हिसार, 16.07.26-- पीजीएसडी शिक्षा संस्थान के पूर्व प्रधान एवं अग्रोहा धाम के संस्थापक स्वर्गीय श्री नंदकिशोर गोयंका जी के निधन पर पीजीएसडी शिक्षा संस्थान में प्रधान बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में एक शोक सभा आयोजित की गई। शोक सभा में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर पीजीएसडी शिक्षा संस्थान के प्रधान बजरंग गर्ग ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री नंदकिशोर गोयंका जी एक दूरदर्शी, समाजसेवी एवं शिक्षाविद् थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा, सामाजिक सेवा, धार्मिक कार्यों एवं मानव कल्याण के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में पीजीएसडी शिक्षा संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त किया तथा हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।बजरंग गर्ग ने कहा कि श्री गोयंका जी केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं, बल्कि सरल, विनम्र और प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी थे। उनके द्वारा स्थापित आदर्श, मूल्य एवं सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनका निधन शिक्षा जगत, वैश्य समाज एवं पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।संस्थान परिवार ने उनके सम्मान में विद्यालय में दो दिन का अवकाश रखा।शोक सभा में विद्यालय के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने स्वर्गीय श्री नंदकिशोर गोयंका जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।'
इस अवसर पर संरक्षक नारायण दास बंसल, वरिष्ठ प्रधान कैलाश चौधरी, सचिव सुरेंद्र सिंगला, उप प्रधान रमेश लोहिया, प्रबंधक ओमप्रकाश असीजा, कोषाध्यक्ष प्रवीण जैन, प्रिंसिपल सत्येंद्र गोयल, मुख्य अध्यापक गंगा प्रसाद मौर्य, जगत नारायण, रमेश पटवारी, किशन लाल बागड़ी, गुलाब सिंह राणा, सतपाल असिया, दीपक कुमार, सुनील शर्मा, मुख्याध्यापिका अंगूरी देवी, अनीता गर्ग, रेनू पाहुजा, सुनीता पूनिया, आदि पदाधिकारी व अध्यापक अध्यापिका मौजूद रहे।