बीपीएल परिवारों के सशक्तीकरण को लेकर ऊना के रायपुर सहोड़ा में जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित

*उपायुक्त बोले…जिला के बीपीएल परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना प्रसाशन की सर्वोच्च प्राथमिकता *

12 अगस्त तक क्लस्टर मोड में चलेगा ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ जन-संवाद अभियान


ऊना, 10 अगस्त। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना के अंतर्गत मंगलवार को जिला ऊना के विभिन्न विकास खंडों में जन-संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य अति निर्धन (बीपीएल) परिवारों तक सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना तथा उनकी वास्तविक आवश्यकताओं के आधार पर विकास की योजनाएं तैयार करना है।
इसी क्रम में विकास खंड ऊना की ग्राम पंचायत रायपुर सहोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर सहोड़ा, देहलां लोअर, देहलां अपर, जखेड़ा, अबादा वराना, बीनेवाल, फतेहपुर, जनकौर, टब्बा, मैहतपुर, उदयपुर, झूड़ोवाल, खानपुर, लमलैहड़ा, मजारा, भड़ोलियां कलां, छतरपुर, चड़तगढ़, सासन, अपर बहडाला, बहडाला, मलूकपुर, नंगड़ां, सनोली, सुनेहरा, अजौली, बड़ैहर, बनगढ़ भटोली, बारसड़ा तथा बसोली पंचायतों के परिवारों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने की, जबकि ऊना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जन-संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के सहयोग से चिन्हित अति निर्धन परिवारों की आवश्यकताओं, समस्याओं और अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर प्रदेश सरकार योजनाओं को और अधिक प्रभावी रूप से तैयार कर उन्हें धरातल पर लागू करेगी। उन्होंने बताया कि जिला ऊना में यह जन-संवाद अभियान 12 अगस्त तक उपमंडलवार क्लस्टर मोड में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि बीपीएल परिवारों के लिए संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।

उपायुक्त ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सुदृढ़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, तो वह सीधे उपायुक्त कार्यालय में संपर्क कर सकता है।

पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर मे 1.78 लाख अति निर्धन परिवारों की पहचान आठ चरणों में की गई है। जिला ऊना में भी आठ चरणों के दौरान 9,559 परिवारों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य उन सभी परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाना है, जो अब तक विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के बजट में घोषित ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना को अब प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से चिन्हित अति निर्धन परिवारों को सामाजिक व आर्थिक संबल प्रदान कर उनकी जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे प्रदेश की समग्र समृद्धि को भी नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, बीडीओ ऊना रमनवीर चौहान, जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित, तहसील कल्याण अधिकारी जतिन्द्र शर्मा, रायपुर सहोड़ा की प्रधान पूजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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स्मार्ट मैनुफैक्चरिंग एवं जैम पोर्टल को लेकर राजीव गांधी कॉमन फैसिलिटी सेंटर बाथू में कार्यशाला आयोजित

ऊना, 11 अगस्त। उद्योग विभाग की ओर से रैंप कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मकता एवं बाजार पहुंच बढ़ाने हेतु आज (मंगलवार) को राजीव गांधी कॉमन फैसिलिटी सेंटर, बाथू में "स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम व सीपी पोर्टल" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र ऊना के प्रबंधक ज्ञान चंद शर्मा ने की। जबकि हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में लगभग 60 एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया।

प्रबंधक डीआईसी ज्ञान चंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जेम पोर्टल एमएसएमई के लिए सरकारी खरीद का पारदर्शी माध्यम है। सभी इकाइयों को इस पर पंजीकरण करवाना चाहिए।

वहीं, हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्राकेश कौशल ने कहा कि अधिक से अधिक एमएसएमई को जेम पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। उन्होंने आरएएमपी टीम से अनुरोध किया कि जो भी इच्छुक उद्यमी हैं, उनका फॉलोअप करके उन्हें आवश्यक सहायता एवं सहयोग प्रदान किया जाए।

कार्यक्रम के पहले सत्र में प्रशिक्षक तुषार शर्मा ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जानकारी दी। उन्होंने उद्योग 4.0, ऑटोमेशन, आईओटी, डेटा आधारित निर्णय और लागत अनुकूलन को उदाहरणों सहित समझाया।

दूसरे सत्र में जेम एवं सीपीपी पोर्टल पर प्रशिक्षण रवि वर्मा द्वारा दिया गया। उन्होंने पंजीकरण, बोली प्रक्रिया, एमएसएमई अनुकूल प्रावधानों और समयबद्ध भुगतान के बारे में बताया। रैंप टीम ने तकनीकी सहायता प्रदान की और कार्यशाला के दौरान 10 उद्यमियों का जेम पोर्टल पर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण किया गया।

इसके अतिरिक्त उद्यमियों ने कार्यशाला में गहरी रुचि दिखाई और फिजिबिलिटी सर्वेक्षण के लिए उत्साह व्यक्त किया। इसके साथ ही प्रश्नोत्तर सत्र में पंजीकृत उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए।