मनीमाजरा,30 अगस्त - संत निरंकारी सत्संग भवन, मौली जागरां, ब्रांच मनीमाजरा में जोन नं. 2 का इंग्लिश मीडियम समागम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सोलन जोन के जोनल इंचार्ज श्री विवेक कालिया जी ने विशेष तौर पर अध्यक्षता की । समागम में चंडीगढ़, मोहाली, टीडीआई सिटी, खरड़, रोपड़, लालड़ू, पंचकूला, कालका, रायपुर रानी सहित विभिन्न स्थान से श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से पहुंचकर सहभागिता की। समागम में इंग्लिश भाषा के माध्यम से लघु नाटिकाओं, गीतों और आध्यात्मिक विचारों द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाओं व पावन संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।

सत्संग में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का संदेश देते हुए श्री विवेक कालिया जी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही प्रभु परमात्मा की प्राप्ति संभव है। सत्संग, सेवा, सिमरन के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा वर्तमान में समय के सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से सच्चे जिज्ञासु को ब्रह्म ज्ञान सहज रूप से प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने संत कबीर जी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी अपने गुरु रामानंद जी से ब्रह्म ज्ञान प्राप्त किया था। ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति में जाति, रंग या किसी अन्य भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। इसके लिए मन में प्रभु को जानने की सच्ची जिज्ञासा होना आवश्यक है।

विवेक कालिया जी ने सत्संग में मन की एकाग्रता पर जोर देते हुए कहा कि कई बार विचारों या गीतों की पुनरावृत्ति होने पर हमें लगता है कि यह बातें हम पहले सुन चुके हैं और हमारा मन अन्य विचारों की ओर चला जाता है। उन्होंने मोबाइल पर रील देखने का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार पांच मिनट की रील देखते-देखते एक घंटा बीत जाता है, उसी प्रकार यदि हम कुछ समय के लिए सत्संग से मन हटा लेते हैं तो काफी समय बीत जाता है। इसलिए सत्संग में मन को एकाग्र रखकर गुरु के चरणों और विचारों से जोड़ना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अनुसार मानव जीवन प्रभु परमात्मा की प्राप्ति के लिए मिला है, केवल सांसारिक सुख-सुविधाएं अर्जित करने के लिए नहीं। इसलिए हमारा लक्ष्य ब्रह्म ज्ञान प्राप्त करना और सतगुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर जीवन व्यतीत करना होना चाहिए।

इस अवसर पर चंडीगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज श्री ओ पी निरंकारी जी ने जहाँ सोलन जोन के जोनल इंचार्ज श्री विवेक कालिया जी का अभिनंदन शुक्रिया किया उसके साथ विभिन्न स्थानों से पहुंचे सभी संयोजक एवं मुखी महात्माओं तथा भारी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं का एवं स्थानीय मुखी तथा कार्यकर्ताओं आभार व्यक्त किया।