ऊना, 12 अगस्त. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति और परिवार तक पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार काम कर रही है। इसी उद्देश्य से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ पहल के तहत यह जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में बीपीएल परिवारों की जरूरतों और समस्याओं को जाना जा रहा है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जा सके। यह बात विधायक विवेक शर्मा ने ग्राम पंचायत डठवाड़ा में मंगलवार को क्षेत्र की 16 पंचायतों के लिए आयोजित क्लस्टर स्तरीय विशेष जनसंवाद कार्यक्रम में कही।

विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें। उनका लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। प्रदेश सरकार की योजनाओं का केंद्र गरीब, जरूरतमंद और बीपीएल परिवारों का उत्थान है। जनसंवाद के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई पात्र परिवार जानकारी के अभाव अथवा किसी अन्य कारण से सरकारी योजना के लाभ से वंचित तो नहीं है, ताकि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें उनका अधिकार दिलाया जा सके।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा कहा है कि हमारी सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई है। इसी सोच के साथ उन लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है, जो अभी तक विकास और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इसी जनकल्याणकारी सोच के तहत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में करीब 6 हजार निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ घोषित कर उनके अभिभावक के रूप में हिमाचल सरकार उनकी शिक्षा, रहने-खाने, देखभाल, विवाह, रोजगार और आवास जैसी आवश्यकताओं की जिम्मेदारी उठा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के कठिन समय में भी प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रभावित परिवारों की मदद की और उन्हें संकट से उबारने के लिए हरसंभव प्रयास किए।
केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आपदा राहत के तौर पर हिमाचल को 1,500 करोड़ रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन यह राशि अभी भी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किए गए इस वादे का हिसाब भी प्रदेश की जनता के सामने आना चाहिए।

विवेक शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति देने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए करीब 300 कनाल भूमि चिन्हित की गई है। बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 75 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसके अलावा पेयजल और सड़क क्षेत्र में भी विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को देखते हुए करीब 46 करोड़ रुपये की नई पेयजल योजना प्रस्तावित है। इसकी स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद योजना पर काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि क्षेत्र के प्रत्येक परिवार तक बुनियादी सुविधाएं और विकास का लाभ पहुंचे।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पात्र बीपीएल परिवारों को घर उपलब्ध करवाने की दिशा में भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अपना परिवार सुखी परिवार के तहत ऐसे परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने के साथ साथ 300 यूनिट फ्री बिजली और पात्रतानुसार 1,500 रुपये मासिक सहायता का लाभ भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखुविन्द्र सिंह सुक्खू की सोच के अनुरूप जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि सभी पात्र लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिले। ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ अभियान के तहत चिन्हित परिवारों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

कार्यक्रम में स्थानीय प्रधान चन्नन सिंह ने विधायक विवेक शर्मा और उपायुक्त जतिन लाल का स्वागत किया। जिला परिषद सदस्य सुमित शर्मा, एसडीएम अभिषेक मित्तल, ब्लॉक सोशल एजुकेटर निशा गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के संबंध में लोगों को बताया। लोगों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव विधायक एवं अधिकारियों के समक्ष रखे।
कार्यक्रम के उपरांत विधायक विवेक शर्मा ने लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद विधायक ने समूरकलां में क्षेत्र की आठ पंचायतों के लिए आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में भी भाग लिया तथा लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।