ऊना, 31 जुलाई। राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय के वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत वरिंद्र डोगरा आज(शुक्रवार) को 16 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने जुलाई 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में क्लर्क पद पर सेवाएँ शुरू की थी। उन्होंने लगभग 16 वर्षों तक पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने दिसम्बर 2024 से सेवानिवृत्ति तक अपनी सेवाएं राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय के वरिष्ठ सहायक पद दी।
इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के कार्यालय में एक विदाई समारोह के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने वरिंद्र डोगरा को सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि वरिंद्र ने अपने सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य किया। उनका सरल स्वभाव, अनुशासन तथा सहयोगात्मक कार्यशैली सभी के लिए प्रेरणास्रोत रही है। विभाग एवं आयोग के प्रति उनके बहुमूल्य योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा (अधिवक्ता), दिग्विजय मल्होत्रा (अधिवक्ता), कु. शालिनी (अधिवक्ता), सहायक आयुक्त विनय मोदी, सदस्य सचिव विश्रुत भारती, सीडीपीओ बंगाणा विवेक कुमार तथा तहसील कल्याण अधिकारी ऊना जतिंद्र शर्मा ने भी वरिंद्र के सेवाकाल के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उनके समर्पण, कार्यकुशलता एवं सौम्य व्यवहार की प्रशंसा की।
इस मौके पर वरिंद्र ने विभाग एवं आयोग के सभी अधिकारियों तथा सहकर्मियों के सहयोग, स्नेह और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा तथा राज्य अनुसूचित जाति आयोग में कार्य करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात रही। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों तथा समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्होंने सरकारी सेवा जॉइन की थी, तब वे नई पेंशन योजना (एनपीएस) के अंतर्गत थे, लेकिन अब उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार का भी आभार व्यक्त किया।
समारोह के अंत में राज्य अनुसूचित जाति आयोग एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वरिंद्र तथा उनके परिवार के सदस्यों को शॉल, हिमाचली टोपी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उपस्थित सभी रिश्तेदारों को माता की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वरिंद्र डोगरा धर्मपत्नी मीना डोगरा, पुत्री खुशबू डोगरा, दामाद जीतन, भाई बतन डोगरा सहित जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से शायरी, दीक्षा, आंचल सहित अन्य उपस्थित रहे।