉरमिटरी (शयनागार), दो कक्षाएं, प्राथमिक उपचार कक्ष, रसोईघर, भोजन कक्ष, भंडार कक्ष, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, पर्याप्त स्नानघर एवं शौचालय, कार्यालय कक्ष, परामर्श एवं मार्गदर्शन कक्ष, कार्यशाला, किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के लिए पृथक कक्ष तथा खेल मैदान जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि बाल आश्रम निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश जारी किये जा चुके हैं ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य को प्रारंभ किया जा सके।
राजेश धर्माणी ने बाल आश्रम घुमारवीं के लिए 2 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संस्थान के स्थापित हो जाने से जहां जिला बिलासपुर में बाल संरक्षण सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी तो वहीं जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
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1.32 करोड़ रुपये से हो रहा औहर स्कूल का जीर्णाेद्धार कार्य, अगले शैक्षणिक सत्र से बनेगा सीबीएसई स्कूल: राजेश धर्माणी
कभी औहर स्कूल में चलता था जेबीटी प्रशिक्षण केंद्र, क्षेत्र का है ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान
गत दिनों बच्चों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
घुमारवीं (बिलासपुर) 10 जुलाई: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला औहर को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम के अंतर्गत लाया जाएगा ताकि यहां के बच्चों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा की सुविधा प्राप्त हो सके। राजेश धर्माणी गत दिनों औहर स्कूल में बच्चों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला औहर क्षेत्र का एक ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस विद्यालय परिसर में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) का प्रशिक्षण केंद्र कार्यरत रहा है, जहां जेबीटी एवं बी.एड. प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता था। बाद में इस परिसर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के रूप में विकसित किया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का भवन काफी पुराना होने के कारण जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे में विद्यार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने विद्यालय के भवन के जीर्णाेद्धार एवं नवीनीकरण के लिए 1 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से भवन की छत, सीलिंग, फ्लोरिंग, खिड़कियों, दरवाजों, विद्युत व्यवस्था, बरामदों तथा कक्षों का व्यापक नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग आधुनिक शौचालयों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि उन्हें बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
राजेश धर्माणी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय के साथ लगते खेल मैदान के चैनेलाइजेशन, रखरखाव तथा बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए भी धनराशि उपलब्ध करवाई गई है ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर खेल सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों में निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत औहर विद्यालय को सीबीएसई से संबद्ध करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अपने घर के निकट ही उपलब्ध हो सके।