स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर कर्मवीरों का सम्मान
UNA, 15.08.26-जिला स्वतंत्रता दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य और उपलब्धियां हासिल करने वालों को आयुष, यवुा सेवाएं एवं खेल मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। इनमें स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी डयूटी पूरी ईमानदारी, कत्र्तव्यनिष्ठा तथा उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीएचसी बसदेहड़ा के चिकित्सा अधिकारी डाॅ मोहिद्र कौशल, पीएचसी बढ़ेड़ा राजपूतां डाॅ साहिल कौंडल, सीएचसी कुगड़त से डाॅ संजीव धीमान, पीएचसी बाथड़ी से चिकित्सा अधिकारी डाॅ रुचि, बीएमओ बसदेहड़ा डाॅ रामपाल शर्मा, बीएमओ हरोली डाॅॅ शिंगारा सिंह, बीएमओ गगरेट, डाॅ पंकज पराशर, जिला ऊना के नोडल अधिकारी डाॅ राहुल कौंडल, चिकित्सा अधिकारी डाॅ राज कुमार, डाॅ अंजू सोनी, डाॅ राहुल कतना, बंगाणा के डाॅ अशोक, रिता देवी और गुलशन कुमार शामिल हैं। वहीं, आयुष विभाग में बेहतरीन सेवाएं देने के लिए डाॅ अरविंद कुमार, डाॅ अमनदीप सौंखला, डाॅ धीरज संधू और दीपिका भारद्वाज को सम्मानित किया गया। पशुपालन क्षेत्र में सैंकडों पशुओं का उपचार करके उन्हें नया जीवन देने के लिए डाॅ निशांत दीप सिंह, डाॅ शिल्पा गुप्ता और मुकेश कुमार को सम्मानित किया गया।
पुलिस विभाग में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पूर्व में अंब क्षेत्र में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर और वर्तमान में नगर निगम दिल्ली की डिप्टी असिस्टिेंट कमीश्नर वसूधा सूद, निरीक्षक प्रकाश चंद, सहायक निरीक्षक अनिता देवी, सहायक निरीक्षक पवन कुमार, एचएचसी कांस्टेबल बलविंद्र कुमार, इंस्पेक्टर गौरव भारद्वाज, निरीक्षक सुनील कुमार, सहायक निरीक्षक दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल जरनेल सिंह, एचएचसी सौरभ कुमार, कांस्टेबल अजय कुमार, राकेश चदं, जसवीर सिंह, राफीक मोहम्मद और रवि बेद्दी को सम्मानित किया गया। होम गार्ड से एचएचजी केशव कुमार, एसएल अश्वनी कुमार, हवलदार रोहित कुमार, एचएचजी सुभाष चंद, एचएचजी ममता, राधा राणी, गुरभाग सिंह, फायरमेन राकेश कुमार, रविंद्र कुमार और चंद्रमोहन शामिल हैं।
खेल क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कुश्ती कोच, प्रिंस पठानिया, युवा आॅर्गेनाइजर दीपक कुमार, एथलेटिक्स कोच राकेश कुमार, बाॅलीवाल कोच तपे राम ठाकुर, सुमित ठाकुर, साहित कुमार, मोहित कुमार, तरूण कुमार, अनमोल शर्मा और रवीना कुमारी शामिल हैं।
साथ ही, जिला ऊना से 4 सदस्यीय टीम ने असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करवाकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने लगातार 10 दिनों तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहकर पीड़ित परिवारों की सेवा और सहायता में अपना योगदान दिया। इस सराहनीय सेवा कार्य में ऊना के वरिष्ठ पत्रकार विशाल स्याल, देवभूमि फाउंडेशन के चेयरमैन प्रिंस ठाकुर तथा संस्था के सदस्य रजिंदर कुमार (गगरेट) और दिनेश कुमार (बहडाला) शामिल रहे। इन सभी ने विपरीत परिस्थितियों के बीच जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने और उनकी हरसंभव मदद करने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के विद्युत विंग ऊना से दविंद्र कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल एसके कालिया, शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त सतीश कुमार, विद्युत विभाग से मनोज कुमार, नगर निगम ऊना से जमादार मंगत राम, टिक्का, किशोर कुमार, कुलदीप कुमार, राज कुमार और सामथ्र्य योजना के लाभार्थी तान्या भारद्वाज, तान्या पुरी, कंचन पुरी, जानवी शर्मा, प्रियंका शर्मा, कनिका शर्मा, प्रिंया शर्मा, संमीत कौर, पायल शर्मा, रितु देवी, साक्षी, लवनित कुमारी, ज्योति, भारती पटियाल, आरती, तन्वी, वरिंदा, हरमीत कौर, कृतिका, रानी, हीना कुमारी, प्रियंका, अकांशा चैधरी, पलक, तमना, काजल देवी, सुहानी, आंचल, कल्पना शर्मा, अंजली सैणी, लवप्रीत, रिया सैणी, कंगणा रायजादा, कशिश अमृत, मधू देवी, अंजली, प्रिया, कशिश, अनीता, रमन झांगरी, दिव्या वर्मा, साक्षी शर्मा, श्रेया शर्मा, अंजली, प्रिया चैधरी, मरीचिका, प्रियंका ठाकुर, नंदनी चैधरी व भावना कुमारी को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर जिला रेड क्राॅस सोसाइटी द्वारा डाले गए लक्की ड्राॅ भी निकाले गए।
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स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा ऊना
आयुष एवं युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा ने फहराया तिरंगा, मार्च पास्ट की ली सलामी
बोले..आत्मनिर्भर एवं समृद्ध हिमाचल के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार
ऊना, 15 अगस्त. भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऊना देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊना के प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। उन्होंने जिलावासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में विभिन्न विभागों की विकासात्मक योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया।
इससे पहले आयुष एवं युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री ने एमसी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा
समारोह को संबोधित करते हुए यादविन्द्र गोमा ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र रक्षा में जीवन लगाने वाले वीर जवानों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। हिमाचल प्रदेश ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश की सीमाओं की सुरक्षा तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश के वीर सपूतों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए देश की आन-बान-शान की रक्षा की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों, उनके आश्रितों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सम्मान एवं सुविधा के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए बढ़ाई पुरस्कार राशि
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन करने के लिए खेल प्रतिभाओं को हरसंभव प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की गई है। रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। एशियाई खेलों, पैरा एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं के लिए भी पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
आयुष और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
आयुष मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को भी सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आयुष और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार दोनों क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक मशीनरी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है और आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचैक मेडिकल कॉलेज तथा चमियाणा अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी शीघ्र यह सुविधा शुरू की जाएगी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गरीब परिवारों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नई स्वास्थ्य बीमा नीति लाने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।
किसान, बागवान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सरकार की प्राथमिकता
श्री गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों, युवाओं, अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और एकल महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये तथा भैंस के दूध का खरीद मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये तथा पांगी घाटी के जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। पहली बार अदरक के लिए भी 30 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।
शिक्षा में सुधार के साथ युवाओं के लिए नए अवसर
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल कर देश के सामने मिसाल कायम की है। प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में राज्य 21वें स्थान पर था।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया गया है तथा योजना के लिए पारिवारिक आय सीमा 4 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई पैटर्न लागू किया जा रहा है। प्रदेश के करीब 150 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई पैटर्न पर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें ऊना जिला के 8 विद्यालय शामिल हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में इन विद्यालयों में करीब 4 हजार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, जबकि करीब 200 विद्यार्थी निजी स्कूलों से इन विद्यालयों में आए हैं।
सामाजिक सुरक्षा और सुख-आश्रय से संवेदनशीलता को मिला नया आयाम
श्री गोमा ने कहा कि प्रदेश सरकार जरूरतमंद वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऊना जिला में 70,440 पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है, जिस पर इस वर्ष 110 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के माध्यम से निराश्रित बच्चों को परिवार का सहारा दिया जा रहा है। ऊना जिला में अब तक 471 बच्चों को योजना के तहत कवर करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत भी जिला में लगभग 2,200 बच्चों को 2 करोड़ 61 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
राजस्व लोक अदालतों से वर्षों पुराने मामलों का समाधान
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार तहसील और उप-तहसील स्तर पर विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन कर वर्षों से लंबित मामलों का समाधान किया गया है। अब तक इंतकाल के 5 लाख 44 हजार, तकसीम के 36,870, निशानदेही के 63 हजार तथा दुरुस्ती के 19,890 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री और मंत्री गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं।
पर्यटन और हरित ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख माध्यम बनाया जा रहा है। कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरा के बनखंडी में 619 करोड़ रुपये से जूलॉजिकल पार्क का निर्माण किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रोपवे परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में भी सरकार तेजी से कार्य कर रही है। पेखूबेला, भंजाल और अघलौर सौर ऊर्जा परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देते हुए परिवहन निगम के बेड़े में 297 नई ई-बसें शामिल की गई हैं।
विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा ऊना
आयुष मंत्री ने कहा कि ऊना जिला विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान बना रहा है। सरकार ऊना को सौर ऊर्जा कैपिटल के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। पेखूबेला की 32 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना चालू हो चुकी है, जबकि अघलौर और भंजाल परियोजनाएं भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि जिला में औद्योगिक विकास को नई गति दी जा रही है। ऊना में 308 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें करीब 9 हजार लोगों को रोजगार मिला है। हरोली में करीब 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग पार्क प्रदेश के औद्योगिक और रोजगार क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली परियोजना साबित होगा। राज्य सरकार इसमें करीब 1 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि मलाहत में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निर्माण तेजी से प्रगति पर है तथा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पीजीआई के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ओपीडी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। करीब 900 करोड़ रुपये की मंदली-लठियाणी पुल एवं सड़क परियोजना का कार्य भी आरंभ हो चुका है। गोविंद सागर झील के माध्यम से कुटलैहड़ को विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य विकास पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, जबकि प्रथम चरण के करीब 70 करोड़ रुपये के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है।
नशा मुक्त हिमाचल के लिए सामूहिक प्रयास
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेशवासियों के सहयोग से ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान का दूसरा चरण 7 सितंबर, 2026 को ऊना से शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की मजबूती के साथ अवैध खनन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। इस मौके उन्होंने नशा मुक्त हिमाचल अभियान में सहभागिता की शपथ भी दिलाई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर और समृद्ध हिमाचल के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। विकास की इस यात्रा में ऊना जिला की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार ऊना के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सराहनीय सेवाओं का सम्मान
श्री गोमा ने कार्यक्रम में सराहनीय सेवाएं देने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, मानव सेवा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों, सामाजिक संस्थाओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं, खेल जगत की विभूतियों को सम्मानित किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम,जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुमन ठाकुर, एपीएमसी ऊना के अध्यक्ष शिव कुमार सैनी, राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य अशोक ठाकुर, कामरेड जगत राम शर्मा, उपायुक्त ऊना जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ, अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल, नगर निगम ऊना के आयुक्त पृथ्वीपाल सिंह, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।